चाइना मीडिया ग्रुप की डॉक्यूमेंट्री सीरीज़“ब्रेकिंगथ्रू”, नए युग के लॉन्ग मार्च
पर केंद्रित है और यह लॉन्ग मार्च की भावना को समकालीन चीन के संदर्भ में
प्रस्तुत करती है।
चीन के च्यांगशी प्रांत में, जिन अयस्कों को कभी बेकार चट्टानों के रूप में माना
जाता था, उनकी फिर से जांच की गई और एआई कंप्यूटिंग शक्ति और चिप्स के
पीछे तांबा, दुर्लभ पृथ्वी और टंगस्टन बन गए, जो पहली बार वैश्विक एआई
आपूर्ति श्रृंखला में प्रवेश कर गए।
चीन के कानसू प्रांत के तुनह्वांग में, 12,000 से ज़्यादा हेलियोस्टैट्स (दर्पण)
सूरज की रोशनी को एक ;मोल्टन-साल्ट टावर; पर केंद्रित करते हैं, जिससे गर्मी
और बिजली पैदा होती है। इसका मकसद रेत के तूफानों के बावजूद 24 घंटे स्वच्छ
ऊर्जा की आपूर्ति बनाए रखना है और सैक्सौल(saxaul), ड्रिप सिंचाई और वायु-
रेत गलियारों के माध्यम से मरूद्यान की रक्षा भी की जा सकती है।
वहीं चीन के सछ्वान प्रांत के ल्यांगशान क्षेत्र में, रॉकेट को ऊपर जाते देखकर
बड़ा हुआ एक युवक एयरोस्पेस के क्षेत्र में पढ़ाई करने निकल गये। उसने पहाड़ों
की ओर टकटकी लगाकर देखने वाली अपनी बचपन की नज़रों को ऐसे पंखों में
बदल दिया, जो चीन को ऊंचाइयों तक पहुँचने में मदद कर रहे हैं।
ये कहानियां मिलकर दिखाती हैं कि वह इतिहास आज के चीन को कितना गहराई
से प्रभावित करता है, और यह भी दिखाती हैं कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी चीनी लोग कठिन
चुनावों में सही दिशा पर कैसे डटे रहते हैं, और अनिश्चितता से भरे वातावरण में
कैसे आगे बढ़ते रहते हैं।
(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)