यूपी के प्रशासनिक शीर्ष पर बदलाव: एसपी गोयल बने नए मुख्य सचिव, पंचायत और विधानसभा चुनाव कराएंगे..जानें कौन हैं एसपी गोयल
उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासन में एक अहम मोड़ आया है। आईएएस शशि प्रकाश गोयल (एसपी गोयल) को प्रदेश का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। उन्होंने निवर्तमान मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह से गुरुवार देर शाम लोकभवन में कार्यभार ग्रहण किया। यह बदलाव सिर्फ एक प्रशासनिक अदला-बदली नहीं, बल्कि पंचायत और विधानसभा चुनावों की महत्वपूर्ण रणनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़ा हुआ है। यूपी की योगी सरकार ने एसपी गोयल को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। वे 1989 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं और अब तक वे मुख्यमंत्री सचिवालय में ही अपर मुख्य सचिव के पद पर अपनी जिम्मेदारी सभांल रहे थे। पिछले आठ साल के दौरान वे इसी जिम्मेदारी में बने हुए थे। राज्य के निवृत्तमान मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को सरकार ने सेवा विस्तार का लाभ नहीं दिया है। ऐसे में वरिष्ठता के आधार पर एसपी गोयल को यह अहम जिम्मेदारी से भरा पद सौंपा गया है।
सेवा विस्तार नहीं, नया चेहरा
उत्तर प्रदेश में लंबे समय से प्रशासनिक शीर्ष पर तैनात रहे मनोज कुमार सिंह को सेवा विस्तार नहीं मिला, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार को बाकायदा पत्र लिखकर उनके कार्यकाल को बढ़ाने की सिफारिश की थी। लेकिन केंद्र ने इसे खारिज कर दिया। इसके साथ ही, मनोज सिंह 37 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद रिटायर हो गए। यह दूसरी बार है जब योगी सरकार की इच्छा के विपरीत, केंद्र ने शीर्ष अधिकारियों को सेवा विस्तार नहीं दिया। इससे पहले डीजीपी प्रशांत कुमार के मामले में भी यही हुआ था।
क्यों नहीं मिला मनोज सिंह को सेवा विस्तार?
मनोज सिंह को सेवा विस्तार न मिलने के पीछे राजनीतिक और प्रशासनिक असहमति की मजबूत पृष्ठभूमि रही। सूत्रों के अनुसार औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने उनके खिलाफ बाकायदा लिखित शिकायत की थी। उद्योगपतियों के बकाए माफ करने और बिल्डर्स को अनुचित लाभ पहुंचाने जैसे आरोप सामने आए। उन पर अपने दफ्तर में प्राइवेट लोगों के माध्यम से सरकारी फाइलें संचालित करने और मंत्रियों को बायपास कर सीधे सीएम से अनुमोदन लेने जैसे गंभीर आरोप भी लगे। यह सब तब सामने आया जब एक बैठक में स्वयं मंत्री नंदी ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में खुलकर आरोप लगाए। इन घटनाओं ने केंद्र को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि सेवा विस्तार देना प्रशासनिक रूप से उपयुक्त नहीं होगा।
अब चुनावी मोड में यूपी …गोयल होंगे रणनीतिक सारथी
एसपी गोयल, जो अब यूपी के नए मुख्य सचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। आगे आने वाले पंचायत चुनाव और इसके बाद विधानसभा चुनाव की प्रशासनिक धुरी वे होंगे। एसपी गोयल का कार्यकाल भी 31 जनवरी 2027 तक होगा। ऐसे में साफ है कि चुनावों की पूरी तैयारी और संचालन उनकी निगरानी में चुनाव होगा। चुनावों के मद्देनजर यह बदलाव बेहद अहम माना जा रहा है। यूपी जैसे बड़े और राजनीतिक रूप से संवेदनशील राज्य में मुख्य सचिव की भूमिका, चुनावों की निष्पक्षता और प्रबंधन में केंद्रीय होती है।
एसपी गोयल: योगी सरकार का भरोसेमंद चेहरा
शशि प्रकाश गोयल के पास पीएमओ और राष्ट्रपति सचिवालय में सेवा का अनुभव है। वह प्रशासनिक दृष्टि से न केवल तेजतर्रार बल्कि ईमानदार और सख्त अफसर के रूप में जाने जाते हैं।
उनकी प्रमुख खूबियां
मुख्यमंत्री कार्यालय में रहते हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की मॉनिटरिंग कर चुके हैं। योगी आदित्यनाथ के साथ पिछले 8 वर्षों से करीबी तौर पर काम किया है। उनकी छवि एक “नो-नॉनसेंस ब्यूरोक्रेट” की रही है जो नीति-निर्माण और क्रियान्वयन के बीच सामंजस्य स्थापित करता है। उनकी नियुक्ति योगी सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें अब प्रशासनिक तंत्र को चुनाव केंद्रित किया जा रहा है।
लोकभवन में सजी विदाई और कार्यभार का दृश्य
गुरुवार की शाम लोकभवन में भावनात्मक और औपचारिक वातावरण में मनोज सिंह ने एसपी गोयल को कार्यभार सौंपा। इस मौके पर मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी संजय प्रसाद, लखनऊ के डीएम विशाख जी., और कई वरिष्ठ नौकरशाह मौजूद रहे।
मनोज सिंह ने अपने विदाई भाषण में कहा मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में अनेक बड़ी योजनाएं पूरी हुईं। मैं सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार प्रकट करता हूं, जिन्होंने प्रशासनिक जिम्मेदारियों में सहयोग किया।
आगे की राह: पंचायत और विधानसभा चुनाव की चुनौती
एसपी गोयल को अब दो बड़ी जिम्मेदारियां संभालनी हैं:
पंचायत चुनाव 2025 – जिनकी तैयारियां जल्द शुरू होंगी।
विधानसभा चुनाव 2027 में निष्पक्ष और व्यवस्थित प्रक्रिया सुनिश्चित करनी होगी। राज्य सरकार चाहती है कि इन चुनावों में किसी भी तरह की प्रशासनिक कमी या विवाद न हो। इसी कारण गोयल जैसे अनुभवी अधिकारी की तैनाती हुई है, जिनके नेतृत्व में सरकार नीतियों के क्रियान्वयन और चुनावी निष्पक्षता दोनों पर भरोसा जता सकती है।
क्या एसपी गोयल पूरा कर पाएंगे योगी सरकार की अपेक्षाएं?
उत्तर प्रदेश में एसपी गोयल की नियुक्ति से यह स्पष्ट संकेत है कि योगी सरकार अब संगठनात्मक और प्रशासनिक रूप से चुनावी मोड में आ चुकी है। यूपी जैसे बड़े स्टेट के नए मुख्य सचिव बनाए गए एसपी गोयल के पास अनुभव तो है ही सरकार का भरोसा भी है। हालांकि एसपी गोयल को आने वाले दिनों सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच संतुलन के साथ शांतिपूर्वक चुनावों का संचालन ही नहीं प्रशासनिक पारदर्शिता की चुनौती का भी सामना करन पड़ सकता है । ऐसे में अब देखना यह होगा कि क्या एसपी गोयल, योगी सरकार की चुनावी रणनीति में वह भरोसेमंद स्तंभ बन पाएंगे जिसकी उनसे उम्मीद है। प्रकाश कुमार पांडेय





