बीजेपी को मिला बिहार का चुनावी नारा
एक होली और 52 जुमा का बात अब देश में सियासी लोगों की जुबा पर चढ गया है। एक होली और 52 जुमे की बात कुछ ऐसी चली कि ये अब किसी सियासी नारे में बदल जाए तो नहीं कहा जा सकता। असल में इस पर सियासी रंग ऐसा चढ़ा है कि संभल से निकला ये शब्द भी बिहार की राजनीति में एंट्री कर सकता है। संभल से निकला 52 जुमा और एक होली की जो राजनैतकि लकीर बनाई है वो संभल की सियासत से निकलकर बिहार की सियासत तक जा सकती है। हांलाकि बिहार में एनडीए के घटक दल जनता दल यूनाइटेड के कुछ नेता इस नारे से दूरी बना सकते है। दरअसल इस बार होली के दिन पड़ रही है। हांलाकि ऐसा मौका इससे पहले साठ के दशक में आया था लेकिन उसका बहुत फर्क नहीं दिखाई दिया। अब भी माना जा रहा है कि कानून व्यवस्था की स्थिति पर बहुत फर्क नही पड़ना लेकिन सियासी लोगों की जबान पर एक होली 52 जुमा चढ़चुका है। वैसे भी जब जब देश में चुनाव आता है चाहे वो किसी राज्य की विधानसभा का हो या फिर लोकसभा का। राजनीतिक दल हर बार किसी न किसी नारे से नैया पार लगाने की कोशिशों में होते है। यूपी विधानसभा चुनावों में 2022 में 80 बनाम 20 का नारा चला था। हाल में महाराष्ट्र में एक है तो सेफ है बंटेंगे तो कटेंगे के नारे चले अब इसके बाद बिहार विधानसभा चुनावों में राजनैतिक एक होली 52 जुमे के चलने की अटकले लगा रहे हैं. हांलाकि ये नारा कितनी सक्सेस फुल होगा इस पर अभी सवाल है।