मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में सुनीं समस्याएं… अधिकारियों को शीघ्र समाधान के ये निर्देश…

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में सुनीं समस्याएं… अधिकारियों को शीघ्र समाधान के ये निर्देश…

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार 21 जुलाई को राजधानी लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर जनता दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें सीएम ने वहां पहुंचने वाले सभी लोगों से एक एक कर मुलाकात की और उनकी समस्याएं गंभीरता के साथ सुना। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचने वाले लोगों ने मुख्यमंत्री योगी के सामने खुलकर अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक और प्रशासनिक समस्याएं रखीं। जिन्हें लेकर सीएम ने अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जनता की बातों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन जनसमस्याओं का शीघ्र और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनसमस्याओं का स्थायी समाधान तय समयसीमा में किया जाए और समस्या निस्तारण के बाद संबंधित नागरिक से फीडबैक लेना भी अनिवार्य हो। उन्होंने कहा कि, “प्रदेश का हर नागरिक हमारी जिम्मेदारी है, उसकी सेवा और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पीड़ित न्याय से वंचित न रहे। हर शिकायत की निष्पक्ष जांच होना चाहिए। साथ ही यह भी कह कि जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं का लाभ तुरंत उपलब्ध कराया जाए और प्रशासनिक कार्यवाही में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।

बता दें यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन कार्यक्रमों को पूरे प्रदेश में जनसुनवाई और त्वरित समाधान की मजबूत कड़ी के रुप में माना जाता है। मुख्यमंत्री का यह जनसंपर्क कार्यक्रम एक तरह से लोकतंत्र की जमीनी शक्ति को दर्शाता है, जहां आम नागरिक बिना किसी माध्यम के राज्य के शीर्ष नेतृत्व से अपनी बात कह सकता है। जहां आम नागरिक बगैर किसी बिचौलिए के सीधे मुख्यमंत्री से मिलकर उनसे संवाद कर सकते हैं।

बिना रजिस्ट्रेशन पहुंचे नागरिक, समस्याओं की खुलकर चर्चा

जनता दर्शन में भाग लेने के लिए कोई पंजीकरण अनिवार्य नहीं है। कोई भी नागरिक सीधे मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुंच सकता है और अपनी बात कह सकता है। हालांकि, उत्तर प्रदेश जनसुनवाई पोर्टल jansunwai.up.nic.in पर पहले से शिकायत दर्ज कर देने से कार्यवाही में तेजी आती है और जानकारी पहले से रिकॉर्ड में होने के कारण तत्काल निर्णय संभव हो पाता है। कार्यक्रम में आए अधिकांश नागरिकों ने जमीन विवाद, पुलिस कार्रवाई, प्रशासनिक लापरवाही, इलाज में सहायता, नौकरी व पेंशन संबंधी समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने हर व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी और अधिकारियों से उसी समय कार्रवाई की फाइल आगे बढ़वाई।

समाधान के लिए बनी तात्कालिक एक्शन लाइन, अफसरों को दिए कड़े निर्देश

मुख्यमंत्री ने जनता की शिकायतों को केवल सुना ही नहीं, बल्कि उनके समाधान को कार्य प्रणाली का हिस्सा बना दिया। उन्होंने हर शिकायत पर संबंधित विभागों को न सिर्फ तत्काल निस्तारण का आदेश दिया, बल्कि उनसे समयबद्ध रिपोर्ट भी मांगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा, “आपका दायित्व केवल आदेश लेना नहीं, बल्कि हर नागरिक को न्याय दिलाना है।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन मामलों में शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हैं, उनकी दोहरे स्तर पर मॉनिटरिंग होनी चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों को हर मंगलवार शाम तक फीडबैक रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया।

जनता दर्शन: मुख्यमंत्री योगी की प्रशासनिक पारदर्शिता की पहचान

‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जन-जुड़ाव की रणनीति का अहम हिस्सा बन चुका है। यह पहल उत्तर प्रदेश की गवर्नेंस प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देती है। सीएम योगी का मानना है कि अधिकारी चाहे जितनी भी बैठकों में शामिल हों या दौरे करें, लेकिन जनता से सीधा संवाद ही असली प्रशासनिक जिम्मेदारी की पहचान है। यही कारण है कि वे खुद लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं और उनकी मानवता और संवेदनशीलता से समाधान सुनिश्चित करते हैं। यह आयोजन न सिर्फ समस्याओं का समाधान करता है, बल्कि अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करता है। कई बार जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी ने लापरवाह अधिकारियों को चेतावनी दी या उनके विरुद्ध कार्रवाई भी की है। …( प्रकाश कुमार पांडेय)

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