चीन में लॉन्ग मार्च की 90वीं वर्षगांठ पर स्मरणोत्सव, क्रांतिकारी इतिहास और बलिदान को किया जा रहा याद

चीन में वर्ष 2026 ऐतिहासिक लॉन्ग मार्च की विजय की 90वीं वर्षगांठ के रूप में
मनाया जा रहा है। इस अवसर पर चीन के विभिन्न क्षेत्रों और संबंधित विभागों की
ओर से स्मरणोत्सव कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इन
आयोजनों के माध्यम से चीनी क्रांति के इतिहास, रेड आर्मी के संघर्ष और लॉन्ग
मार्च की भावना को याद किया जा रहा है। नेशनल कल्चरल हेरिटेज
एडमिनिस्ट्रेशन अगस्त से अक्टूबर 2026 तक 'लॉन्ग मार्च' से जुड़ी सांस्कृतिक
धरोहरों के संरक्षण और प्रदर्शनी पर केंद्रित एक थीम-आधारित गतिविधि सीज़न
संयुक्त रूप से शुरू करने की योजना बना रहा है। किंगमिंग फेस्टिवल के दौरान,
CMG (चाइना मीडिया ग्रुप) ने AI तकनीक का इस्तेमाल करके बनाई गई एक
डॉक्यूमेंट्री ('फॉर द सेक ऑफ़ सैक्रिफाइस, देयर इज़ ग्रेट एम्बिशन') For the Sake
of Sacrifice, There is Great Ambition का प्रीमियर किया।
बीजिंग के एक मिलिट्री म्यूज़ियम में 'लॉन्ग मार्च' से जुड़ी 300 से ज़्यादा चीज़ों
और ऐतिहासिक दस्तावेज़ों को पहली बार दिखाया जा रहा है। इनसे उस घटना के
बारे में नई जानकारी मिलती है जिसने 20वीं सदी के इतिहास को आकार देने में
मदद की थी।
करीब नौ दशक पहले, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में चीनी मजदूरों और
किसानों की रेड आर्मी ने कठिन परिस्थितियों, दुर्गम पहाड़ी रास्तों, प्रतिकूल
मौसम और अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए ऐतिहासिक लॉन्ग मार्च को
सफलतापूर्वक पूरा किया था। इस अभियान के दौरान सैनिकों को भारी
कठिनाइयों और बड़े बलिदानों से गुजरना पड़ा। लॉन्ग मार्च को विश्व इतिहास की
महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं में गिना जाता है, जिसने चीन की क्रांतिकारी
यात्रा को नई दिशा दी।
संघर्ष से मिली नई दिशा
लॉन्ग मार्च की विजय को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और चीनी क्रांतिकारी आंदोलन

के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है। यह वह दौर था, जब गंभीर
चुनौतियों और कठिनाइयों के बीच क्रांतिकारी आंदोलन ने अपने संगठन को
मजबूत किया और आगे की रणनीति के लिए नई जमीन तैयार की।
इस ऐतिहासिक अभियान ने चीन की राष्ट्रीय स्वतंत्रता और जनता की मुक्ति के
संघर्ष को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चीनी इतिहास में लॉन्ग मार्च
को केवल एक सैन्य अभियान के रूप में नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, संगठनात्मक
क्षमता, सामूहिक प्रयास और विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष जारी रखने के
प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है।
बलिदान से बनी लॉन्ग मार्च की भावना
लॉन्ग मार्च के दौरान चीनी कम्युनिस्टों और रेड आर्मी के सैनिकों ने जिस साहस,
दृढ़ता और त्याग का परिचय दिया, उससे एक विशिष्ट ऐतिहासिक भावना का
निर्माण हुआ, जिसे चीन में ‘लॉन्ग मार्च की भावना’ के रूप में जाना जाता है।
यह भावना कठिनाइयों का सामना करने, सामूहिक लक्ष्य के लिए समर्पित रहने
और चुनौतियों के बीच आगे बढ़ते रहने के संदेश से जुड़ी है। चीन में इसे राष्ट्रीय
चेतना और ऐतिहासिक स्मृति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
चीनी समाज में लॉन्ग मार्च की विरासत को आज भी आने वाली पीढ़ियों के लिए
प्रेरणा के स्रोत के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। स्मरणोत्सव कार्यक्रमों का
उद्देश्य इस ऐतिहासिक अनुभव से नई पीढ़ी को परिचित कराना और देश के
क्रांतिकारी इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
इतिहास से वर्तमान तक प्रेरणा
लॉन्ग मार्च की 90वीं वर्षगांठ चीन के लिए अपने क्रांतिकारी अतीत को याद करने
और उस दौर के संघर्षों तथा बलिदानों पर विचार करने का अवसर है। इस
ऐतिहासिक घटना को चीनी राष्ट्र के पुनरुत्थान की व्यापक यात्रा में एक
महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में भी देखा जाता है।

नौ दशक पहले कठिन परिस्थितियों में शुरू हुआ यह ऐतिहासिक अभियान आज
चीन की सामूहिक स्मृति में दृढ़ संकल्प, साहस और निरंतर प्रयास के प्रतीक के
रूप में मौजूद है। वर्ष 2026 में आयोजित किए जा रहे स्मरणोत्सव कार्यक्रम इसी
ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने और लॉन्ग मार्च की भावना को नई
पीढ़ियों तक पहुंचाने के प्रयास का हिस्सा हैं।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग) (लेखक—देवेंद्र सिंह)

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