UP विधानसभा का बजट सत्र आज से…11 फरवरी को पेश होगा योगी सरकार 2.0 का आखिरी बजट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। यह सत्र राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि योगी आदित्यनाथ सरकार अपने दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट 11 फरवरी को पेश करेगी। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए इस बजट से जनता और विपक्ष—दोनों की निगाहें टिकी हुई हैं। बजट सत्र की शुरुआत आज राज्यपाल के अभिभाषण से होगी, जबकि पूरे सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे के आसार हैं।
16 फरवरी तक चलेगा बजट सत्र
विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार बजट सत्र आज से शुरू होकर 16 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान सरकार कई अहम विधेयक सदन में पेश करेगी। आज पहले दिन संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री सुरेश खन्ना आर्थिक सर्वेक्षण सदन के पटल पर रखेंगे। इसके अलावा 11 विधेयकों को मंजूरी के लिए सदन में रखा जाएगा। माना जा रहा है कि सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था, किसानों, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।
सत्र शुरू होते ही सपा विधायकों का प्रदर्शन
बजट सत्र शुरू होने से पहले ही सियासी माहौल गर्म नजर आया। समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के नीचे विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सपा विधायकों के साथ कांग्रेस की विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ भी प्रदर्शन में शामिल रहीं। विपक्ष ने सरकार पर किसानों की अनदेखी, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
विपक्ष का हमला, सरकार पर कई सवाल
सपा विधायकों का कहना है कि राज्य में महंगाई लगातार बढ़ रही है, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा और कानून-व्यवस्था के हालात चिंताजनक हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार जमीनी मुद्दों से ध्यान भटका रही है। बजट सत्र में इन सभी मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाने की रणनीति विपक्ष ने बना ली है, जिससे सदन में हंगामे की संभावना बढ़ गई है।
CM योगी का जवाब – हर विषय पर चर्चा को तैयार
विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि आज राज्यपाल का अभिभाषण होगा और 11 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार विकास से जुड़े सभी सवालों का जवाब सदन में देगी और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के तहत चर्चा होगी।
योगी सरकार 2.0 का आखिरी बजट
यह बजट इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि यह योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए इस बार का बजट विकास के साथ-साथ लोकलुभावन घोषणाओं से भरपूर हो सकता है। सरकार बुनियादी ढांचे, रोजगार, युवाओं और किसानों के लिए नई योजनाओं का ऐलान कर सकती है।
2026-27 के बजट पर टिकी निगाहें
योगी सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश करेगी। माना जा रहा है कि इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिक निवेश, एक्सप्रेसवे, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों पर खास जोर दिया जा सकता है। साथ ही, महिला सशक्तिकरण और गरीब कल्याण से जुड़ी योजनाओं को भी बजट में प्राथमिकता मिल सकती है।
सदन में हंगामे के पूरे आसार
आज सदन में 11 विधेयकों को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। विपक्ष पहले ही साफ कर चुका है कि वह एसआईआर, कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं और अमेरिका के साथ हो रही ट्रेड डील जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने से पीछे नहीं हटेगा। ऐसे में बजट सत्र के हंगामेदार रहने के पूरे संकेत मिल रहे हैं। बजट सत्र को लेकर विधानसभा परिसर में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों ही सत्र के लिए पूरी तरह से तैयार नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि योगी सरकार अपने आखिरी बजट के जरिए जनता को क्या बड़ा संदेश देती है और विपक्ष इसे किस तरह चुनौती देता है।