नवरात्रि के साथ देश में त्योहारों का सिलसिला शुरू होने वाला है और इस दौरान बाजारों में खरीदारी बढ़ना आम बात है। कपड़ों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और दूसरी जरूरत की चीजों तक लोग जमकर खर्च करते हैं। ऐसे में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल भी बढ़ जाता है। बैंक अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से कई तरह के क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराते हैं, जिनमें कैशबैक कार्ड खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकते हैं जो अपनी खरीदारी पर कुछ रकम वापस पाना चाहते हैं। हालांकि, किसी भी कार्ड का इस्तेमाल करने से पहले उसके कैशबैक, शुल्क और दूसरी शर्तों को समझना जरूरी है।
कैशबैक SBI कार्ड पर ऑनलाइन खरीदारी करने वालों को मिल सकता है 5 फीसदी तक का फायदा
कैशबैक SBI कार्ड की सबसे खास बात ऑनलाइन खरीदारी पर मिलने वाला कैशबैक है। कार्ड के जरिए ऑनलाइन खर्च करने पर ग्राहकों को 5 फीसदी तक कैशबैक मिल सकता है। वहीं, ऑफलाइन खरीदारी के लिए 1 फीसदी तक कैशबैक की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधन पर खर्च करने वाले ग्राहकों को भी कुछ राहत मिलती है। ईंधन खरीदारी पर प्रत्येक क्रेडिट कार्ड खाते के लिए एक स्टेटमेंट साइकल में अधिकतम 100 रुपये तक की छूट मिल सकती है।
फेस्टिव सीजन में बैंक बदलते रहते हैं ऑफर, इसलिए खरीदारी से पहले कार्ड की शर्तें जरूर देखें
त्योहारी मौसम में बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अलग-अलग ऑफर भी पेश करती हैं। इनमें अतिरिक्त कैशबैक, डिस्काउंट या दूसरी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। हालांकि, ऐसे ऑफर आमतौर पर सीमित अवधि के लिए होते हैं। इसलिए खरीदारी करने से पहले अपने कार्ड पर लागू मौजूदा ऑफर और नियमों की जांच करना फायदेमंद रहेगा।
सालाना 999 रुपये है कैशबैक SBI कार्ड का शुल्क, लेकिन तय खर्च पूरा करने पर मिल सकती है छूट
कैशबैक SBI कार्ड पूरी तरह मुफ्त कार्ड नहीं है। SBI Card की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इसके लिए सालाना 999 रुपये का शुल्क लिया जाता है। हालांकि, यदि कार्डधारक एक साल में इस कार्ड से 2 लाख रुपये या उससे अधिक की खरीदारी या खर्च करता है, तो रिन्यूअल शुल्क माफ हो जाता है। अगर शुल्क लगाया गया है तो पात्रता पूरी होने पर वह वापस किया जा सकता है।
क्रेडिट कार्ड की लिमिट वह अधिकतम रकम है जिसे बैंक की तय सीमा के भीतर खर्च किया जा सकता है
क्रेडिट कार्ड बैंक की ओर से दिया जाने वाला भुगतान साधन है, जिसका इस्तेमाल खरीदारी और दूसरी निर्धारित सेवाओं के भुगतान में किया जा सकता है। इसकी क्रेडिट लिमिट वह अधिकतम राशि होती है, जिसे कार्डधारक बैंक द्वारा निर्धारित सीमा के अनुसार इस्तेमाल कर सकता है। समय पर बकाया चुकाना बेहद जरूरी है, जबकि जरूरत न होने पर कैश निकालने और ज्यादा खर्च करने से बचना चाहिए।
क्रेडिट स्कोर 300 से 900 के बीच होता है और समय पर भुगतान से इसकी स्थिति बेहतर रह सकती है
क्रेडिट स्कोर 300 से 900 के बीच का आंकड़ा होता है, जो व्यक्ति की क्रेडिट हिस्ट्री और भुगतान व्यवहार को दर्शाता है। बैंक लोन या क्रेडिट से जुड़े फैसले लेते समय इसे महत्वपूर्ण मान सकते हैं। इसलिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करना, बकाया समय पर चुकाना और अपनी खर्च सीमा का ध्यान रखना जरूरी है।