देश में जहां बारिश की फुहार ने मौसम खुशनुमा बना दिया है वहीं राजस्थान की बात करें तो यहां एक बार फिर राजनीतिक पारा चढ़ने वाला है। एक बार फिर सियासत गर्माने लगी है। दरअसल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हालिया दिल्ली दौरे और केंद्रीय नेताओं से हुई अहम मुलाकातों के बाद राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बीजेपी से जुड़े सूत्रों की माने तो डेढ़ साल से कार्यरत मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। जिसके आधार पर कुछ मंत्रियों का जहां प्रमोशन होने वाला है तो कुछ मंत्रियों की छुट्टी की संभावना जताई जा रही है।
- राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज
- भजनलाल शर्मा के दिल्ली दौरे के बाद सियासी हलचल
- एक बार फिर गर्माने लगी राजस्थान की राजनीति
- सीएम शर्मा ने हाल ही में किया था दिल्ली दौरा
- दिल्ली दौरे के बीच केंद्रीय नेताओं से हुई थी अहम मुलाकात
- डेढ़ साल से कार्यरत मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार
- परफॉर्मेंस रिपोर्ट के आधार पर कुछ मंत्रियों का प्रमोशन
- कुछ की छुट्टी की संभावना जताई जा रही है
दिल्ली की बैठकों में छिपे संकेत
राजस्थान से जुड़ी अहम बैठकें हाल ही में दिल्ली में संपन्न हुईं। जिनका शेड्यूल बेहद व्यवस्थित और रणनीतिक रहा। बीकानेर सांसद व केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
इसके बाद अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और अमित शाह की मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से भी भेंट की। इन सिलसिलेवार बैठकों ने राजस्थान मंत्रिमंडल के पुनर्गठन को लेकर चर्चाओं को फिर हवा दे दी है।
परफॉर्मेंस रिपोर्ट…बदलाव की नींव
पार्टी सूत्रों की माने तो राजस्थान के मौजूदा मंत्रियों की कार्यप्रणाली की गोपनीय रिपोर्ट तैयार की गई है। जिन मंत्रियों का प्रदर्शन औसत या कमजोर माना गया है, उन्हें हटाया जा सकता है, वहीं सक्रिय और जनसमर्थन प्राप्त मंत्रियों को पदोन्नति दी जा सकती है।
बीएल संतोष की टिप्पणी से भी बढ़ी हलचल
बीजेपी संगठन महासचिव बीएल संतोष ने पिछले दिनों जयपुर दौरे के दौरान मंत्रिमंडल विस्तार पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए कहा था “यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। वे चाहें तो इसमें बदलाव कर सकते हैं। उनके इस बयान के बाद बीजेपी के भीतर चर्चा और अटकलों का दौर और तेज हो गया है।
विधायक- मंत्रियों की बेचैनी बढ़ी
मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं को लेकर सत्ता पक्ष के विधायक व मंत्री भी सक्रिय हो गए हैं। कई नेता अपने भविष्य को लेकर दिल्ली या जयपुर दरबार की चक्कर काटते नज़र आ रहे हैं। अंदरखाने लॉबिंग और प्रदर्शन का विवरण ऊपर तक पहुँचाया जा रहा है।
क्या हो सकता है अगला कदम?
कैबिनेट में 5-6 नए चेहरे शामिल हो सकते हैं
प्रदर्शन के आधार पर कुछ मंत्रियों का कद घट या बढ़ सकता है
मुख्यमंत्री कार्यालय में कुछ अहम फेरबदल संभव
राजस्थान मंत्रिमंडल
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
उपमुख्यमंत्री
दीया कुमारी
डॉ. प्रेमचंद बैरवा
कैबिनेट मंत्री
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा
गजेंद्र सिंह खींवसर
कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़
मदन दिलावर
कन्हैयालाल चौधरी
जोगाराम पटेल
सुरेश सिंह रावत
अविनाश गहलोत
सुमित गोदारा
जोराराम कुमावत
बाबूलाल खराड़ी
हेमंत मीणा
राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार
सुरेंद्र पाल सिंह टीटी
संजय शर्मा
गौतम कुमार
झाबर सिंह खर्रा
हीरालाल नागर
राज्य मंत्री
ओटाराम देवासी
डॉ. मंजू बाघमार
विजय सिंह चौधरी
कृष्ण कुमार के के बिश्नोई
जोरावर सिंह बेढम
ऐसे में माना जा रहा है कि राजस्थान की राजनीति एक निर्णायक मोड़ पर है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार के डेढ़ वर्ष पूरे होने के बाद यह मंत्रिमंडल विस्तार न सिर्फ प्रशासनिक मजबूती देगा, बल्कि आगामी स्थानीय निकाय व पंचायत चुनाव के मद्देनज़र राजनीतिक संतुलन भी साधेगा। प्रकाश कुमार पांडेय