छत्तीसगढ़–ओडिशा सब एरिया में 10वां रक्षा बल पूर्व सैनिक दिवस, वीर जवानों को नमन
देश की सुरक्षा में जीवन समर्पित करने वाले वीर सैनिकों और सेवानिवृत्त जवानों के सम्मान का दिन…
छत्तीसगढ़ और ओडिशा सब एरिया में 10वां रक्षा बल पूर्व सैनिक दिवस पूरे सम्मान और गरिमा के साथ मनाया गया। नवा रायपुर से लेकर प्रदेश के सभी जिलों तक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जहां वीरता, बलिदान और सेवा को नमन किया गया।
राष्ट्र ने मनाया 10वां रक्षा बल पूर्व सैनिक दिवस मनाया
छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य कार्यक्रम नवा रायपुर स्थित कोसा मुख्यालय में हुआ, जहां सेवानिवृत्त सैनिकों की वीरता, बलिदान और समर्पित सेवा को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम के दौरान पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए कई सहायता स्टॉल लगाए गए। पेंशन, ईसीएचएस स्वास्थ्य योजना और सरकारी योजनाओं से जुड़े मामलों में मौके पर ही मदद दी गई। इसके साथ ही एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें मुफ्त कैंसर जांच सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। लेफ्टिनेंट जनरल डॉ.अशोक कुमार जिंदल (सेवानिवृत्त) ने कहा “यह राष्ट्र की सामूहिक जिम्मेदारी है कि सैनिकों और उनके आश्रितों को अपने परिवार की तरह माने और यह सुनिश्चित करे कि देश हमेशा उनके साथ खड़ा रहे। लेफ्टिनेंट जनरल जिंदल ने कहा कि राष्ट्र अपने नायकों को कभी नहीं भूलता। उन्होंने छत्तीसगढ़ के वीर सपूत सेकंड लेफ्टिनेंट राजीव पांडे का स्मरण करते हुए बताया कि सियाचिन में पाकिस्तान से महत्वपूर्ण पोस्ट वापस लेने के अभियान को उनके सम्मान में ‘ऑपरेशन राजीव’ नाम दिया गया था।
उन्होंने बढ़ते नशा दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए पूर्व सैनिकों से समाज में जागरूकता अभियान चलाने की अपील की। उन्होंने बताया कि एम्स रायपुर में नशामुक्ति केंद्र शुरू किया गया है, ताकि इस चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। वहीं ब्रिगेडियर तेजिंदर सिंह बावा, कमांडर कोसा ने कहा कि “छत्तीसगढ़ सरकार और राज्य सैनिक बोर्ड सेवानिवृत्त सैनिकों के कल्याण के लिए सराहनीय कार्य कर रहे हैं। यह हमारा कर्तव्य है कि हर पूर्व सैनिक और उनके परिवार को उनका हक मिले।”
कार्यक्रम में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और सैन्य अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान पूर्व सैनिकों के कल्याण से जुड़े प्रयासों को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। इस दौरान ब्रिगेडियर विवेक शर्मा, निदेशक राज्य सैनिक बोर्ड ने कहा युद्ध या सैन्य अभियानों में शहीद हुए सैनिकों के परिवारों के लिए वित्तीय सहायता 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया है। अन्य सहायता से जुड़े आदेश भी जल्द जारी होंगे।
बता दें हर साल 14 जनवरी को रक्षा बल पूर्व सैनिक दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा की विरासत को समर्पित है, जो 1953 में इसी दिन सेवानिवृत्त हुए थे। फील्ड मार्शल करियप्पा ने 1947 के युद्ध में भारतीय सेना का नेतृत्व कर देश को विजय दिलाई। उनकी सेवा, अनुशासन और देशभक्ति आज भी सशस्त्र बलों के लिए प्रेरणा है। रक्षा बल पूर्व सैनिक दिवस न सिर्फ अतीत के बलिदानों को याद करने का दिन है, बल्कि यह संकल्प दोहराने का अवसर भी है कि देश अपने वीर जवानों और उनके परिवारों के साथ हमेशा खड़ा रहेगा।