चीन ने नेपाल को जलवायु निगरानी और पूर्वानुमान उत्पाद दिए

चीनी राष्ट्रीय मौसम विज्ञान प्रशासन (CMA) से बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार, चीन-नेपाल
सीमा पर स्थित चीलोंग-रसुवागढी बंदरगाह पर गंभीर भूस्खलन की घटना के बाद चीन के राष्ट्रीय
जलवायु केंद्र ने आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू की। केंद्र ने चीन के स्मार्ट मौसम पूर्वानुमान कार्यक्रम
'माजू' (Mazu) के नेपाल क्लाउड कस्टमाइज्ड संस्करण से जुड़े जलवायु उत्पादों का इस्तेमाल किया।
इसके जरिए प्रभावित क्षेत्र और आसपास के इलाकों के लिए जलवायु विश्लेषण और विस्तारित
अवधि के पूर्वानुमान लगातार तैयार कर नेपाल को उपलब्ध कराए गए, ताकि वहां राहत कार्यों में
मदद मिल सके।

CMA के समन्वित निर्देशन में 'माजू' के नेपाल क्लाउड संस्करण के जरिए राष्ट्रीय जलवायु केंद्र ने
नेपाल को दो प्रमुख श्रेणियों, जलवायु निगरानी और जलवायु पूर्वानुमान, के उत्पाद लगातार उपलब्ध
कराए।

जलवायु निगरानी के तहत केंद्र ने तापमान, वर्षा और मिट्टी में सूखे की स्थिति समेत पांच प्रकार के
दैनिक निगरानी उत्पाद तैयार किए। इसके अलावा, एल-नीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) और
उष्णकटिबंधीय वायुमंडलीय अंतर-मौसमी दोलन (MJO) जैसे 10 प्रकार के जलवायु सूचकांक उत्पाद
भी तैयार किए गए।

वहीं, जलवायु पूर्वानुमान के तहत केंद्र ने एआई आधारित जलवायु पूर्वानुमान मॉडल 'फंगशुन' के
आधार पर नेपाल को अगले 60 दिनों के दैनिक तापमान और वर्षा के पूर्वानुमान उपलब्ध कराए।
साथ ही, ENSO और MJO जैसी जलवायु घटनाओं के पूर्वानुमान भी दिए गए।
इसके अलावा, राष्ट्रीय जलवायु केंद्र ने 'थर्ड पोल' क्षेत्रीय जलवायु केंद्र की भूमिका निभाते हुए नेपाल
की जरूरतों के अनुसार 28 अगस्त से अगले 15 से 30 दिनों की विस्तारित जलवायु प्रवृत्ति का
नियमित पूर्वानुमान भी उपलब्ध कराया। इससे नेपाल में चल रहे राहत कार्यों को मौसम संबंधी
जानकारी और सहायता मिल सकेगी।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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