केरल की राजनीति में नया मोड़: तिरुवनंतपुरम को मिला पहला भाजपा मेयर, टूटा 45 साल का रिकॉर्ड

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में शुक्रवार को इतिहास रच गया। भारतीय जनता पार्टी ने नगर निगम की राजनीति में वह मुकाम हासिल किया, जिसका उसे लंबे समय से इंतजार था। वीवी राजेश ने तिरुवनंतपुरम के मेयर पद की शपथ लेकर न सिर्फ पार्टी का परचम लहराया, बल्कि राज्य की शहरी राजनीति की दिशा भी बदल दी। यह केरल में किसी भी नगर निगम में भाजपा की पहली बड़ी जीत मानी जा रही है।

मेयर बनते ही दिया विकास का संदेश

शपथ ग्रहण के बाद अपने पहले संबोधन में मेयर वीवी राजेश ने समावेशी विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तिरुवनंतपुरम के सभी 101 वार्डों को समान रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। राजेश के मुताबिक, उनका लक्ष्य राजधानी को एक आधुनिक और विकसित शहर में बदलना है, जहां हर वर्ग के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने यह भी साफ किया कि प्रशासन में पारदर्शिता और जनता की भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।

संख्याबल में भाजपा की मजबूती

नगर निगम चुनावों में भाजपा ने कुल 101 वार्डों में से 50 पर जीत दर्ज की थी, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। शुक्रवार को हुए मेयर चुनाव में वीवी राजेश को कुल 51 वोट मिले। इसमें एक निर्दलीय पार्षद का समर्थन भी शामिल रहा। वहीं वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के उम्मीदवार पी. शिवाजी को 29 वोट मिले, जबकि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) के के. एस. सबरिनाथन को 19 वोट मिले। इनमें से दो वोट बाद में अमान्य घोषित कर दिए गए। बहुमत हासिल होते ही राजेश ने औपचारिक रूप से मेयर पद की शपथ ली।

चार दशक बाद बदला सत्ता का समीकरण

यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन पर लगभग चार दशकों से वाम दलों का दबदबा रहा था। खासतौर पर सीपीएम का 45 साल पुराना नियंत्रण अब समाप्त हो गया है। भाजपा की यह सफलता केरल की शहरी राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे आने वाले समय में राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

भाजपा ने साधा CPM-कांग्रेस पर निशाना

मेयर चुनाव के बाद केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने वाम दलों और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सीपीएम ने कांग्रेस के परोक्ष समर्थन से राजधानी तिरुवनंतपुरम को लंबे समय तक नुकसान पहुंचाया। भाजपा का दावा है कि अब शहर के विकास की रफ्तार तेज होगी और प्रशासन में नए विचारों के साथ काम किया जाएगा। पार्टी इसे सिर्फ एक चुनावी जीत नहीं, बल्कि केरल में अपने विस्तार की मजबूत नींव मान रही है।

 

 

 

Exit mobile version