उत्तरप्रदेश में अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए वोटिंग शुरू हो चुकी है। मुख्य रूप से इस सीट पर उपचुनाव में मुकाबला समाजवादी पार्टी और बीजेपी के ही बीच है। सपा ने अजीत प्रसाद तो बीजेपी ने चंद्रभानु पासवान के मैदान में उतारा है। यहां इस बार बीएसपी उपचुनाव के मैदान में नहीं उतरी है। वहीं कांग्रेस ने भी इस सीट पर अपने गठबंधन सहयोगी समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन किया है। हालांकि आजाद समाज पार्टी कांशीराम ने जरुर इस सीट से अपना उम्मीदवार को मैदान में उतारा है।
- मिल्कीपुर उपचुनाव की वोटिंग जारी
- सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी
- 3.70 लाख वोटर कर रहे मतदान
- 4811 वोटर्स पहली बार मतदान करेंगे
मिल्कीपुर उपचुनाव में मतदान जारी
बता दें मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर आज बुधवार 5 फरवरी की सुबह 7 बजे से ही वोटिंग शुरू हो गई थी। टिंग शाम 6 बजे तक जारी रहेगी। चुनाव के परिणाम 8 फरवरी को जारी होंगे। इस सीट पर उपचुनाव की यह लड़ाई सपा और बीजेपी के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई मानी जा रही है। मिल्कीपुर सीट अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। इस सीट पर 3 लाख 70 हजार से अधिक वोटर्स 10 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद का आरोप
- ‘बहुत अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है’
- ‘बीजेपी ने दबाव डालकर चुनाव को प्रभावित किया’
- ‘सपा कार्यकर्ताओं को पोलिंग बूथों से भगाया जा रहा’
- ‘5 कार्यकर्ताओं को बंद कर दिया गया है’
- ‘आचार संहिताओं का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा’
- ‘संविधान को चकनाचूर किया जा रहा है’
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि मिल्कीपुर का उपचुनाव मर्यादा पुरुषोत्तम राम की धरती अयोध्या के जनपद मिल्कीपुर का चुनाव है जो मेरा संसदीय क्षेत्र है। वे देवतुल्य मतदाताओं का आभार प्रकट करते हैं। जिन्होंने उन्हें अयोध्या फैजावाद का सांसद चुना। देश और दुनिया में सम्मान बढ़ाया। बहुत अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि यूपी की बीजेपी सरकार ने लगातार दबाव डालकर उपचुनाव को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा आज जब मतदान हो रहा है तो उन्हें यह सूचना मिल रही है कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पोलिंग बूथों से भगा दिया जा रहा है। सपा के कम से कम 5 कार्यकर्ताओं को कैद कर दिया गया। उपचुनाव में अंबेडकर के संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आचार संहिताओं का भी खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है।





