राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर BJP के सवाल तेज़ – “क्यों विदेशी दौरे बनते हैं भारत-विरोधी विवादों की वजह?”
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर कड़ा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि राहुल गांधी के हर विदेशी दौरे के आसपास ऐसी अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टें या बयान सामने आते हैं जो भारत सरकार या देश की छवि को निशाना बनाते हैं। बीजेपी ने इन यात्राओं को “संदिग्ध” बताया और कांग्रेस से पूछा कि आखिर राहुल गांधी विदेश में किसके बुलावे पर जाते हैं, किन लोगों से मिलते हैं और इन मुलाक़ातों का उद्देश्य क्या होता है।
BJP का आरोप: विदेश दौरे और भारत-विरोधी नैरेटिव में ‘पैटर्न’
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और भारत को निशाना बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय नैरेटिव के बीच एक “स्पष्ट पैटर्न” दिखाई देता है। उनके अनुसार, हर बार जब संसद सत्र शुरू होने वाला होता है, तब कोई न कोई रिपोर्ट, विवाद या डॉक्यूमेंटरी सामने आती है, और उस दौरान राहुल गांधी विदेश में होते हैं या विदेश यात्रा पर जाते हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा फरवरी 2021: किसानों के विरोध प्रदर्शन पर विदेशी रिपोर्टें
जुलाई 2021 सत्र से पहले: पेगासस जासूसी विवाद
जनवरी 2023 से पहले: BBC की विवादित डॉक्यूमेंटरी
2024 बजट सत्र से पूर्व: हिंडनबर्ग–अदाणी रिपोर्ट
त्रिवेदी ने सवाल पूछा कि “आखिर क्यों हर बार राहुल गांधी की विदेश मौजूदगी के दौरान ही ऐसी रिपोर्टें सामने आती हैं जो भारत की संस्थाओं, सरकार और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को निशाना बनाती हैं?”
“विदेश में कौन बुलाता है राहुल गांधी को?” – बीजेपी का सवाल
बीजेपी प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि कई बार राहुल गांधी के सुरक्षाकर्मी भी उनके अचानक विदेश जाने से अवगत नहीं होते। उन्होंने पूछा कि उनके विदेशी दौरों की जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की जाती और न ही उनके आयोजकों या मेज़बानों का नाम बताया जाता है। त्रिवेदी ने कहा “भारत के बड़े संस्थान उन्हें व्याख्यान के लिए नहीं बुलाते। यहाँ तक कि कांग्रेस-शासित राज्यों में भी विश्वविद्यालयों में उन्हें बुलाने से परहेज़ किया जाता है। फिर अचानक विदेशों में कौन-सी ताकतें हैं जो उन्हें बुलाती हैं और भारत को लेकर आपत्तिजनक बयान दिलवाती हैं?” उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ऐसे स्थानों पर भी जाते हैं जहाँ “भारत में गंभीर मामलों का सामना कर रहे लोग रहते हैं” और यह कि विदेशों में उनकी बैठकें अक्सर गोपनीय रहती हैं।
कांग्रेस के पलटवार का जवाब
यह हमला तब आया जब कांग्रेस ने एक ग्राफिक सोशल मीडिया पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वह संसद सत्र के दौरान विदेश यात्राएँ करते हैं। बीजेपी ने इसे “हताशा” करार दिया और कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राएँ पूरी तरह आधिकारिक, कूटनीतिक और राष्ट्रीय हित में होती हैं, जबकि राहुल गांधी की यात्राएँ “व्यक्तिगत, अस्पष्ट और संदिग्ध” बताई जाती हैं।
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा “प्रधानमंत्री मोदी की यात्राएँ रणनीतिक, आर्थिक और वैश्विक साझेदारियों के लिए होती हैं। इसके उलट राहुल गांधी की यात्राएँ, उनका समय, उनकी गोपनीयता और जिन लोगों से वे मिलते हैं—सबकी स्पष्टता कांग्रेस को देनी चाहिए।”
“विदेश में ‘भारत-विरोधी मानसिकता’ वाले लोगों से मुलाकात” – BJP का आरोप
बीजेपी ने दावा किया कि राहुल गांधी विदेश में ऐसे समूहों और व्यक्तियों से मिलते हैं जो भारत के खिलाफ लगातार बयान देते हैं या जिनका रिकॉर्ड भारत-विरोधी रहा है। पार्टी का कहना है कि विदेशों में बने ऐसे नैरेटिव, बाद में भारत लौटकर राहुल गांधी के भाषणों और आरोपों में दिखाई देते हैं।
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि “राहुल गांधी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के बारे में ऐसी बातें कहते हैं जो देश की लोकतांत्रिक छवि को नुकसान पहुँचाती हैं और फिर उन्हीं मुद्दों को भारत में बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। यह संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित पैटर्न लगता है।”
कांग्रेस की चुप्पी पर BJP का सवाल
बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए राहुल गांधी के विदेशी दौरे किसके निमंत्रण पर होते हैं?। उनके मेज़बान कौन होते हैं?। उनके कार्यक्रमों का विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं होता?। वे किन लोगों से मिलते हैं और ये बैठकें गोपनीय क्यों रखी जाती हैं?। क्यों उनके दौरे के आसपास भारत के खिलाफ रिपोर्टें या विवाद सामने आते हैं?।
त्रिवेदी ने कहा “कांग्रेस जनता को गुमराह न करे। मुद्दा प्रधानमंत्री मोदी की आधिकारिक यात्राओं का नहीं है। वास्तविक प्रश्न है — राहुल गांधी के विदेशी संपर्क, विदेशी प्रायोजक, विदेशी मंच और वे विदेशी नैरेटिव जो हर संसद सत्र से पहले अचानक प्रकट हो जाते हैं।”
बीजेपी का तर्क.. ‘देश को जवाब चाहिए’
बीजेपी के अनुसार यह केवल राजनीतिक आरोप नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत की वैश्विक छवि का सवाल है। पार्टी चाहती है कि कांग्रेस खुले तौर पर यह बताए कि राहुल गांधी विदेशों में किससे और क्यों मिलते हैं, इन दौरों का खर्च कौन उठाता है और क्या कारण है कि हर बार उनकी यात्राओं के दौरान ही भारत को लेकर अंतरराष्ट्रीय विवाद उभरते हैं। वे कहते हैं कि “राहुल गांधी के विदेशी कार्यक्रमों में पारदर्शिता होनी चाहिए। जब तक कांग्रेस इन सवालों के जवाब नहीं देती, तब तक संदेह बना रहेगा।





