दिल्ली MCD उपचुनाव में बीजेपी का दबदबा, 7 सीटों पर जीत – AAP को 3, कांग्रेस और AIFB को भी मिली खुशखबरी

By election results for 12 wards of Delhi MCD elections declared

दिल्ली MCD उपचुनाव में बीजेपी का दबदबा, 7 सीटों पर जीत – AAP को 3, कांग्रेस और AIFB को भी मिली खुशखबरी

Delhi MCD By-Election Result LIVE Updates: दिल्ली नगर निगम (MCD) के 12 वार्डों में हुए उपचुनाव के नतीजे बुधवार को घोषित कर दिए गए। उपचुनाव में बीजेपी ने सबसे ज्यादा 7 वार्ड जीतकर अपना दबदबा बनाए रखा है। हालांकि पार्टी को 2 सीटों का नुकसान हुआ है, लेकिन प्रदर्शन को पार्टी ने संतोषजनक बताया है। वहीं सत्ता पक्ष आम आदमी पार्टी (AAP) को 3 सीटों पर जीत मिली है। उपचुनाव के नतीजों में कांग्रेस को भी एक बड़ी राहत मिली है। संगम विहार वार्ड में कांग्रेस उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है, जिसे पार्टी संगठन और विपक्ष दोनों के लिए मनोबल बढ़ाने वाली सफलता माना जा रहा है। इसके अलावा AIFB (फॉरवर्ड ब्लॉक) ने भी एक सीट जीतकर सभी को चौंका दिया।

बीजेपी का दावा: “7 सीटें जीतना बड़ी कामयाबी” — लेकिन दो सीटों का होगा पोस्टमार्टम

नतीजों के बाद दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा 12 में से 7 सीटें हमारी झोली में आई हैं, यह हमारी बड़ी कामयाबी है। लेकिन जिन दो सीटों पर हम पीछे रहे। उसकी समीक्षा की जाएगी। मुंडका और संगम विहार की सीटें पिछली बार बहुत कम मार्जिन से जीती थीं, वहीं से हमें नुकसान हुआ है। सचदेवा ने यह भी कहा कि उपचुनाव के नतीजे दिखाते हैं कि दिल्ली की जनता बीजेपी के काम पर भरोसा रखती है। उन्होंने साफ किया कि संगठन स्तर पर समीक्षा की जाएगी और 2027 की तैयारी अब और तेज की जाएगी।

AAP को मिली तीन सीटें — पार्टी बोली: “बीजेपी का किला दरक रहा है”

आम आदमी पार्टी ने इस उपचुनाव को दिल्ली की राजनीति का ‘मिनी टेस्ट’ बताते हुए कहा कि इन परिणामों के बाद यह साफ है कि बीजेपी का वोट शेयर घट रहा है और AAP के प्रति लोगों का विश्वास कायम है। AAP नेताओं ने दावा किया कि 2022 की तुलना में उनका संगठन मजबूत हुआ है और आने वाले महीनों में पार्टी कई वार्डों में और अच्छा प्रदर्शन करेगी।

कांग्रेस के लिए खुशखबरी — संगम विहार में जीत से मिला बूस्ट

लंबे समय से लगातार पराजय झेल रही कांग्रेस के लिए यह उपचुनाव परिणाम सकारात्मक संदेश लेकर आया है। संगम विहार वार्ड में कांग्रेस उम्मीदवार की जीत को पार्टी ने “पुनरुत्थान का संकेत” बताया है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि—
“बीजेपी और AAP के बीच फंसे दिल्ली के लोगों ने अब विकल्प के तौर पर कांग्रेस को देखना शुरू किया है। पार्टी ने दावा किया कि अगले विधानसभा चुनाव में वह प्रतियोगिता में वापसी करेगी।

AIFB ने किया चौंकाने वाला प्रदर्शन — एक सीट अपने नाम

इन उपचुनावों में सबसे अप्रत्याशित जीत रही AIFB की। फॉरवर्ड ब्लॉक ने एक वार्ड में जीत दर्ज कर सभी राजनीतिक दलों के समीकरण बिगाड़ दिए। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह परिणाम स्थानीय मुद्दों और जमीनी कार्यकर्ताओं की मेहनत का नतीजा है।
कैसा था मतदान?
एमसीडी के 12 वार्डों में 30 नवंबर को उपचुनाव के लिए मतदान हुआ था।
कुल मतदान — करीब 40%
2022 के एमसीडी चुनाव में मतदान था — 50.47%
यानी इस बार लगभग 10% मतदान कम हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि कम मतदान ने कई वार्डों में परिणामों पर असर डाला, खासकर उन जगहों पर, जहां मुकाबला बेहद करीबी था।

उपचुनाव में महिला उम्मीदवारों की अहम भूमिका

इस बार उपचुनाव में कुल 51 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें 26 महिलाएं शामिल थीं।

महिला उम्मीदवारों के वितरण पर नज़र
बीजेपी — 8 महिला उम्मीदवार
AAP — 6 महिला उम्मीदवार
कांग्रेस — 5 महिला उम्मीदवार

दिल्ली के कई वार्डों में महिलाओं ने कड़ी टक्कर दी। जीतने वालों में भी कई महिलाएं हैं, जिसे दिल्ली की स्थानीय राजनीति में सकारात्मक बदलाव का संकेत माना जा रहा है। बीजेपी को जहां बढ़त मिली, वहीं AAP और कांग्रेस ने भी दिखाया दम।
विश्लेषण के अनुसार, बीजेपी ने उन वार्डों में दमदार प्रदर्शन किया, जहां 2022 में भी वह मजबूत रही थी। लेकिन AAP ने कई जगह बीजेपी के साथ कड़ी टक्कर ली और तीन सीटें लेकर यह संदेश दिया कि उसका जनाधार अभी भी बरकरार है। कांग्रेस की संगम विहार से जीत ने बीजेपी और AAP दोनों को चौंकाया है और यह पार्टी के लिए मनोबल बढ़ाने वाली सफलता मानी जा रही है।

राजनीतिक माहौल पर प्रभाव

इन नतीजों ने दिल्ली के 2027 विधानसभा चुनाव और 2027 एमसीडी चुनाव के राजनीतिक माहौल को थोड़ा गर्म कर दिया है। बीजेपी को 7 सीटों की जीत से ऊर्जा मिली है, पर 2 सीटों पर हार चिंताजनक है। AAP अपनी तीन सीटों को साइलेंट सपोर्ट का संकेत मान रही है। कांग्रेस की जीत उससे ज्यादा बड़ी है जितनी एक सीट दिखती है, क्योंकि पार्टी के लिए यह एक ‘कमबैक मोमेंट’ है।
दिल्ली एमसीडी उपचुनाव के ये नतीजे दिखाते हैं कि दिल्ली की राजनीति बेहद गतिशील है। बीजेपी ने अपना वर्चस्व बनाए रखा है, लेकिन AAP और कांग्रेस ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूती दिखाई है। आने वाले महीनों में यही परिणाम बड़े राजनीतिक चुनावों के लिए आधार बनेंगे और दिल्ली की राजनीति की नई दिशा तय करेंगे।

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