चीन की ‘नई तीन चीज़ें’ बनीं वैश्विक पहचान: AI, रोबोट और नवोन्मेषी दवाओं ने बदली निर्यात की तस्वीर

China New Three Emerge as a Global Trademark

इलेक्ट्रिक वाहनों के बाद अब हाई-टेक उत्पादों पर दुनिया की नजर, चीन के विदेशी व्यापार को मिला नया इंजन

बीजिंग। चीन का विदेशी व्यापार तेजी से नए दौर में प्रवेश कर रहा है। पिछले दो वर्षों तक इलेक्ट्रिक यात्री वाहन, लिथियम बैटरियां और सौर सेल चीन के निर्यात की “नई तीन चीज़ें” मानी जाती थीं। लेकिन वर्ष 2026 की पहली छमाही में यह तस्वीर बदलती दिखाई दे रही है। अब रोबोट, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और नवोन्मेषी दवाएं चीन के विदेशी व्यापार की नई पहचान बनकर उभरी हैं। ये तीनों क्षेत्र केवल निर्यात बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था और तकनीकी प्रतिस्पर्धा की दिशा भी तय कर रहे हैं।

चीन के उद्योग जगत का मानना है कि देश अब पारंपरिक विनिर्माण से आगे बढ़कर उच्च तकनीक, अनुसंधान और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। यही कारण है कि दुनिया भर में चीनी हाई-टेक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।

एआई में चीन का बढ़ता वैश्विक दबदबा

वैश्विक एआई मॉडल एग्रीगेशन प्लेटफॉर्म ओपनराउटर के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई के तीसरे सप्ताह में चीन के बड़े एआई मॉडलों की साप्ताहिक कॉल मात्रा 36.11 ट्रिलियन शब्द इकाइयों तक पहुंच गई। यह पिछले सप्ताह की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक वृद्धि है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चीन लगातार 12 सप्ताह से इस क्षेत्र में दुनिया में पहले स्थान पर बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, अब एआई का वैश्विक विस्तार केवल सॉफ्टवेयर बेचने तक सीमित नहीं है। इसमें एल्गोरिदम विकास, बड़े भाषा मॉडल, क्लाउड आधारित सेवाएं, मॉडल कॉलिंग और बुद्धिमान एजेंट जैसी डिजिटल क्षमताएं भी शामिल हैं, जिनमें चीन तेजी से अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहा है।

रोबोट उद्योग ने पकड़ी रफ्तार

चीन का रोबोट उद्योग भी वैश्विक बाजार में तेज़ी से विस्तार कर रहा है। वर्ष की पहली छमाही में सफाई रोबोट और बुद्धिमान बायोनिक रोबोट का निर्यात 18.09 अरब आरएमबी तक पहुंच गया। वहीं, औद्योगिक रोबोट का निर्यात 18.6 प्रतिशत बढ़कर 6.29 अरब आरएमबी हो गया। ये रोबोट दुनिया के 141 देशों और क्षेत्रों में भेजे गए, जो चीन की बढ़ती तकनीकी क्षमता का संकेत है। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी चीन ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सर्जिकल रोबोट का निर्यात पिछले वर्ष की तुलना में 3.3 गुना बढ़कर 480 मिलियन आरएमबी तक पहुंच गया। इसके साथ ही इनका निर्यात बाजार 23 देशों से बढ़कर 49 देशों तक फैल गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक स्वचालन, चिकित्सा तकनीक और स्मार्ट विनिर्माण की बढ़ती वैश्विक मांग से चीन के रोबोट उद्योग को आने वाले वर्षों में और गति मिल सकती है।

दवा अनुसंधान में भी नई छलांग

चीन की नवोन्मेषी दवा कंपनियां भी अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। पहले नई दवाएं चीन में विकसित होने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति का इंतजार करती थीं, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। कई मामलों में वैश्विक बाजार चीन में विकसित नई दवाओं और उनके अनुमोदन पर नजर रख रहा है। वर्ष की पहली छमाही में राष्ट्रीय चिकित्सा उत्पाद प्रशासन ने 38 प्रथम श्रेणी की नवोन्मेषी दवाओं को मंजूरी दी। इनमें 11 दवाएं वैश्विक स्तर पर पूरी तरह नई हैं, जिनमें नए लक्ष्य और नई उपचार पद्धतियां शामिल हैं। उल्लेखनीय बात यह है कि इन सभी दवाओं का विकास घरेलू चीनी दवा कंपनियों ने स्वतंत्र रूप से किया है। यह उपलब्धि चीन के जैव-प्रौद्योगिकी और फार्मास्यूटिकल अनुसंधान क्षेत्र की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है।

निर्यात की नई रणनीति

विशेषज्ञों के अनुसार, चीन के निर्यात की संरचना में यह बदलाव केवल उत्पादों का परिवर्तन नहीं, बल्कि आर्थिक रणनीति का भी संकेत है। पहले जहां चीन की पहचान कम लागत वाले विनिर्माण केंद्र के रूप में होती थी, वहीं अब वह उच्च मूल्य वाले तकनीकी उत्पादों, डिजिटल सेवाओं और अनुसंधान आधारित उद्योगों पर जोर दे रहा है। इलेक्ट्रिक वाहन, लिथियम बैटरियां और सौर सेल ने हरित ऊर्जा के क्षेत्र में चीन को मजबूत बनाया था। अब एआई, रोबोटिक्स और नवोन्मेषी दवाएं भविष्य की अर्थव्यवस्था में चीन की नई ताकत बनती दिखाई दे रही हैं।

भविष्य की ओर बढ़ता चीन

विश्लेषकों का मानना है कि चीन के “पुराने तीन उत्पादों” से “नई तीन चीज़ों” की ओर बढ़ने का अर्थ केवल निर्यात सूची में बदलाव नहीं है, बल्कि यह देश की औद्योगिक और तकनीकी प्राथमिकताओं में आए बड़े परिवर्तन का संकेत है। हाई-टेक विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और चिकित्सा अनुसंधान में बढ़ते निवेश के साथ चीन वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। यही वजह है कि उसके निर्यात का नया चेहरा अब पारंपरिक उत्पादों की जगह अत्याधुनिक तकनीकों पर आधारित होता जा रहा है।

(साभार: चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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