बजट सत्र 2026 की शुरुआत आज, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर टिकी निगाहें
नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र 2026 आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगी। राष्ट्रपति का यह अभिभाषण सुबह 11 बजे शुरू होने की संभावना है। इसी के साथ केंद्र सरकार के आर्थिक एजेंडे और नीतिगत प्राथमिकताओं की झलक भी सामने आएगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। खास बात यह है कि कई वर्षों बाद पहली बार बजट रविवार के दिन प्रस्तुत किया जाएगा, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है।
बजट 2026 से उम्मीदें?
देशभर की निगाहें इस बजट पर टिकी हैं—
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क्या महंगाई और टैक्स में राहत मिलेगी?
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क्या किसानों और गरीबों के लिए नई योजनाएं आएंगी?
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क्या वैश्विक संकट के बीच अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी?
इन सभी सवालों के जवाब 1 फरवरी को बजट भाषण के साथ सामने आएंगे।
29 जनवरी को पेश होगा आर्थिक सर्वेक्षण
बजट से पहले सरकार की ओर से आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 को 29 जनवरी को संसद में रखा जाएगा। यह दस्तावेज देश की आर्थिक स्थिति, विकास दर, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं का आईना होता है। आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर ही बजट में नीतिगत फैसलों और घोषणाओं की दिशा तय होती है।
हलवा सेरेमनी के साथ बजट प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में
27 जनवरी को परंपरागत हलवा सेरेमनी का आयोजन किया गया, जिसके साथ ही बजट तैयार करने की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई। इस रस्म के बाद वित्त मंत्रालय से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी एक विशेष “लॉक-इन पीरियड” में चले जाते हैं, जिसमें उनका बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया जाता है। हलवा सेरेमनी को बजट प्रक्रिया की गोपनीयता और टीम के परिश्रम के सम्मान का प्रतीक माना जाता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस अवसर पर बजट टीम को शुभकामनाएं दीं और तैयारियों की समीक्षा भी की।
बजट कहां और कैसे छपता है?
केंद्रीय बजट से जुड़े सभी दस्तावेज नॉर्थ ब्लॉक में स्थित विशेष सरकारी प्रेस में छापे जाते हैं। पहले यह काम राष्ट्रपति भवन में होता था, लेकिन 1950 में एक दस्तावेज लीक होने की घटना के बाद इसे मिंटो रोड शिफ्ट किया गया। बाद में 1980 में बजट प्रेस को नॉर्थ ब्लॉक में स्थानांतरित किया गया। पहले सैकड़ों प्रतियां छापने के लिए कर्मचारियों को दो-दो हफ्ते तक बेसमेंट में ही रहना पड़ता था। हालांकि अब डिजिटल सिस्टम के चलते बहुत कम कागजी प्रतियां छापी जाती हैं और ज्यादातर जानकारी ऑनलाइन माध्यम से साझा की जाती है।
डिजिटल बजट से बदली परंपराएं
सरकार ने पिछले कुछ वर्षों से बजट को पेपरलेस फॉर्मेट में पेश करने की परंपरा शुरू की है। अब बजट से जुड़े सभी दस्तावेज जैसे वार्षिक वित्तीय विवरण, अनुदान मांगें और वित्त विधेयक यूनियन बजट मोबाइल ऐप और आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाते हैं। यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में एंड्रॉयड और iOS प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। बजट भाषण समाप्त होते ही सभी दस्तावेज आम जनता और सांसदों के लिए डिजिटल रूप से जारी कर दिए जाते हैं। डिजिटल व्यवस्था के कारण लॉक-इन पीरियड भी घटकर लगभग 5 दिन का रह गया है।
सीतारमण का लगातार नौवां बजट
बजट 2026-27 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा। इससे पहले उन्होंने आठ बजट पेश कर एक रिकॉर्ड कायम किया है। यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था भारी उथल-पुथल से गुजर रही है।
वैश्विक संकट और घरेलू चुनौतियां
बजट 2026 ऐसे दौर में पेश किया जा रहा है जब
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वैश्विक बाजारों में अस्थिरता है
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अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत ट्रंप टैरिफ लगाए गए हैं
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भारतीय रुपया 92 रुपये प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच चुका है
इन परिस्थितियों में सरकार के सामने आर्थिक विकास को बनाए रखने, महंगाई पर नियंत्रण, रोजगार सृजन और वित्तीय अनुशासन को संतुलित करने की बड़ी चुनौती है।
दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बने रहने की कोशिश
सरकार का लक्ष्य भारत को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाए रखना है। मौजूदा वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ 7.6 प्रतिशत अनुमानित की गई है। बजट 2026 से उम्मीद की जा रही है कि यह निवेश, उद्योग, मध्यम वर्ग, किसानों और युवाओं के लिए राहत और प्रोत्साहन लेकर आएगा।





