चीनी प्रधान मंत्री ने ताजिकिस्तान के प्रधान मंत्री और राष्ट्रपति के साथ वार्ता की

चीनी प्रधान मंत्री ली छ्यांग ने 18 अक्तूबर की दोपहर के बाद दुशानबे
में ताजिकिस्तान के प्रधान मंत्री कोहिर रसूलज़ोदा के साथ वार्ता की।
ली छ्यांग ने कहा कि चीनी जनता और ताजिकिस्तानी जनता के बीच
हमेशा मैत्रीपूर्ण भावना बनी रही है। इधर कुछ साल दोनों देशों के
राष्ट्राध्यक्षों के रणनीतिक मार्गदर्शन में चीन-ताजिकिस्तान सम्बंध का
उच्च स्तरीय विकास होता रहा और विभिन्न क्षेत्रों का द्विपक्षीय सहयोग
निरंतर गहरा होता जा रहा है। अगले साल दोनों देशों के राजनयिक
सम्बंध की स्थापना की 35वीं वर्षगांठ है। चीन ताजिकिस्तान के साथ
पारस्परिक रणनीतिक विश्वास गहराकर एक दूसरे का डटकर समर्थन
करते हुए दोनों देशों के चौतरफा सहयोग को नयी मंजिल पर पहुंचाने को
तैयार है ताकि अधिक व्यावहारिक उपलब्धियां प्राप्त हों और दोनों देशों
की जनता को अधिक कल्याण मिले।

ली छ्यांग ने कहा कि चीन ताजिकिस्तान के साथ विकास रणनीति के
जुड़ाव को मजबूत कर उच्च गुणवत्ता से बेल्ट एंड रोड सहनिर्माण बढ़ाने
का उत्सुक है। चीन ताजिकिस्तान से अधिक अच्छी वस्तुओं का आयात
करने के साथ चीनी उद्यमों को ताजिकिस्तान में पूंजी लगाने का
प्रोत्साहन करता है। वर्तमान में जटिल अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति के बीच
वैश्विक दक्षिण के अहम सदस्यों के नाते चीन और ताजिकिस्तान को
एकजुट होकर दोनों देशों के समान हितों और अंतरराष्ट्रीय न्याय व
निष्पक्षता की सुरक्षा करनी चाहिए।

रसूलज़ोदा ने कहा कि दोनों देशों के राष्ट्राध्यत्रों के समान मार्गदर्शन में
ताजिकिस्तान-चीन सम्बंध इतिहास में सबसे अच्छे स्तर पर हैं।
ताजिकिस्तान सक्रियता से चीन के साथ चौतरफा सहयोग चलाते हुए
उच्च गुणवत्ता से बेल्ट एंड रोड सह निर्माण बढ़ाने को तैयार है।
वार्ता के बाद दोनों प्रधान मंत्रियों की उपस्थिति में बुनियादी ढांचे का
निर्माण, शिक्षा, भ्रष्टाचार का विरोध, मानकीकरण सहयोग आदि क्षेत्रों के
कई दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किये गये।

उधर, चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने 19 अक्तूबर को ताजिकिस्तान की
राजधानी दुशांबे में राष्ट्रपति एमोमाली रहमान से मुलाकात की।
इस मौके पर ली छ्यांग ने कहा कि अब चीन और ताजिकिस्तान साझे
भविष्य वाले समुदाय का निर्माण बढ़ा रहे हैं। इस साल मई में चीनी
राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति एमोमाली रहमान से
मुलाकात की थी और द्विपक्षीय संबंधों के विकास की योजना बनाई। चीन
ताजिकिस्तान के साथ मित्रता को मूल्यवान समझता है और हमेशा
रणनीतिक व दूरदर्शी दृष्टिकोण से ताजिकिस्तान के साथ संबंधों का
विकास करता है। चीन ताजिकिस्तान के साथ आपसी राजनीतिक विश्वास
मजबूत करने के साथ एक दूसरे के मूल हितों का दृढ़ समर्थन करना
चाहता है।

ली छ्यांग ने कहा कि चीन ताजिकिस्तान के साथ व्यापार का विस्तार
करना चाहता है और बुनियादी संस्थापन, हरित खनिज और अंतर्संबंध
आदि क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करना चाहता है। चीन वर्तमान एससीओ
प्रधानमंत्री सम्मेलन के सफल आयोजन में ताजिकिस्तान का समर्थन
करेगा और ताजिकिस्तान के साथ यूएन व चीन-मध्य एशिया समेत
बहुपक्षीय व्यवस्थाओं में संपर्क और सहयोग मजबूत करने का इच्छुक है।
वहीं, रहमान ने कहा कि ताजिकिस्तान हमेशा चीन के साथ संबंधों पर
ध्यान देता है और चीन के साथ अर्थव्यवस्था, व्यापार, उद्योग, कृषि,
ऊर्जा खनिज, अंतर्संबंध और एआई आदि क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता
है। ताजिकिस्तान राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तुत चार वैश्विक पहलों
का दृढ़ समर्थन करता है और चीन के साथ यूएन, एससीओ व चीन-मध्य
एशिया व्यवस्था में बहुपक्षीय सहयोग मजबूत करना चाहता है।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

 

 

 

 

 

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