मुंबई बीएमसी चुनाव: शिवसेना प्रत्याशी के लिए सड़कों पर उतरे गोविंदा, राजनीति में कलाकारों की भूमिका पर रखी राय
मुंबई (महाराष्ट्र)। बॉलीवुड अभिनेता और शिवसेना नेता गोविंदा एक बार फिर सक्रिय राजनीति में नजर आए। शुक्रवार को उन्होंने आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों के लिए मुंबई की सड़कों पर उतरकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार किया। गोविंदा का यह रोड शो खासा चर्चा में रहा और बड़ी संख्या में लोग उन्हें देखने और समर्थन जताने के लिए सड़कों पर उमड़ पड़े।
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बीएमसी चुनाव में गोविंदा ने किया प्रचार
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शिवसेना प्रत्याशी संग किया रोडशो
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मुंबई की सड़कों पर गोविंदा
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कलाकारों की राजनीति में भूमिका
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कामाठीपुरा में उमड़ी भारी भीड़
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गोविंदा बोले सकारात्मक माहौल बना
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सत्ता बदलने से कलाकार सुरक्षित-गोविंदा
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बीएमसी चुनाव सेमीफाइनल माना
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फिल्मी सितारों से चुनावी जोश
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गोविंदा की एंट्री से हलचल
गोविंदा मुंबई के कामाठीपुरा इलाके में खुले जीप में सवार होकर प्रचार करते नजर आए। जैसे ही लोगों को उनके आने की खबर मिली, सड़कों के दोनों ओर भारी भीड़ जमा हो गई। फैंस ने गोविंदा के साथ तस्वीरें लीं, उनका अभिवादन किया और उनके समर्थन में नारे लगाए। अभिनेता की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चुनावी प्रचार एक तरह से उत्सव में बदल गया।
राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे गोविंदा ने शनिवार को एएनआई से बातचीत में न सिर्फ अपने चुनाव प्रचार को लेकर बात की, बल्कि यह भी बताया कि आखिर फिल्म जगत से जुड़े लोगों को राजनीति और सार्वजनिक जीवन में रुचि क्यों लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कलाकार समाज का आईना होते हैं और जब समाज से जुड़े फैसले होते हैं, तो कलाकारों की भागीदारी जरूरी हो जाती है।
गोविंदा ने कहा, “अच्छी कला तभी फल-फूल सकती है, जब माहौल अच्छा हो। कई सालों बाद अब हमें एक सकारात्मक वातावरण देखने को मिल रहा है। वरना नाम, शोहरत, इज्जत और पैसा होने के बावजूद कलाकारों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है।” उन्होंने यह भी इशारा किया कि बीते समय में रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को असुरक्षा और दबाव महसूस होता था, जिससे उनके काम पर असर पड़ता था।
उन्होंने मौजूदा सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि सत्ता में बदलाव के बाद माहौल में स्पष्ट अंतर आया है। गोविंदा के मुताबिक, “जब से यह सरकार सत्ता में आई है, तब से ऐसा लगता है कि हम आगे बढ़ सकते हैं, खुलकर काम कर सकते हैं और किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। जो डर पहले महसूस होता था, उससे हम बाहर निकल पाए हैं और इसमें मौजूदा सरकार की बड़ी भूमिका रही है।”
गोविंदा ने यह भी कहा कि कलाकारों के लिए सिर्फ मनोरंजन तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है। समाज, संस्कृति और देश की दिशा तय करने वाले मुद्दों पर उनकी भी जिम्मेदारी बनती है। राजनीति में उनकी भागीदारी न केवल उनकी सुरक्षा और स्वतंत्रता को मजबूत करती है, बल्कि आम लोगों तक उनकी आवाज को भी पहुंचाती है।
इस बीच महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य भर में 29 नगर निगमों के चुनावों की घोषणा कर दी है। इनमें बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी), पुणे नगर निगम और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम जैसे बड़े निकाय शामिल हैं। बीएमसी चुनाव को राज्य की राजनीति का सेमीफाइनल माना जाता है, क्योंकि इसका असर आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों पर भी पड़ता है।
मुंबई में बीएमसी चुनाव के तहत कुल 227 वार्डों में मतदान कराया जाएगा। मतदान 15 जनवरी को होगा, जबकि मतगणना 16 जनवरी को की जाएगी। सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। शिवसेना (शिंदे गुट), कांग्रेस, एनसीपी और बीजेपी समेत कई दल मैदान में हैं। ऐसे में गोविंदा जैसे लोकप्रिय चेहरे का प्रचार में उतरना शिवसेना के लिए अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फिल्मी सितारों की मौजूदगी चुनावी माहौल को गर्म कर देती है और युवा मतदाताओं को खास तौर पर आकर्षित करती है। गोविंदा की छवि एक ऐसे अभिनेता की रही है, जो आम लोगों से सीधे जुड़ाव रखते हैं। यही वजह है कि उनके रोड शो में भारी भीड़ देखने को मिली।
कुल मिलाकर, बीएमसी चुनाव से पहले गोविंदा का यह प्रचार अभियान न सिर्फ राजनीतिक संदेश देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि फिल्मी दुनिया और राजनीति के बीच की दूरी धीरे-धीरे कम हो रही है। कलाकारों की सक्रिय भागीदारी से राजनीति में एक नया रंग और नई ऊर्जा देखने को मिल रही है, जिसका असर आने वाले दिनों में चुनावी नतीजों में भी दिखाई दे सकता है।