छत्तीसगढ़ सरकार की अपने कर्मचारियों को बड़ी सौगात…मंहगाई भत्ते में की ये वृद्धि…सीएम साय का बड़ा ऐलान
छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बड़ी सौगात दी है। राज्य कर्मचारी संघ के त्रैवार्षिक अष्टम प्रदेश अधिवेशन में मुख्यमंत्री ने साफ कहा शासन की नीतियां कर्मचारियों की मेहनत, निष्ठा और अनुशासन से ही धरातल पर उतरती हैं। इसी मंच से मुख्यमंत्री ने महंगाई भत्ते को 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत करने का ऐलान भी कर दिया।
कर्मचारियों को मुख्यमंत्री की सौगात
महंगाई भत्ता बढ़कर 58%
कर्मचारी शासन की रीढ़—सीएम साय
अधिवेशन में सीएम का बड़ा ऐलान
साय सरकार कर्मचारी हितैषी
सीएम ने दिया सुशासन का मजबूत संदेश
पेंशन भुगतान पर फोकस
प्रशासनिक सुधारों का दावा
नक्सलवाद पर सख्त रुख
छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047
कर्मचारी शासन-प्रशासन की रीढ़ होते हैं। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिक्षा संस्थान परिसर में आयोजित राज्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ के त्रैवार्षिक अष्टम प्रदेश अधिवेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों की ईमानदारी, कर्मठता और संवेदनशीलता से ही सरकार की योजनाएं और नीतियां जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू हो पाती हैं। उन्होंने कर्मचारियों की मेहनत और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक ढांचा इन्हीं मूल्यों के कारण मजबूत बना हुआ है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़ाकर केंद्र सरकार के समान 58 प्रतिशत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में यह फैसला कर्मचारियों को वास्तविक राहत देगा और सरकार की कर्मचारी-हितैषी सोच को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार और कर्मचारी जब कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हैं, तभी सुशासन और विकास का रास्ता मजबूत होता है। उन्होंने बताया कि बीते दो वर्षों में स्थानांतरण नीति, पदोन्नति प्रक्रिया और कार्यस्थल व्यवस्थाओं में सुधार कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी और कर्मचारी-अनुकूल बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने पेंशन, ग्रेच्युटी और सेवानिवृत्ति लाभों के समयबद्ध भुगतान पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी कर्मचारी को रिटायरमेंट के समय परेशानी नहीं होनी चाहिए छत्तीसगढ़ पेंशन फंड की स्थापना और पेंशन फंड विधेयक के जरिए सरकार ने इस दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद पर भी बात करते हुए सुरक्षा बलों के साहस को नमन किया। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति स्थापित हो रही है और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के जरिए सुदूर इलाकों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। साथ ही ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ के जरिए प्रदेश के विकास का रोडमैप तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा यह अधिवेशन संगठनात्मक विचार-विमर्श के साथ ही सुशासन के संकल्प को सुदृढ़ करने का एक सशक्त अवसर है। जब सरकार और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं। तभी विकास का मार्ग प्रशस्त होता है और शासन व्यवस्था अधिक सशक्त बनती है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने कर्मचारियों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। स्थानांतरण नीति, पदोन्नति प्रक्रिया और कार्यस्थल संबंधी व्यवस्थाओं में सुधार कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सुचारु और कर्मचारी-अनुकूल बनाया गया है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के गठन से जन-विश्वास आधारित शासन तंत्र को और मजबूती मिली है।
तो साफ है…कर्मचारियों को सम्मान, सुरक्षा और राहत..तीनों मोर्चों पर सरकार आगे बढ़ रही है। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के साथ ही मुख्यमंत्री का यह संदेश भी साफ है कि छत्तीसगढ़ के विकास की सबसे मजबूत कड़ी उसके कर्मचारी हैं।





