भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने लंबे इंतजार के बाद अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। नई टीम में कई अनुभवी नेताओं के साथ युवा चेहरों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है, जबकि राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। नई नियुक्तियों में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण के साथ आगामी विधानसभा चुनावों को भी ध्यान में रखा गया है।

वसुंधरा राजे समेत 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी
बीजेपी की नई सूची में कुल 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। इनमें वसुंधरा राजे सिंधिया, तीरथ सिंह रावत, राम माधव, बैजयंत जय पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, डॉ. भारती प्रवीण पवार, मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, प्रो. एम. नागराज, प्रो. तारिक मंसूर और डॉ. मधुचंद्र कर शामिल हैं। मध्य प्रदेश से लाल सिंह आर्य को बड़ी जिम्मेदारी मिली है।
बीएल संतोष संगठन की कमान संभालेंगे, दो नेताओं को मिली सह महामंत्री की जिम्मेदारी
नई टीम में बीएल संतोष को राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बनाया गया है। वहीं राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन के पद पर शिवप्रकाश और सौदान सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। संगठन के स्तर पर इन नियुक्तियों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बीजेपी के चुनावी और संगठनात्मक कामकाज में इन पदों की अहम भूमिका रहती है।

स्मृति ईरानी समेत 8 नेताओं को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया
राष्ट्रीय महामंत्री की सूची में भी कई बड़े नाम शामिल किए गए हैं। विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, स्मृति ईरानी, सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। स्मृति ईरानी की नई जिम्मेदारी को खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई टीम में युवा और महिला चेहरों के साथ सामाजिक समीकरण पर भी फोकस
नितिन नवीन की टीम में पदों के बंटवारे में युवाओं और महिलाओं को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। इसके साथ ही अलग-अलग राज्यों और सामाजिक वर्गों को साधने की कोशिश नजर आती है। बीजेपी की नई टीम में कई अनुभवी नेताओं को बरकरार रखते हुए संगठन में नए चेहरों को भी आगे बढ़ाया गया है।
उत्तर प्रदेश पर बीजेपी का खास फोकस, अगले साल होने वाले चुनाव अहम
नई टीम में उत्तर प्रदेश के कई नेताओं को जगह दी गई है। अगले साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में पार्टी के लिए राज्य का राजनीतिक महत्व काफी बढ़ जाता है। नई राष्ट्रीय टीम में यूपी को मिले प्रतिनिधित्व को चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। आने वाले समय में इन नियुक्तियों का असर पार्टी की चुनावी तैयारियों और संगठन विस्तार पर भी दिखाई दे सकता है।