वाशिंगटन:अमेरिका के बाद अब लैटिन अमेरिका के आसमान में भी एक गुब्बारा उड़ता हुआ नजर आया है। पेंटागन के प्रेस सचिव ब्रिगेडियर जनरल पैट राइडर ने कहा कि हमें रिपोर्ट मिल रही है कि लैटिन अमेरिका से एक और गुब्बारा आ रहा है। उन्होंने कहा- हमें अंदाजा है कि यह कोई और स्पाई बैलून है, जो चीन का ही है। हम एक गुब्बारे के लैटिन अमेरिका से गुजरने की रिपोर्ट देख रहे हैं। अब हम आकलन करते हैं कि यह एक और चीनी निगरानी गुब्बारा है। हमारे पास इस समय प्रदान करने के लिए और कोई जानकारी नहीं है ब्रिगेडियर। जनरल पैट राइडर ने कहा।
अमेरिका और चीन के बीच तल्खी तेज
बता दें चीनी गुब्बारा कनाडा, यूएस और अब लैटिन अमेरिका के ऊपर मंडरा रहा है। दूसरी तरफ चीन ने इस दावे को खारिज किया कि यह जासूसी गुब्बारा है। अमेरिका और चीन के बीच तल्खी तेज हो गई है। चीनी गुब्बारा दिखने का प्रकरण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में दक्षिण चीन सागर में चीन की ताकत को चुनौती देने के लिए अमेरिका फिलीपींस में अपनी सैन्य टुकड़ियां भेज रहा है। फिलीपींस में अमेरिका के 9 सैन्य अड्डे बन चुके हैं। जिस पर चीन ने हाल ही में नाराजगी जताई थी।
गुब्बारे को नष्ट करने से घबरा रहा अमेरिका
एक रक्षा अधिकारी ने बताया अमेरिकी उत्तरी कमान नासा के साथ समन्वय कर रही है ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि यदि संयुक्त राज्य अमेरिका के ऊपर घूम रहे गुब्बारे को मार गिराया जाए तो मलबे से जमीन पर कितना नुकसान होगा? अमेरिका को डर है कि गुब्बारा का साइज काफी बड़ा है और अगर इसे नष्ट किया जाता है तो इसका मलबा जमीन पर काफी नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया कि यह गुब्बारा आसमान में 60 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा है। इसलिए इससे अभी कोई खतरा नहीं है। लेकिन, फिर भी अमेरिका चीन की इस हरकत पर तिलमिलाया हुआ है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अमेरिकी हवाई क्षेत्र में संदिग्ध चीनी जासूसी गुब्बारे देखे जाने के बाद अपनी चीन यात्रा स्थगित कर दी थी। पेंटागन द्वारा आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद यह निर्णय लिया गया कि तीन बसों के आकार का एक चीनी जासूसी गुब्बारा अमेरिकी हवाई क्षेत्र में देखा गया था।
चीन का दावा-यह केवल एक नागरिक हवाई पोत है
वहीं चीन की ओर से बयान जारी किया गया है। जिसमें कहा है कि खुफिया जानकारी जुटाने के लिए अमेरिका जिसे जासूसी का गुब्बारा कह रहा है। वह केवल एक असैन्य हवाई पोत है, जो अपने तय मार्ग से भटक गया है। इसका उपयोग केवल मौसम की जानकारी के लिए किया जाता है।
मोंटाना कैसे और क्यों पहुंचा गुब्बारा
पलटवार करते हुए अमेरिकी अफसर ने कहा- अगर ये सिविलियन बैलून है तो 6 हजार किलोमीटर दूर मोंटाना कैसे और क्यों पहुंचा। पेंटागन ने कहा- इसे जासूसी के लिए अमेरिका भेजा गया था।





