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चीन की "नई तीन चीजें" दुनिया भर में इतनी लोकप्रिय क्यों हो गई हैं?

DigitalDesk by DigitalDesk
July 30, 2026
in मुख्य समाचार
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चीन की "नई तीन चीजें" दुनिया भर में इतनी लोकप्रिय क्यों हो गई हैं?
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ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में चीन के विकसित किए गए सफाई रोबोट अब दीवारों और छतों पर
चढ़कर काम कर रहे हैं। ये रोबोट ऊंचाई पर होने वाले जोखिम भरे सफाई कार्यों में इंसानों की जगह
ले रहे हैं। वहीं ब्राज़ील में चीन के बड़े एआई मॉडल स्थानीय बिजली ग्रिड के रखरखाव में मदद कर रहे
हैं और जटिल परिस्थितियों में निरीक्षण की चुनौतियों का समाधान कर रहे हैं। इसके अलावा,
शांगहाई में विकसित एक नवोन्मेषी दवा कैप्सूल को वैश्विक उपचार संबंधी आधिकारिक
दिशानिर्देशों में शामिल किया गया है, जिससे मरीजों के लिए नई उम्मीद जगी है।
आज रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई और नवोन्मेषी दवाएं चीन की "नई तीन चीज़ें"
बनकर दुनिया भर में तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। यही क्षेत्र अब चीन के विदेशी व्यापार की नई
पहचान भी बनते जा रहे हैं। इस साल की पहली छमाही मेंचीन के औद्योगिक रोबोट के निर्यात में 18.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और इनका निर्यात141 देशों और क्षेत्रों तक पहुंच गया। वहीं सर्जिकल रोबोट के निर्यात में पिछले साल की समानअवधि की तुलना में 3.3 गुना वृद्धि हुई। दूसरी ओर, वैश्विक एआई मॉडल एग्रीगेशन प्लेटफॉर्म
ओपनराउटर (OpenRouter) के अनुसार, जुलाई के तीसरे सप्ताह में चीन के बड़े एआई मॉडल का
उपयोग 361.1 खरब शब्दों तक पहुंच गया। इसके साथ ही चीन लगातार बारहवें सप्ताह दुनिया के
अग्रणी प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखने में सफल रहा।
इसी तरह, इस साल की पहली छमाही में चीन सरकार द्वारा मंजूर की गई सभी 11 नई लक्षित और
नई कार्यप्रणाली वाली नवोन्मेषी दवाएं चीनी दवा कंपनियों ने विकसित कीं। इस दौरान चीनी
नवोन्मेषी दवाओं से जुड़े लाइसेंसिंग समझौतों का कुल मूल्य लगभग 110 अरब अमेरिकी डॉलर तक
पहुंच गया, जो पिछले पूरे साल के कुल मूल्य का 80 प्रतिशत है। वैश्विक दवा सौदों की शीर्ष दस
रैंकिंग में से आठ स्थान चीनी दवा कंपनियों के नाम रहे।
सवाल यह है कि यह बड़ी छलांग आखिर आई कहां से? इसका पहला कारण है कि चीन ने तकनीकी

क्रांति और औद्योगिक बदलाव के नए दौर को समय रहते समझा और उसे अपनाया। दूसरा कारण
है उच्च स्तरीय तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैज्ञानिक क्षमता को लगातार मजबूत करने की उसकी
नीति।
पिछले पांच वर्षों में चीन का कुल अनुसंधान एवं विकास व्यय औसतन 10 प्रतिशत की वार्षिक दर से
बढ़ा है, जिससे वह इस क्षेत्र में दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि
"मेड इन चाइना" के लगातार उन्नयन के पीछे मजबूत औद्योगिक व्यवस्था, अनुसंधान एवं विकास
में निरंतर निवेश और विशाल घरेलू बाजार की अहम भूमिका है। साथ ही यह चीन की जनता के
लगातार प्रयासों, आत्मनिर्भरता और खुले सहयोग की नीति का भी परिणाम है।
इन "नई तीन चीज़ों" ने न सिर्फ चीन की आर्थिक वृद्धि को नई गति दी है, बल्कि दूसरे देशों के
विकास में भी अहम योगदान दिया है। रोबोटिक्स के क्षेत्र में मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के
अनुसार, यदि चीन की भागीदारी न होती तो टेस्ला के दूसरी पीढ़ी के ह्यूमनॉइड रोबोट ऑप्टिमस
प्राइम की आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने की लागत कई गुना बढ़ जाती। वहीं एआई के क्षेत्र में चीन
ओपन सोर्स इकोसिस्टम को बढ़ावा दे रहा है, जिससे दुनिया भर के लघु एवं मध्यम उद्योगों और
विकासशील देशों को कम लागत पर उन्नत कंप्यूटिंग क्षमता मिल रही है। चिकित्सा क्षेत्र में भी चीन
ने स्वतंत्र अनुसंधान एवं विकास और डिजिटल उत्पादन के जरिए दवा विकसित करने की अवधि
और लागत दोनों में उल्लेखनीय कमी की है।
इसके साथ ही चीन की "नई तीन चीज़ों" ने अत्याधुनिक तकनीकों तक पहुंच को पहले की तुलना में
काफी आसान बना दिया है। इससे उन्नत तकनीक अधिक लोगों तक पहुंच रही है और उसके लाभ
भी व्यापक स्तर पर साझा किए जा रहे हैं।
दक्षिणपूर्व एशिया में चीनी एआई लघु एवं मध्यम उद्योगों को डिजिटल बदलाव में मदद कर रहा है
और डिजिटल अंतर को कम कर रहा है। थाईलैंड में चीनी चिकित्सा रोबोट लगातार दवाएं और जांच
के नमूने पहुंचा रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव कम हुआ है। वहीं दक्षिण अमेरिका में
टेलीमेट्री तकनीक पर आधारित चीनी कंपनियों की राइड हाइलिंग ऑर्डर आवंटन प्रणाली ने
मोटरसाइकिल टैक्सी और डिलीवरी जैसी नई सेवाओं को बढ़ावा दिया है। इन समाधानों ने वैश्विक
दक्षिण के देशों में आर्थिक विकास और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान
दिया है।

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इससे भी अहम बात यह है कि जहां कुछ पश्चिमी देश नई तकनीकों के क्षेत्र में बाधाएं खड़ी कर रहे हैं,
वहीं चीन खुले नवाचार की नीति पर आगे बढ़ रहा है और दुनिया के लिए सहयोग के नए अवसर पैदा
कर रहा है। फिलहाल दुनिया भर में चीन के ओपन सोर्स एआई मॉडल 10 अरब से अधिक बार
डाउनलोड किए जा चुके हैं। फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, Pinterest और Airbnb
जैसे अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म अपने उत्पादों और सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लंबे समय से चीनी
ओपन सोर्स मॉडल का उपयोग कर रहे हैं।
हाल ही में शांगहाई में विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहयोग संगठन की स्थापना भी हुई है, जिसे एआई
विकास के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह संगठन अंतरराष्ट्रीय समुदाय
के साथ मिलकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुरक्षित और व्यवस्थित विकास को आगे बढ़ाएगा। वहीं
नवोन्मेषी दवाओं के क्षेत्र में चीनी दवा कंपनियां स्वतंत्र अनुसंधान एवं विकास के साथ साथ
लाइसेंसिंग, संयुक्त विकास और संयुक्त उद्यम जैसे माध्यमों से वैश्विक दवा प्रौद्योगिकी और
नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूत कर रही हैं।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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