चीन में गोल्डन वीक के दौरान दिखा उपभोक्ताओं का उत्साह

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विदेशी दोस्तों के लिए स्वर्णिम सप्ताह शायद एक अनजान शब्द है। यह चीन में राष्ट्रीय
दिवस के आस-पास काम के दिनों को फिर से तय करके बनाई गई सात दिन की छुट्टियां
हैं।

वर्ष 1999 में चीन सरकार ने स्वर्णिम सप्ताहनिर्धारित किया था। यह न सिर्फ़ परिवार के
लोगों के मिलने-जुलने और पर्यटन करने के अवसर है, बल्कि चीन में उपभोक्ता बाजार की
हालत देखने की अहम खिड़की भी है।
अभी अभी समाप्त राष्ट्रीय दिवस के स्वर्णिम सप्ताह से फिर एक बार साफ़ संकेत मिला
है कि चीन में घरेलू मांग में अभी भी बहुत ज़्यादा संभावना है। अर्थव्यवस्था में लगातार
सुधार की हालत अपरिवर्तित बनी हुई है।

आइए, सबसे सहज स्थिति को देखकर शुरुआत करें। हाई-स्पीड रेलवे स्टेशन और हवाई
अड्डे लोगों से भरे हुए थे। लोकप्रिय पर्यटक स्थलों के लिए आरक्षण पूरी तरह से बुक चुके
थे। छोटे शहरों और कस्बों में होटल के कमरे मिलना मुश्किल था। रेस्तरां के बाहर लंबी
लाइनें लग गईं। सिनेमाघर, संग्रहालय, संगीत समारोह और खेल आयोजन भी लोकप्रिय थे।
पहले के खरीदारी में उछाल के मुक़ाबले आज का स्वर्णिम सप्ताह सेवा और अनुभव पर
आधारित खपत पर ज़्यादा ज़ोर देता है।

इसके साथ ही विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वीज़ा मुक्त यात्रा की
नीति और भुगतान में सुविधा के तहत ;चीन में पर्यटन सोशल मीडिया पर चर्चित विषय
बन गया है। उक्त बदलाव बताते हैं कि चीन में खपत रुकी नहीं है, बल्कि इसमें सुधार हो
रहा है।

स्वर्णिम सप्ताह का महत्व सिर्फ़ सात दिनों से कहीं ज़्यादा है। यह परिवहन, रसद, भुगतान
व्यवस्था, दर्शनीय स्थल के प्रबंधन और शहरी सेवा के लिए परीक्षण भी है।

बहुत कम समय में करोड़ों लोगों की आवाजाही से पैदा दबाव हाई-स्पीड रेल, मोबाइल
भुगदान, ई-कॉमर्स और स्थानीय जीवन मंच की सेवा क्षमता का परीक्षण करता है। यह खुद
चीन में आर्थिक बुनियादी संस्थापन और डिजिटल क्षमता का सबूत है।
इसके साथ ही ग्राहकों का उत्साह बड़े शहरों से काउंटी स्तर के बाज़ारों तक फैला। राष्ट्रीय
दिवस की छुट्टियों में छोटी काउंटियों में भी पर्यटकों की भीड़ देखने में मिली। इससे जाहिर
है कि विकास का लाभ अब और व्यापक स्तर पर मिल रहा है। चीन की अर्थव्यवस्था के

लिए खपत विकास के मुख्य इंजन में से एक बन गई है। स्वर्णिम सप्ताह एक ऐसा मौका
है, जिससे दुनिया देख सकता है कि यह इंजन अभी भी चल रहा है।
बेशक, चीनी अर्थव्यवस्था का सही नज़रिया सिर्फ़ एक छुट्टी पर आधारित नहीं हो सकता।
अचल संपत्ति बाजार में बदलाव, स्थानीय सरकार का कर्ज़, बाहरी मांग में उतार-चढ़ाव और
रोज़गार से जुड़े दबाव अभी भी बने हुए हैं। यह सच है कि कुछ उपभोक्ता ज़्यादा समझदार
होते हैं और पैसे वसूल होते हैं। लेकिन स्वर्णिम सप्ताह का मुख्य संदेश यह है कि चीनी
लोग खर्च करने से हिचकिचा नहीं रहे हैं, बल्कि अपनी खपत को लेकर ज़्यादा सोच-
समझकर फ़ैसले ले रहे हैं।
चीन में स्वर्णिम सप्ताह
का प्रभाव दुनिया पर भी डालता है। चीनी पर्यटक अंतर्राष्ट्रीय
उड़ानों और विदेशों की यात्रा पर लौट रहे हैं। चीनी आयातक दुनिया भर से सामान मंगाते
हैं। कॉस्मेटिक्स से लेकर कृषि उत्पादों तक, ऑटोमोबाइल से लेकर पर्यटन सेवा तक
बहुराष्ट्रीय कंपनियां चीनी बाज़ार का महत्व महसूस करती हैं। एक स्थिर और खुला चीन
विश्व अर्थव्यवस्था के लिए लाभ है, न कि जोखिम।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

 

 

 

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