Canada India News: कनाडा के प्रधानमंत्री ने की मोदी की जमकर तारीफ, कहा – अनुशासन और काम करने के अंदाज ने उन्हें बनाया अलग नेता
भारत और कनाडा के रिश्तों में पिछले कुछ समय से उतार-चढ़ाव जरूर देखने को मिले हैं, लेकिन अब दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के संकेत मिल रहे हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और कार्यशैली की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि उनकी कार्य क्षमता और जनता के लिए काम करने की प्रतिबद्धता उन्हें वैश्विक नेताओं से अलग बनाती है।
कनाडा के प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली और अनुशासन की सराहना की
कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मोदी की कार्यशैली और अनुशासन उन्हें एक असाधारण नेता बनाता है। कार्नी के मुताबिक मोदी ने करीब 25 वर्षों तक बिना छुट्टी लिए लगातार सार्वजनिक जीवन में काम किया है, चाहे वह गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में हो या देश के प्रधानमंत्री के तौर पर।
भारतीय प्रधानमंत्री की मेहनत और जनता से जुड़ने की क्षमता को बताया उनकी सबसे बड़ी ताकत
अपने संबोधन में कार्नी ने कहा कि मोदी की खासियत यह है कि वे बड़े राष्ट्रीय और वैश्विक मुद्दों पर काम करने के साथ-साथ आम लोगों की समस्याओं पर भी बराबर ध्यान देते हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी दौर में प्रधानमंत्री का कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहता है और वे देशभर में विशाल जनसभाओं को संबोधित करते हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि वे जनता से सीधा संवाद बनाए रखने में विश्वास रखते हैं।
भारत में डिजिटल भुगतान क्रांति और वित्तीय सुधारों को बताया बड़े बदलाव का उदाहरण
कार्नी ने भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि देश ने वित्तीय क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। उन्होंने विशेष रूप से Unified Payments Interface का उदाहरण देते हुए कहा कि इस प्लेटफॉर्म ने करोड़ों लोगों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ा है। उनके अनुसार डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लोगों तक पहुंचाने में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ाई है।
वैश्विक मंच पर मजबूत होते भारत के प्रभाव और रणनीतिक दृष्टिकोण की भी चर्चा की गई
कार्नी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत की सोच लंबे समय से स्वतंत्र और संतुलित रही है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत ने 1947 में आजादी मिलने के बाद से ही गुटनिरपेक्ष नीति अपनाई थी और वैश्विक बदलावों को लेकर उसका दृष्टिकोण काफी स्पष्ट रहा है। उनके अनुसार आज जब दुनिया नई भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है, तब भारत की भूमिका और भी अहम होती जा रही है।
भारत और कनाडा के बीच तकनीक, ऊर्जा और आर्थिक सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर
कनाडा के प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच भविष्य में सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीकों में साझेदारी की बात कही। कार्नी ने बताया कि पिछले 11 महीनों में दोनों देशों के संबंधों में आर्थिक और सुरक्षा सहयोग के क्षेत्र में प्रगति हुई है, हालांकि अभी और काम करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि कनाडा भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और व्यापारिक साझेदारी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कनाडा में करीब 20 लाख लोग भारतीय मूल के हैं, जो दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बनाते हैं।