मध्यप्रदेश में इन दिनों एक अनोखे अंदाज़ में लिया गया इंटरव्यू चर्चा में है। चलती कार के भीतर हुआ इंटरव्यू किसी पत्रकार ने नहीं बल्कि बीजेपी मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने लिया है, जो मीडिया में सुर्खियां बटोर रहा है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे कार में साक्षात्कार के इस वीडियो में मध्यप्रदेश भाजपा सह प्रभारी और विधायक सतीश उपाध्याय के साथ मध्यप्रदेश भाजपा के ही मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने प्रदेश के विकास और आत्मनिर्भरता पर सार्थक चर्चा की।
मध्यप्रदेश भाजपा मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल की मध्यप्रदेश भाजपा के सह प्रभारी सतीश उपाध्याय के बीच हुई बातचीत ने प्रदेश के विकास और राजनीतिक दिशा पर नई बहस छेड़ दी है। इस ‘कार इंटरव्यू’ में आशीष अग्रवाल ने दिल्ली के सियासी गलियारों में मध्यप्रदेश की छवि को लेकर सवाल किया। इसके जवाब में सतीश उपाध्याय ने कहा कि आज मध्यप्रदेश देश में एक लीडिंग रोल में उभर रहा है। उन्होंने दावा किया कि जो राज्य कभी ‘बीमारू’ की श्रेणी में गिना जाता था, वह अब तेजी से विकसित और आत्मनिर्भर राज्य की ओर बढ़ चुका है। उपाध्याय ने इस बदलाव का श्रेय केंद्र की नीतियों और राज्य सरकार के नेतृत्व को दिया।
मध्यप्रदेश भाजपा के सह प्रभारी सतीश उपाध्याय ने खास तौर पर मोहन यादव के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को जमीनी स्तर पर उतार रही है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री द्वारा विदेश दौरों के जरिए निवेश लाना और प्रदेश में औद्योगिक माहौल को मजबूत करना बड़ी उपलब्धि है।
बातचीत में यह भी सामने आया कि मध्यप्रदेश में आयोजित संभागीय स्तर की इंडस्ट्रियल समिट्स को दिल्ली में काफी सराहना मिल रही है।
मध्यप्रदेश भाजपा के सह प्रभारी सतीश उपाध्याय उपाध्याय ने कहा कि इन समिट्स के जरिए छोटे और मध्यम उद्योगों को स्थानीय स्तर पर ही अवसर मिल रहे हैं, जिससे युवाओं और उद्यमियों को लाभ हो रहा है। उनका मानना है कि अब निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश एक उभरता हुआ केंद्र बनता जा रहा है।
कार में साक्षात्कार के दौरान महिला सशक्तिकरण और युवाओं के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी जिक्र हुआ। उपाध्याय ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने और युवाओं को रोजगार के अवसर देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। साथ ही कृषि को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की गई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में इसे एक रणनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि इस तरह के अनौपचारिक इंटरव्यू के जरिए जनता तक सीधा संवाद स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। यह तरीका पारंपरिक राजनीतिक भाषणों से अलग है और डिजिटल युग में अधिक प्रभावी साबित हो सकता है।
दिल्ली में मध्यप्रदेश को लेकर सकारात्मक चर्चा का दावा भी इस बातचीत का अहम हिस्सा रहा। उपाध्याय के अनुसार, केंद्र और राज्य के समन्वय से प्रदेश ने अपनी अलग पहचान बनाई है और अब इसे एक ‘रोल मॉडल’ के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने अंत्योदय की अवधारणा का जिक्र करते हुए कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के प्रयासों में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
कुल मिलाकर, कार में हुआ यह साक्षात्कार सिर्फ एक सामान्य बातचीत नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश के रूप में सामने आया है। वायरल वीडियो ने यह साफ कर दिया है कि मध्यप्रदेश की सियासत अब नए प्रयोगों के साथ आगे बढ़ रही है।