सेना के आधुनिकीकरण पर चीन का फोकस, शी चिनफिंग ने तय किया नया रणनीतिक रोडमैप

China focuses on military

आधुनिक सेना पर बड़ा जोर

चीन के राष्ट्रपति और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के महासचिव शी चिनफिंग ने देश की रक्षा और सैन्य क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले आधुनिकीकरण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में चीन को तकनीकी रूप से सक्षम, आधुनिक और प्रभावी सैन्य व्यवस्था विकसित करनी होगी। इसके लिए राजनीतिक नेतृत्व, तकनीकी नवाचार और सैन्य सुधारों को समानांतर रूप से आगे बढ़ाना आवश्यक है। पेइचिंग में आयोजित सीपीसी केंद्रीय कमेटी के पोलित ब्यूरो के 27वें सामूहिक अध्ययन सत्र में शी चिनफिंग ने यह बात कही। यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब चीन एक अगस्त को मनाए जाने वाले सेना स्थापना दिवस की तैयारियों में जुटा है।

2027 के लक्ष्य पर नजर

शी चिनफिंग ने कहा कि चीन का लक्ष्य निर्धारित समय के भीतर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने तक सेना के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास के लिए मजबूत रक्षा व्यवस्था अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि रक्षा और सेना का आधुनिकीकरण केवल सैन्य ताकत बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चीन के व्यापक आधुनिकीकरण और राष्ट्रीय पुनरोत्थान की रणनीति का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनका कहना था कि आधुनिक सैन्य क्षमता भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक होगी।

स्मार्ट और हाईटेक सैन्य व्यवस्था पर फोकस

बैठक में शी चिनफिंग ने भविष्य के युद्धों की बदलती प्रकृति का उल्लेख करते हुए मानव रहित (अनमैन्ड) और स्मार्ट तकनीकों के सैन्य उपयोग को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने साइबर सूचना प्रणाली, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सैन्य क्षमताओं और डिजिटल नेटवर्क को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं रह गए हैं। इसलिए चीन को ऐसी सैन्य व्यवस्था विकसित करनी होगी, जो सूचना, साइबर सुरक्षा और उन्नत तकनीकों के क्षेत्र में भी मजबूत हो। उनका मानना है कि तकनीकी नवाचार भविष्य की सैन्य शक्ति का सबसे बड़ा आधार बनेगा।

पार्टी नेतृत्व और राष्ट्रीय रणनीति पर जोर

शी चिनफिंग ने दोहराया कि सेना पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का पूर्ण नेतृत्व चीन की सैन्य व्यवस्था का मूल सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जागरूकता और अनुशासन सेना निर्माण की बुनियाद हैं तथा सभी सैन्य सुधार पार्टी के नेतृत्व में ही आगे बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय रणनीतिक क्षमता और रक्षा संसाधनों के बेहतर समन्वय से ही उच्च गुणवत्ता वाले सैन्य आधुनिकीकरण का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इसके लिए रक्षा, उद्योग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों के बीच तालमेल बढ़ाने की आवश्यकता होगी।

सुरक्षा और तकनीक को साथ लेकर आगे बढ़ने की तैयारी

बैठक के दौरान शी चिनफिंग ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी, सशस्त्र पुलिस बल, रिजर्व सैनिकों, मिलिशिया और सैन्य कर्मियों को सेना स्थापना दिवस की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और स्थिरता में सभी सैन्य ब लों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विश्लेषकों के अनुसार, चीन का यह संदेश ऐसे समय आया है जब वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चुनौतियां, नई सैन्य तकनीकों की प्रतिस्पर्धा और क्षेत्रीय रणनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में चीन अपने रक्षा ढांचे को अधिक आधुनिक, तकनीक-आधारित और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है। चीन के नेतृत्व का मानना है कि मजबूत रक्षा व्यवस्था केवल राष्ट्रीय सुरक्षा का ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक आर्थिक विकास, रणनीतिक स्थिरता और वैश्विक भूमिका को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण आधार है। इसी सोच के तहत आने वाले वर्षों में सैन्य आधुनिकीकरण को चीन की प्रमुख राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में शामिल रखा जाएगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

Exit mobile version