मुलायम सिंह यादव की जयंती:  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि… पूर्व रक्षा मंत्री और तीन बार यूपी के मुख्यमंत्री रहे ‘नेता जी’ की राजनीतिक विरासत को किया नमन

मुलायम सिंह यादव की जयंती:  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि… पूर्व रक्षा मंत्री और तीन बार यूपी के मुख्यमंत्री रहे ‘नेता जी’ की राजनीतिक विरासत को किया नमन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। 22 नवंबर को नेता जी की जयंती के अवसर पर योगी आदित्यनाथ सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उनके योगदान को याद किया और उन्हें नमन किया।

UP:सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि।
आज मुलायम सिंह यादव जयंती।
पूर्व सीएम, रक्षा मंत्री मुलायम।
मुलायम सिंह को पद्म विभूषण।
समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम।
तीन बार यूपी के मुख्यमंत्री।
लोहिया से प्रेरित जननेता मुलायम।
पिछड़े वर्ग के मसीहा मुलायम।
जन्म सैफ़ई, इटावा, 1939 में।
10 अक्टूबर 2022 को निधन।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक पोस्ट में लिखा कि “पूर्व रक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, पद्म विभूषण मुलायम सिंह यादव की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। योगी का यह संदेश उस राजनीतिक संस्कृति का संकेत था जहां विचारधारा और दलगत सीमाओं से परे जाकर सम्मान दिया जाता है।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी किया नमन

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। यह पहली बार नहीं है जब सत्तारूढ़ भाजपा के शीर्ष नेताओं ने मुलायम सिंह यादव को आदरांजलि दी हो। उनके जीवनकाल में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई भाजपा नेताओं ने ‘नेता जी’ के अनुभव और व्यक्तित्व की प्रशंसा की थी।

मुलायम सिंह यादव का जन्म, राजनीतिक सफर और उपलब्धियां

मुलायम सिंह यादव का जन्म 22 नवंबर 1939 को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई गांव में हुआ। एक साधारण किसान परिवार से आने वाले मुलायम सिंह यादव ने छात्र राजनीति से आगे बढ़ते हुए न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बनाई।

राजनीतिक सफर बेहद महत्त्वपूर्ण रहा

मुलायम सिंह1977 में पहली बार जनता पार्टी सरकार में मंत्री बने। 1989: पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। 1993: दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ। 2003 में तीसरी बार प्रदेश की सत्ता संभाली। 1996–1998 में रक्षा मंत्री के रूप में केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। मुलायम सिंह की पहचान एक ऐसे नेता की रही जो जनता के बीच से उठकर आया और जमीनी संघर्ष से सत्ता के शिखर तक पहुंचा।

समाजवादी पार्टी की स्थापना — 1992

1992 में मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी की स्थापना की। यह सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि समाजवादी विचारधारा और सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाने वाला आंदोलन था। उनपर समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों का गहरा प्रभाव रहा। मुलायम यादव ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में पिछड़े वर्गों, किसानों, मजदूरों और वंचित समाज के अधिकारों की मजबूती से वकालत की। उत्तर प्रदेश की राजनीति में वह एक ऐसा नाम बनकर उभरे जिसे ‘धरतीपुत्र’ कहा जाने लगा।

जमीनी नेता के तौर पर पहचान
मुलायम सिंह यादव की ताकत हमेशा उनका जनसंपर्क, सादगी और जनता के मुद्दों को समझने की क्षमता रही। उन्होंने सैफई को राष्ट्रीय-स्तर पर पहचान दिलाई और पूर्वांचल व मध्य यूपी में उनकी पकड़ बेहद मजबूत रही। उनका व्यक्तित्व ऐसा था कि वे विरोधी दलों में भी सम्मानित थे। संसदीय राजनीति में भी कई मौकों पर उनके भाषणों और संयमित दृष्टिकोण की सराहना की गई।

’पद्म विभूषण’ से सम्मानित
भारत सरकार ने मुलायम सिंह यादव के योगदान को सम्मान देते हुए वर्ष 2023 में मरणोपरांत उन्हें ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुर्मु ने यह सम्मान उनके परिवार को प्रदान किया। यह सम्मान उनके राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन की दशकों की उपलब्धियों का औपचारिक स्वीकार था।

10 अक्टूबर 2022 को हुआ निधन

10 अक्टूबर 2022 को 82 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ। उनके निधन के समय देशभर के नेताओं ने इसे राष्ट्रीय क्षति बताया। प्रधानमंत्री मोदी, सीएम योगी, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी से लेकर तमाम क्षेत्रीय नेताओं ने शोक व्यक्त किया।

योगी सरकार का सम्मान — राजनीतिक परिपक्वता का संकेत

योगी आदित्यनाथ द्वारा मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि देना इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में राजनीतिक गरिमा को बनाए रखने की परंपरा जारी है। सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी सपा के बीच राजनीतिक मतभेद भले हों, लेकिन योगी सरकार ने कई मौकों पर मुलायम सिंह यादव का सम्मान किया है—चाहे वह विधानसभा में श्रद्धांजलि हो या उनकी विरासत का स्मरण।
मुलायम सिंह यादव की जयंती पर श्रद्धांजलि केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उस नेता के प्रति सम्मान है जिसने दशकों तक उत्तर प्रदेश और भारत की राजनीति को प्रभावित किया। योगी आदित्यनाथ और केशव प्रसाद मौर्य के संदेश राजनीतिक सौहार्द का प्रतीक हैं। मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक विरासत, संघर्षशीलता और सामाजिक न्याय की वकालत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

Exit mobile version