ब्रजभूषण सिंह पहुँचे संभल के कल्कि धाम, राम मंदिर निर्माण से की तुलना …टीएमसी को लेकर कही ये बड़ी बात
संभल जिले के थाना ऐंचौड़ा कम्बोह क्षेत्र स्थित श्रीकल्कि धाम में इन दिनों चल रहे महायज्ञ में सोमवार को एक विशेष क्षण देखने को मिला, जब भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद और चर्चित नेता बृजभूषण सिंह यहां पहुंचे। उनके आगमन पर कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने उनका स्वागत किया। बृजभूषण सिंह ने यज्ञ में विधिवत आहुति दी और परिसर में चल रही निर्माण प्रक्रियाओं का अवलोकन किया।
धाम पहुंचते ही उन्होंने उस स्थान के भी दर्शन किए, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं कल्कि धाम की आधारशिला रखी थी। यह स्थान भक्तों और साधुओं के लिए बेहद पवित्र माना जाता है और इसी आधारशिला से पूरे विश्व का ध्यान इस प्रोजेक्ट की ओर आकर्षित हुआ है।
हेलीकॉप्टर से पहुंचे पूर्व सांसद
बृजभूषण सिंह कल्कि धाम में हेलीकॉप्टर से पहुंचे थे। उनका आगमन अचानक और कुछ समय के लिए ही रहा, लेकिन उनके आने से आयोजन की महत्ता और बढ़ गई। हालांकि, वह जगद्गुरु रामभद्राचार्य से मुलाकात नहीं कर सके और न ही श्रीकल्कि कथा में शामिल हो पाए। कार्यक्रम स्थल पर थोड़ी देर ठहरने के बाद वह फिर से रवाना हो गए।
उनका यह संक्षिप्त मगर महत्वपूर्ण दौरा आयोजकों और भक्तों के लिए उत्साह का विषय रहा। पीठाधीश्वर प्रमोद कृष्णम् ने उन्हें कल्कि धाम के भविष्य, निर्माण योजनाओं और आध्यात्मिक महत्व के बारे में जानकारी भी दी।
“कल्कि धाम निर्माण सौभाग्यशाली घटना”
कल्कि धाम के निर्माण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण सिंह ने इसे सौभाग्यपूर्ण घटना बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी आध्यात्मिक परियोजना में विश्वास सबसे बड़ी शक्ति होता है। उन्होंने कहा “यदि गुरुदेव को विश्वास है और प्रधानमंत्री ने उसी विश्वास के आधार पर आधारशिला रखी है, तो यह ही पर्याप्त प्रमाण है कि कल्कि भगवान का अवतार इस धरती पर होगा। इसमें किसी प्रकार का संदेह नहीं है।”
उन्होंने कल्कि अवतार की परंपरा, धार्मिक ग्रंथों में उल्लेखित भविष्यवाणियों और कल्कि धाम की आध्यात्मिक भूमिका पर विस्तृत चर्चा की। उनका कहना था कि यह धाम न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि आने वाले समय में समाज को एक नई दिशा भी प्रदान करेगा।
18 साल के संघर्ष के बाद शुरू हुआ निर्माण
धाम के निर्माण को लेकर पूर्व सांसद ने 18 वर्षों के संघर्ष का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसी भी महान कार्य के पीछे संघर्ष की विरासत होती है। उनके शब्दों में “संघर्ष के बिना किसी भी उद्देश्य में आनंद नहीं आता। संघर्ष ही हमें निखारता है, मजबूत बनाता है। कल्कि धाम का निर्माण इसका प्रमाण है।”
इस दौरान उन्होंने राम मंदिर के संघर्ष का भी संदर्भ दिया। उन्होंने कहा “राम मंदिर का भी विरोध हुआ था, आंदोलन हुए, मुकदमे चले, लेकिन मंदिर आखिरकार बना। विरोध करना उनका फर्ज है और निर्माण करना हमारा। यही परंपरा धर्म और सत्य की जीत सुनिश्चित करती है।उनके इस बयान को कई लोग वर्तमान धार्मिक-सामाजिक परिस्थितियों से जोड़कर देख रहे हैं।
टीएमसी विधायक के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
हाल ही में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में टीएमसी से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर द्वारा बाबरी मस्जिद निर्माण को लेकर दिए गए विवादित बयान ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा छेड़ी थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण सिंह ने कहा “आजकल एक परंपरा बन गई है कि कुछ लोग नाम और प्रसिद्धि पाने या सुरक्षा हासिल करने के लिए विवाद पैदा करते हैं। समाज को भड़काना उनकी आदत बन चुकी है।”
उन्होंने आगे यह भी कहा कि जिन लोगों के बयानों से समाज में तनाव बढ़ता है या संप्रदायों में टकराव होता है, उन्हें किसी भी तरह की सरकारी सुरक्षा देने से पहले सरकार को दो बार सोचना चाहिए। साथ ही कहा कि “जो लोग समाज में जहर घोलते हैं, उनके लिए सुरक्षा नहीं, बल्कि कानून का डर होना चाहिए।”
कल्कि धाम – भविष्य का आध्यात्मिक केंद्र
गौरतलब है कि श्रीकल्कि धाम भारत के सबसे बड़े धार्मिक प्रोजेक्ट्स में से एक बनकर उभर रहा है। आचार्य प्रमोद कृष्णम् वर्षों से इसके निर्माण और योजना पर कार्य कर रहे हैं। कल्कि धाम की आध्यात्मिक यात्रा और इसके निर्माण को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच बृजभूषण सिंह का दौरा एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में देखा जा रहा है। चाहे उनका रहना कम समय का रहा हो, लेकिन उनके बयान, विश्वास और राम मंदिर निर्माण से की गई तुलना ने इस पूरे कार्यक्रम को एक नई दिशा दे दी है। कल्कि धाम आने वाले समय में किस स्वरूप में विकसित होगा, यह देखने वाली बात होगी, लेकिन इतना तय है कि इसकी नींव अब मजबूत धार्मिक और राजनीतिक समर्थन के साथ आगे बढ़ रही है।





