पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता बिलावल भुट्टो ज़रदारी Bilawal Bhutto Zardari एक बार फिर अपने भारत विरोधी बयानों के कारण चर्चा में हैं। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय United Nations Headquarters में एक प्रेस वार्ता के दौरान भुट्टो ने भारत पर आरोप लगाया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद वहां मुस्लिमों को आतंकियों की तरह देखा जा रहा है। लेकिन उनकी यह झूठी कहानी ज्यादा देर टिक नहीं सकी।
जैसे ही भुट्टो ने यह बयान दिया, वहां मौजूद एक मुस्लिम पत्रकार ने उन्हें तथ्यों के साथ घेर लिया। पत्रकार ने साफ कहा कि भारत में मुसलमानों को आतंकवादी नहीं समझा जाता, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जिम्मेदारियां दी जाती हैं। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि हाल ही में भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ Operation Sindoor की ब्रीफिंग एक मुस्लिम महिला अधिकारी ने की थी।
यह सुनते ही भुट्टो चुप हो गए और सिर झुकाकर बात को टालने लगे। उनका यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग कह रहे हैं कि “भारत को बदनाम करने की साजिश फिर नाकाम हो गई।
भुट्टो का भारत विरोधी प्रोपेगेंडा: शांति की बात के बीच लगाए गंभीर आरोप
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने एक बार फिर भारत को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत में मुस्लिमों को आतंकवाद से जोड़कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने भारत की नीति की तुलना इस्राइल से करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बेंजामिन नेतन्याहू Benjamin Netanyahu की राह पर चल रहे हैं और शांति की बजाय तनाव को बढ़ावा दे रहे हैं। हालांकि भुट्टो ने शांति और सहयोग की बात भी की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अब भी भारत के साथ आतंकवाद Terrorism के खिलाफ मिलकर काम करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि “हम दोनों देशों — जो परमाणु शक्ति से लैस हैं — को अपनी जनता की किस्मत आतंकियों और गैर-राज्य तत्वों के हवाले नहीं करनी चाहिए।” भुट्टो ने यह भी कहा कि अगर भारत की खुफिया एजेंसी रॉ और पाकिस्तान की ISI मिलकर आतंक के खिलाफ कदम उठाएं, तो दोनों देशों में हिंसा कम हो सकती है।
ऑपरेशन सिंदूर: Operation Sindoor आतंकियों पर भारत का सर्जिकल वार
भारत ने 7 मई को “ऑपरेशन सिंदूर” Operation Sindoor के तहत आतंकियों और उनके संरक्षकों को करारा जवाब दिया। यह सैन्य अभियान 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पाहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था। ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना Indian Army ने आतंकियों के ठिकानों पर बेहद सटीक और योजनाबद्ध हमले किए। इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना पूरी तरह तैयार थी। जवाबी कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को गंभीर नुकसान पहुंचाया। इनमें उनके एयरबेस, रडार साइट्स और कमांड सेंटर जैसे अहम ढांचे शामिल थे। “ऑपरेशन सिंदूर” सिर्फ आतंकियों के खिलाफ नहीं था, बल्कि उन ताकतों के खिलाफ भी संदेश था जो आतंकवाद को समर्थन और संरक्षण देती हैं। यह ऑपरेशन भारतीय सैन्य रणनीति, ताकत और जवाबी क्षमता का प्रतीक बनकर उभरा है, और यह दिखाता है कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति पर मजबूती से कायम है।