बीएमसी चुनाव को लेकर भले ही कई राजनीतिक दल मैदान में हों, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। मुंबई की सड़कों पर इन दिनों जो माहौल दिख रहा है, उससे साफ है कि असली मुकाबला भारतीय जनता पार्टी बीजेपी और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) यानी यूबीटी के बीच ही सिमटता जा रहा है। खास तौर पर मराठी बहुल इलाकों में दोनों दलों के बीच होर्डिंग वॉर तेज हो गया है। बीजेपी की ओर से लगाए गए बड़े-बड़े होर्डिंग्स में मुंबई की जनता से सीधा सवाल किया जा रहा है। इनमें लिखा है कि पिछले 25 सालों में शिवसेना (उद्धव ठाकरे की पार्टी) ने मुंबईकरों को सिर्फ झूठे वादे दिए और ठगा है। साथ ही लोगों से अपील की जा रही है कि अब उनके बहकावे में न आएं और विकास करने वाले बीजेपी गठबंधन को वोट दें। इस होर्डिंग वॉर की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसमें न तो कांग्रेस नजर आ रही है और न ही शिंदे गुट की शिवसेना। इसके अलावा एनसीपी के दोनों गुट, आरपीआई, समाजवादी पार्टी और एमआईएम के पोस्टर भी गिनती के ही दिख रहे हैं। इसके उलट, पूरी मुंबई में बीजेपी और यूबीटी के पोस्टर और होर्डिंग्स छाए हुए हैं। कुल मिलाकर, बीएमसी चुनाव की लड़ाई अब सियासी मंच से उतरकर सड़कों पर आ चुकी है, जहां पोस्टर और होर्डिंग्स के जरिए बीजेपी बनाम यूबीटी का सीधा मुकाबला नजर आ रहा है।




