बीजिंग/बिश्केक। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान चीन ने अपनी कूटनीतिक सक्रियता को तेज करते हुए रूस, पाकिस्तान, ईरान और ताजिकिस्तान के साथ अलग-अलग उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ताएं कीं। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी ने 24 जुलाई को किर्गिस्तान में आयोजित बैठक के दौरान इन चार देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात कर आपसी सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता, सुरक्षा, विकास और वैश्विक चुनौतियों पर व्यापक चर्चा की।
SCO बैठक में चीन की कूटनीतिक सक्रियता
चार देशों के विदेश मंत्रियों से वांग यी की अलग-अलग मुलाकात
रूस, पाकिस्तान, ईरान और ताजिकिस्तान के साथ रणनीतिक सहयोग
क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब एशिया और मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और एससीओ सदस्य देश क्षेत्रीय सहयोग को नई दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं। वांग यी ने प्रत्येक देश के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई तथा साझा हितों के मुद्दों पर समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया।
रूस के साथ रणनीतिक साझेदारी पर जोर
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से बातचीत के दौरान वांग यी ने कहा कि इस वर्ष मई में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के बीच बीजिंग में हुई शिखर वार्ता ने दोनों देशों के संबंधों को नई गति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और दोनों पक्ष अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी करीबी समन्वय बनाए हुए हैं।
वांग यी ने रूस में सितंबर में होने वाले संसदीय चुनावों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चीन रूसी जनता द्वारा स्वतंत्र रूप से किए जाने वाले लोकतांत्रिक निर्णय का सम्मान करता है और रूस की स्थिरता एवं विकास का समर्थन करता है। दोनों नेताओं ने एससीओ और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की।
पाकिस्तान के साथ हर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की बात
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार के साथ मुलाकात में वांग यी ने चीन-पाकिस्तान संबंधों को “हर परिस्थिति के भरोसेमंद साझेदार” की भावना पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता है।
उन्होंने दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद, आर्थिक सहयोग, व्यापार, बुनियादी ढांचा, संपर्क, निवेश और लोगों के बीच आदान-प्रदान को और मजबूत बनाने का आह्वान किया। वांग यी ने कहा कि साझा भविष्य वाले चीन-पाकिस्तान समुदाय के निर्माण की दिशा में दोनों देशों को मिलकर तेज गति से आगे बढ़ना चाहिए।
ईरान से बातचीत में मध्य-पूर्व की शांति पर चिंता
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ बैठक में वांग यी ने मध्य-पूर्व और खाड़ी क्षेत्र में हाल के तनावों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना सभी संबंधित पक्षों की साझा जिम्मेदारी है।
वांग यी ने एक महीने पहले हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह विभिन्न पक्षों के बीच मध्यस्थता और संवाद का महत्वपूर्ण परिणाम है। उनके अनुसार यह समझौता युद्ध की समाप्ति, तनाव कम करने और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में संवाद और कूटनीति का रास्ता नहीं छोड़ा जाना चाहिए तथा सभी पक्षों को सहमति के बिंदुओं पर लौटकर विवादों का समाधान बातचीत के माध्यम से करना चाहिए। चीन ने एक बार फिर शांतिपूर्ण समाधान और राजनीतिक संवाद का समर्थन दोहराया।
ताजिकिस्तान के साथ संबंधों को नई ऊंचाई देने पर चर्चा
ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री सिरोजिद्दीन मुहरिद्दीन के साथ वार्ता में वांग यी ने दोनों देशों के पारंपरिक मैत्रीपूर्ण संबंधों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मई में ताजिक राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन की चीन यात्रा दोनों देशों के रिश्तों में ऐतिहासिक पड़ाव साबित हुई।
वांग यी ने कहा कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग और राष्ट्रपति रहमोन ने दोनों देशों के संबंधों के लिए नई रणनीतिक रूपरेखा तैयार की है। इस यात्रा की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि स्थायी सद्भावना, मित्रता और सहयोग की संधि पर हस्ताक्षर रही, जिसने मध्य एशिया में द्विपक्षीय संबंधों का नया मानक स्थापित किया है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों को व्यापार, निवेश, परिवहन संपर्क, ऊर्जा, सुरक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करना चाहिए।
एससीओ मंच पर चीन की सक्रिय भूमिका
विश्लेषकों का मानना है कि एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई ये मुलाकातें चीन की क्षेत्रीय कूटनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। रूस के साथ रणनीतिक साझेदारी, पाकिस्तान के साथ आर्थिक सहयोग, ईरान के साथ क्षेत्रीय शांति और ताजिकिस्तान के साथ मध्य एशियाई सहयोग—इन सभी मुद्दों पर चीन ने अपनी सक्रिय भूमिका का संकेत दिया है। एससीओ के मंच पर इन द्विपक्षीय बैठकों ने यह भी स्पष्ट किया कि सदस्य देश सुरक्षा, आर्थिक विकास, आतंकवाद-रोधी सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे साझा मुद्दों पर संवाद को आगे बढ़ाने के इच्छुक हैं। आने वाले समय में इन वार्ताओं के आधार पर कई क्षेत्रों में सहयोग को और गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।
(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)