भोपाल।मध्यप्रदेश को निवेश और औद्योगिक विकास के नए वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 20 जनवरी को स्विट्जरलैंड के दावोस के लिए रवाना होंगे। वे वहां आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेंगे और अंतरराष्ट्रीय उद्योगपतियों, निवेशकों तथा वैश्विक कॉरपोरेट नेताओं के साथ राज्य में निवेश की संभावनाओं पर संवाद करेंगे। इस यात्रा को मध्यप्रदेश की आर्थिक कूटनीति और वैश्विक निवेश आकर्षण की रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
दावोस में वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब मध्यप्रदेश सरकार उद्योग, निवेश और रोजगार सृजन को विकास की प्राथमिक धुरी बना चुकी है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम दुनिया के सबसे प्रभावशाली आर्थिक मंचों में से एक है, जहां नीति-निर्माता, उद्योग जगत के दिग्गज और वैश्विक संस्थाएं भविष्य की अर्थव्यवस्था पर विचार करती हैं। लगभग पाँच वर्षों के अंतराल के बाद इस मंच पर राज्य सरकार की औपचारिक सहभागिता को मध्यप्रदेश की नई आर्थिक गति और वैश्विक पहचान को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।
फॉर्च्यून 500 कंपनियों से वन-टू-वन बैठकें
दावोस में मुख्यमंत्री डॉ. यादव फॉर्च्यून 500 कंपनियों के सीईओ, वैश्विक उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठकों में भाग लेंगे। इन बैठकों में मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों, संसाधनों, कुशल श्रमशक्ति और बुनियादी ढांचे की जानकारी साझा की जाएगी। खास तौर पर ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी, ऑटोमोटिव एवं न्यू मोबिलिटी, हेल्थकेयर, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर फोकस रहेगा। मुख्यमंत्री का लक्ष्य इन संवादों के जरिए ठोस निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारना है।
अफसर देंगे निवेशकों MP की जानकारी
मुख्यमंत्री के साथ मध्यप्रदेश का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी दावोस जाएगा। इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्यमंत्री सचिवालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह, प्रमुख सचिव मनीष सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. इलैयाराजा टी. सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। यह टीम विभिन्न सेक्टोरल राउंडटेबल बैठकों और निवेश चर्चाओं में राज्य की ओर से तकनीकी और नीतिगत पक्ष रखेगी, ताकि निवेशकों को त्वरित और स्पष्ट जानकारी मिल सके।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 की थीम
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 की थीम ‘ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग’ और ‘अनलॉकिंग न्यू सोर्सेस ऑफ ग्रोथ’ रखी गई है। इस थीम के तहत वैश्विक अर्थव्यवस्था की मौजूदा चुनौतियों, विकास के नए स्रोतों, टिकाऊ विकास और तकनीकी नवाचार पर मंथन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन सत्रों में भाग लेकर मध्यप्रदेश के विकास मॉडल, निवेश-अनुकूल नीतियों और स्थायी विकास के विजन को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेंगे।
5. एमओयू और दीर्घकालिक साझेदारी पर जोर
दावोस एजेंडे के तहत कई महत्वपूर्ण निवेश प्रस्ताव और समझौते (एमओयू) भी चर्चा में रहेंगे। ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अडानी समूह के साथ मुरैना विद्युत वितरण से संबंधित एमओयू, अडानी डिफेंस के साथ रक्षा उत्पादन सहयोग, स्विट्जरलैंड की शिवाग एजी को औद्योगिक भूमि आवंटन, डीपी वर्ल्ड (यूएई) के साथ रणनीतिक लॉजिस्टिक्स हब की स्थापना और फ्रांस की सानोफी द्वारा भोपाल में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सहयोग से मध्यप्रदेश में सेंटर फॉर फोर्थ इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन स्थापित करने का प्रस्ताव भी इस यात्रा का प्रमुख आकर्षण होगा।
निवेश नीति और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने निवेश नीतियों को सरल, पारदर्शी और उद्योगों के अनुकूल बनाने पर विशेष ध्यान दिया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, तेज निर्णय प्रक्रिया, ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम और सुगम भूमि आवंटन जैसी सुविधाओं को दावोस में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा। सरकार का उद्देश्य केवल निवेश प्रस्ताव आकर्षित करना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक, स्थायी और भरोसेमंद साझेदारियां विकसित करना है, जिससे राज्य में रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को गति मिले।
मध्यप्रदेश की नई आर्थिक पहचान
पिछले एक वर्ष में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश और विदेश में निवेश संवाद को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाया है। दावोस यात्रा के माध्यम से मध्यप्रदेश मैन्युफैक्चरिंग, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, रसायन उद्योग और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में वैश्विक निवेशकों को आमंत्रित करेगा। यह दौरा राज्य की नई आर्थिक पहचान गढ़ने और मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।