भजन की टीम में शामिल होने विधायक कर रहे ‘भजन’
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कैबिनेट विस्तार के बाद सभी की निगाहें राजस्थान के मंत्रिमंडल पर लगी हुई हैं। बीजेपी सीएम और डिप्टी सीएम बनाने की तरह ही मंत्रिमंडल विस्तार का काम कर रही है। एमपी और छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने जिस तरह युवा चेहरों को कैबिनेट में जगह दी है। उससे राजस्थान में पहली बार विधायक बनने वाले नेताओं को मंत्री बनने की उम्मीद जागी है, लेकिन पार्टी के दिग्गज नेताओं और पूर्व मंत्रियों की टेंशन बढ़ गई है। दरअसल बीजेपी ने तीनों ही राज्यों में सीएम और डिप्टी सीएम के फैसले पर जिस तरह से क्षपत्रों को दरकिनार किया है, उसी तरह से मंत्रिमंडल गठन में भी दिग्गजों की जगह नए चेहरों को तवज्जो देकर सभी को चौंका दिया है। इसके अलावा सांसद से विधायक बने ज्यादातर नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है, लेकिन कईयों उम्मीदों पर पानी फिर गया है। ऐसे में देखना होगा कि राजस्थान में सीएम भजनलाल शर्मा की अगुवाई में बनी बीजेपी सरकार के मंत्रिमंडल में किसे मौका मिलता है और किसे नहीं?। अटकलें हैं लगाई जा रहीं कि वरिष्ठ सदस्यों की जगह उन विधायकों को मौका दिया जा सकता है, जो अब तक कभी मंत्री नहीं बने हैं। कुछ वरिष्ठ विधायकों को भी मंत्री बनाया जा सकता है और उनकी संख्या ज्यादा नहीं होगी। वहीं, लोकसभा चुनाव के मद्देनजर नए मंत्रियों के चयन में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने पर भी नजर रहेगी। इस पृष्ठभूमि में माना जा रहा है कि शेखावाटी क्षेत्र, जहां बीजेपी का प्रदर्शन फिसड्डी रहा है, वहां ज्यादातर जीते हुए विधायकों को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है।