चीन के राष्ट्रीय पाइपलाइन नेटवर्क समूह (पाइपचाइना) से सोमवार को मिली जानकारी के
मुताबिक, चीन-म्यांमार कच्चे तेल की पाइपलाइन के जरिए अब तक 10 करोड़ टन से अधिक तेल
का परिवहन किया जा चुका है। इससे दक्षिण-पश्चिम चीन के युन्नान प्रांत और आसपास के क्षेत्रों में
तेल एवं गैस संसाधनों के बेहतर वितरण को बढ़ावा मिला है। साथ ही, इस पाइपलाइन ने क्षेत्र के
आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए ऊर्जा की मजबूत आपूर्ति सुनिश्चित करने में भी अहम
भूमिका निभाई है।
यह पाइपलाइन चीन के ऊर्जा आयात के चार प्रमुख मार्गों में से एक है। यह म्यांमार से शुरू होकर
युन्नान प्रांत के रुइली शहर के रास्ते चीन में प्रवेश करती है। चीन में इसका हिस्सा 618 किलोमीटर
लंबा है, जो युन्नान पेट्रोकेमिकल की आनिंग रिफाइनरी तक पहुंचता है। इस पाइपलाइन का
व्यावसायिक परिचालन जून 2017 में शुरू हुआ था।
पाइपचाइना की युन्नान कंपनी के बाजार विभाग के उप प्रबंधक छंग युथाओ ने बताया कि पहले
युन्नान में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति मुख्य रूप से चीन के पूर्वी तटीय क्षेत्रों से सड़क मार्ग के
जरिए की जाती थी। इसमें लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। लेकिन अब इस पाइपलाइन, युन्नान
पेट्रोकेमिकल की स्थानीय रिफाइनरी और दक्षिण-पश्चिम पेट्रोलियम उत्पाद पाइपलाइन के बेहतर
तालमेल से कच्चे तेल के आयात, रिफाइनिंग और पेट्रोलियम उत्पादों को दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचाने की
पूरी व्यवस्था आपस में जुड़ गई है।
हालांकि, युन्नान के पहाड़ी और दुर्गम भूभाग के कारण पाइपलाइन का रखरखाव करना चुनौतीपूर्ण
है। इससे निपटने के लिए संबंधित इकाइयों ने स्मार्ट प्रबंधन व्यवस्था लागू की है। इसके तहत
स्टेशनों का संचालन और निगरानी बिना कर्मचारियों की नियमित तैनाती के की जाती है, जबकि
आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई है। अब तक ऐसे पांच स्मार्ट स्टेशन
बनाए जा चुके हैं। फिलहाल, इस पाइपलाइन के जरिए हर दिन औसतन 35,000 टन कच्चे तेल का
परिवहन किया जा रहा है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)





