चीन के निर्यात ढांचे में कुंजीभूत सुधार
इस साल के पहले तीन महीनों में चीन का वस्तु निर्यात 232 खरब
युवान रहा, जो पिछले साल की समान अवधि से 16.4 प्रतिशत बढ़ा।
इसमें तीसरे तिमाही का निर्यात इतिहास में पहली बार 80 ख़रब
युवान से अधिक हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि से 22
प्रतिशत बढ़ा। उल्लेखनीय बात है कि मकेनिकल तथा इलेक्ट्रिक
उत्पाद, नयी ऊर्जा और कंप्यूटिंग सम्बंधी उत्पाद इस दौर की निर्यात
वृद्धि में मुख्य शक्ति बन गये।
सम्बंधित विशेषज्ञों की नज़र में चीन के निर्यात ढांच में कुंजीभूत
सुधार आया है। पहले चीन का निर्यात पहले के श्रम सघन वस्तुओं
से बड़ी हद तक प्रौद्योगिकी संघन वस्तुओं की ओर परिवर्तित हुआ
है। इस परिवर्तन ने वैश्विक बाजार पर चीनी वस्तुओं की मजबूत
प्रतिस्पर्दाधात्मक शक्ति को सुनिश्चित किया है। इसके साथ चीन के
निर्यात के बाजार ढांचे में स्पष्ट बदलाव भी नजर आया है। पहले
अमेरिका और यूरोप चीन के निर्यात का मुख्य बाजार है, पर वर्तमान
में चीन का निर्यात बेल्ट एंड रोड सह निर्माण देशों, आसियान, मध्य
पूर्व और लैटिन अमेरिका का रुख कर रहा है, जिससे एकल बाजार
पर निर्भर रहने का खतरा कम किया गया है।
चीन के टोंगची विश्वविद्यालय के अर्थव्यवस्था व प्रबंधन कॉलेज के
प्रोफेशर रुआन छिंगसोंग ने बताया कि वर्तमान में चीनी निर्यात
उद्यम मुख्य तौर पर दो पहलुओं पर जोर लगा रहे हैः एक है
उत्पादों का अतिरिक्त मूल्य बढ़ाना और दूसरा है बाजार का
विविधिकरण बनाना।
रुआन छिंगसोंग के विचार में भविष्य में चीनी उद्यमों को पूर्ण
उपकरण और सम्बंधित सेवा के निर्यात पर अधिक ध्यान देना
चाहिए। स्थानीय भंडारण और स्थानीय संचालन से चतुर्मुखी
प्रतिस्पर्द्धात्मक शक्ति और उन्नत करनी चाहिए। इसके अलावा
चीनी उद्यम को ब्रांड निर्माण पर जोर लगाना चाहिए। यह न सिर्फ
तकनीकी सवाल है, बल्कि वाणिज्यिक संचालन का सवाल है। हमें
अंतरराष्ट्रीयकरण की ब्रांड रणनीति से ब्रांड मूल्य बढ़ाना है।





