बिहार विधानसभा चुनाव: दलित वोट बैंक को साधने की रणनीति… बीजेपी राज्यभर में कर रही संत रविदास सम्मेलन

BJP is trying to woo Dalit community before Bihar assembly elections

बिहार विधानसभा चुनाव: दलित वोट बैंक को साधने की रणनीति… बीजेपी राज्यभर में कर रही संत रविदास सम्मेलन

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले दलित समुदाय को साधने की कवायद के तहत भारतीय जनता पार्टी ने एक नई पहल की शुरुआत की है। पार्टी ने राज्यभर में संत शिरोमणि रविदास सम्मेलन सह सम्मान समारोह आयोजित करने जा रही है। इस क्रम में बिहार के सभी जिलों में सम्मेलन आयोजित होंगे और पटना में एक केंद्रीय भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा।

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने संत शिरोमणि रविदास सम्मेलन सह सम्मान समारोह के आयोजन आज 20 जून से किये जा रहे हैं। इसका उद्देश्य रविदास समाज को सम्मानित कर भाजपा से जोड़ना है। आज 20 जून से बिहार के सभी जिलों में सम्मेलन आयोजित होंगे। राजधानी पटना में एक विशाल केंद्रीय सम्मेलन भी होगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बनाई गई रणनीति को दर्शाती है, जिसमें दलित मतदाताओं को विशेष रूप से साधने का प्रयास किया जा रहा है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने संत शिरोमणि रविदास सम्मेलन सह सम्मान समारोह के आयोजन की घोषणा की। इसका उद्देश्य रविदास समाज को सम्मानित कर भाजपा से जोड़ना है।

कांग्रेस पर हमला

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने दलितों को केवल “प्रतीकात्मक सम्मान” दिया और बाबा साहेब अंबेडकर को न तो जीवनकाल में और न ही निधन के बाद उचित सम्मान दिया। इसके विपरीत, एनडीए सरकार (मोदी + नीतीश) ने दलित समाज को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया। डॉ.जायसवाल ने बैठक में कांग्रेस पर जोरदार हमला भी बोला। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने दशकों तक दलित समाज को सत्ता से वंचित रखा। बाबा साहेब आंबेडकर को उनके जीवनकाल में सम्मान नहीं दिया गया और उनके निधन के बाद भी स्मारक निर्माण जैसे मामलों में कांग्रेस का रवैया प्रतीकात्मक रहा।” इसके विपरीत, उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने दलित समाज को मुख्यधारा से जोड़ने का ईमानदार प्रयास किया है। डॉ.जायसवाल ने यह भी कहा कि भाजपा सामाजिक समरसता की पक्षधर है और रविदास समाज को सम्मान देना पार्टी की प्राथमिकता में है। उन्होंने बताया कि आगामी कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी दलित समाज की भूमिका और उनके योगदान को सामने लाने का कार्य करेगी।

सभी जिलों में आयोजन

बिहार के सभी जिलों में सम्मेलन आयोजित होंगे और पटना में एक विशाल केंद्रीय सम्मेलन भी होगा। संत शिरोमणि रविदास सम्मेलन – तिथि और स्थान

तारीख             स्थान
20 जून             बेगूसराय
22 जून             समस्तीपुर
25 जून             मधुबनी
29 जून            बगहा और भागलपुर
30 जून            सहरसा
6 जुलाई           मुजफ्फरपुर और सीवान
7 जुलाई           दरभंगा
13 जुलाई         गया
16 जुलाई         बांका
18 जुलाई         अरवल
20 जुलाई         खगड़िया और सीतामढ़ी
31 जुलाई         गोपालगंज

चुनाव से पहले सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले यह पहल बीजेपी की सामाजिक समीकरणों को साधने की रणनीति का हिस्सा है। जिसमें दलित समुदाय को भावनात्मक और राजनीतिक रूप से जोड़ने की कोशिश हो रही है। रविदास जी जैसे संत की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित करना एक सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव की रणनीति है, जो चुनाव से पहले पार्टी को फायदा पहुंचा सकती है। (प्रकाश कुमार पांडेय)

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