बंधन में CBI…जानें छत्तीसगढ़ सरकार ने क्यों लिया फैसला…बिना इजाजत जांच नहीं कर सकेगी सीबीआई…!

बंधन में CBI…जानें छत्तीसगढ़ सरकार ने क्यों लिया फैसला…बिना इजाजत जांच नहीं कर सकेगी सीबीआई…!

छत्तीसगढ़ में साय सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए CBI के लिए लक्ष्मण रेखा खींच दी है। इस लक्ष्मण रेखा में कितना पावर है। छत्तीसगढ़ में सीबीआई को लेकर एक बार फिर से सियासत तेज हो गई है। राज्य की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश में सीबीआई की लिमिट तय कर दी है।

परमिशन लेगी CBI … CG में पॉलिटिक्स हाई!
साय सरकार ने बांधे CBI के हाथ
सीजी की साय सरकार ने तय की CBI की लिमिट
बिना अनुमति के जांच की इजाजत नहीं
छत्तीसगढ़ में CBI की लिमिट
सरकार ने तय की BNS के प्रावधान के तहत CBI की लिमिट
परमिशन के बगैर नहीं कर सकते सरकारी सेवकों के खिलाफ जांच
अब नहीं चलेगी CBI की मनमानी…!
क्या कांग्रेस के लिए CBI की एंट्री ?

बता दें कि सीबीआई केंद्र की बड़ी जांच एजेंसियों में से एक है। नए नोटिफिकेशन के अनुसार सीबीआई को केंद्र सरकार और केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों में कार्रवाई की पूरी अनुमति है। लेकिन अब छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के तहत काम करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई करने से पहले सरकार से अनुमति लेनी होगी। सरकार की अनुमति मिलने पर ही राज्य सरकार के कर्मचारियों के खिलाफ जांच की जा सकेगी।

छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार ने राज्य में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो CBI के काम को लेकर बड़ा फैसला किया है। राज्य सरकार ने प्रदेश में केन्द्रीय जांच एजेंसी CBI के काम की लिमिट को तय कर दिया है। इस फैसले के तहत अब छत्तीसगढ़ के सरकारी सेवकों के खिलाफ सीबीआई को राज्य सरकार से पहले लिखित अनुमति लेना होगी। इसके बिना किसी भी मामले में न तो जांच कर पाएंगी और न ही केस दर्ज कर पाएंगी। भारतीय न्याय संहिता BNS में दिये गये प्रावधान के तहत राज्य सरकार ने यह नोटि​फिकेशन भी कर किया है। हालांकि राज्य में CBI को केंद्र सरकार और पब्लिक के सेक्टर के अफसरों के खिलाफ जांच करने की पूरी आजादी होगी।

बीजेपी कांग्रेस का अपना अपना तर्क
इस मामले में डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा है कि कुछ फैसले सरकार सोच समझ कर लेती है। यह फैसला सोच समझकर लिया गया है। इस मामले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। दीपक बैज ने कहा है कि लगता है राज्य और केंद्र सरकार के बीच तालमेल नहीं है। कांग्रेस सवाल उठा रही है कि क्या प्रदेश में सीबीआई को केवल कांग्रेस के लिए अनुमति है।

10 माह में साय सरकार ने सौंपे सीबीआई को तीन मामल
बता इें छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार ने पिछले नौ दस महीने के कार्यकाल में सीबीआई को राज्य में एंट्री मिली थी। इससे पहले कांग्रेस ने रोक लगा दी थी। छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने अपने 10 महीने के कार्यकाल में तीन मामले सीबीआई को सौंपे है। जिसमें महादेव सट्‌टा ऐप सबसे प्रमुख है। दूसरा नंबर बिरनपुर हिंसा और तीसरा नंबर छत्तीसगढ़ पीएससी घोटाले की जांच का है।
इसमें बड़ी बात ये है कि सीजी पीएससी में जिन अफसरों पर आरोप लगे हैं वे राज्य सरकार के ही अधिकारी कर्मचारी हैं। ऐसे में सीबीआई को अब इन अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ जांच से पहले राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी।

 

 

 

 

 

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