गोरखपुर में RSS शताब्दी समारोह में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ — राम मंदिर, दीपोत्सव, किसानों और अर्थव्यवस्था पर रखी बात, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी समारोह में विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस पर हिंदू आस्था का अपमान करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि “जिन्हें भगवान राम और कृष्ण से समस्या है, उन्हें कंस और दुर्योधन प्रिय लगते हैं।”
‘उन्हें कंस और दुर्योधन प्यारे…’ CM योगी आदित्यनाथ का RSS के मंच से अखिलेश यादव पर तीखा हमला
- RSS मंच से अखिलेश पर हमला
- योगी बोले, राम मंदिर गौरव
- अयोध्या दीपोत्सव से जगमग शहर
- कंस-दुर्योधन प्रिय, राम अप्रिय
- कांग्रेस ने राम को मिथक कहा
- रामभक्तों पर चली थीं गोलियां
- किसानों-कुम्हारों की आय बढ़ी
- अयोध्या-प्रयाग बने आकर्षण केंद्र
- संघ ने दिए राष्ट्र के संस्कार
- भारत बनेगा तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था
RSS के मंच से बोले योगी, राम मंदिर भारत का गौरव
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, गौरव और सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “यह मंदिर हमारे विश्वास और राष्ट्र के पुनर्निर्माण की नींव है। वर्षों तक संघर्ष के बाद आज वह क्षण आया है, जब भारत अपने गौरव को पुनः स्थापित कर रहा है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम मंदिर का निर्माण उन समाजों के लिए प्रेरणा है, जो अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। “संघर्ष चाहे कितना भी लंबा क्यों न हो, अगर विश्वास अडिग हो तो विजय निश्चित है,” उन्होंने कहा।
कभी अंधकार में डूबी थी अयोध्या
योगी ने याद किया कि जब उन्होंने 2017 में मुख्यमंत्री पद संभाला, तब अयोध्या की स्थिति खराब थी। “पूरे देश में दिवाली मनाई जाती थी, लेकिन अयोध्या में अंधेरा रहता था। बिजली दो-तीन घंटे आती थी, घाट जर्जर थे और गंदगी फैली थी,” उन्होंने कहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने तय किया कि अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा। “पहले वर्ष 51 हज़ार दीप जलाए गए थे, अब अयोध्या में 26 लाख से अधिक दीप जगमगाते हैं। यह केवल रोशनी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है,” योगी ने कहा।
‘अखिलेश यादव दीपों से भी चिढ़ते हैं’
योगी आदित्यनाथ ने सपा प्रमुख पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, “अखिलेश यादव ने पूछा था कि दीप जलाने की क्या ज़रूरत है? यही लोग हैं जिन्हें राम और कृष्ण दोनों से परेशानी है। जब हमने ब्रज तीर्थ विकास परिषद बनाई, तो उन्होंने कहा था कि मथुरा में दुर्योधन की मूर्ति लगाई जाएगी।” उन्होंने कहा, “हमारे संस्कार भगवान राम और कृष्ण के हैं, जबकि उन्हें कंस और दुर्योधन प्यारे हैं। यही वजह है कि ये लोग न केवल रामद्रोही बल्कि कृष्णद्रोही भी हैं।”
कांग्रेस ने कहा था – राम और कृष्ण मिथक हैं
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में शपथपत्र देकर कहा था कि राम और कृष्ण मिथक हैं। ऐसे बयानों से करोड़ों हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंची।” योगी ने याद दिलाया कि 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की थी। “उस समय देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु वहां उपस्थित थे। लोगों की आंखों से आंसू छलक रहे थे। यह केवल धार्मिक क्षण नहीं, बल्कि भारत के गौरव का क्षण था,” उन्होंने कहा।
‘रामभक्तों पर गोली चलाने वाले आज नैतिकता की बात करते हैं’
मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उन्होंने अतीत में रामभक्तों पर गोली चलवाई और अब धर्मनिरपेक्षता की बात करते हैं। उन्होंने कहा, “जिन्होंने रामलला की मूर्ति हटाने का आदेश दिया, वे अब मंदिर निर्माण का श्रेय लेना चाहते हैं। यह जनता की आस्था का परिणाम है, किसी पार्टी का नहीं।”
अयोध्या और प्रयागराज बने आकर्षण के केंद्र
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज अयोध्या और प्रयागराज दुनियाभर के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण के केंद्र बन चुके हैं। “पिछले साल अयोध्या में 6 करोड़ से अधिक लोग दर्शन के लिए आए और प्रयागराज के महाकुंभ में 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यह भारत की आध्यात्मिक शक्ति का प्रमाण है,” उन्होंने कहा।
संघ ने दिए राष्ट्रभक्ति के संस्कार
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि “संघ ने हर भारतीय में राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना जगाई है।” उन्होंने कहा कि समाज की एकता और देशभक्ति की भावना संघ की पाठशालाओं से ही निकलती है। साथ ही उन्होंने आगाह किया कि समाज को अब भी सतर्क रहने की जरूरत है। “जो समाज अपनी उपलब्धियों पर सो जाता है, वह कमजोर हो जाता है। हमें जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर समाज को तोड़ने की कोशिशों को रोकना होगा।”
दीपोत्सव से किसानों और कुम्हारों को मिला सहारा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अयोध्या दीपोत्सव ने न केवल धार्मिक भावना को जगाया, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि “दीयों में जो तेल है वह किसान का है और जो दीप बनाता है वह कुम्हार है। इस परंपरा से लाखों लोगों की आय बढ़ी है।” उन्होंने कहा कि सरकार ने कुम्हारों को तालाबों से मिट्टी मुफ्त में लेने की अनुमति दी है और सोलर व इलेक्ट्रिक चाक उपलब्ध कराए हैं। “पहले वे 50-60 बर्तन बनाते थे, अब 400-500 बर्तन रोज बना रहे हैं,” योगी ने बताया।
हर वर्ग की जेब में पैसा, अर्थव्यवस्था में उछाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपोत्सव और विकास योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिली है। “जब किसान, कुम्हार और छोटे व्यापारी आत्मनिर्भर होते हैं, तो अर्थव्यवस्था मजबूत होती है,” उन्होंने कहा। योगी ने दावा किया कि “आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचेगा। यह नया भारत श्रम, श्रद्धा और संस्कार की शक्ति से आगे बढ़ रहा है।” गोरखपुर से RSS के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संबोधन केवल विपक्ष पर हमला नहीं, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक आत्मविश्वास का संदेश था। उन्होंने साफ किया कि अयोध्या का दीपोत्सव सिर्फ रोशनी का पर्व नहीं, बल्कि भारत के आत्मगौरव की पुनर्स्थापना का प्रतीक है। (प्रकाश कुमार पांडेय)





