बिहार राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने नियुक्त किए केंद्रीय पर्यवेक्षक, पांचवीं सीट पर मुकाबला रोचक
बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Navin ने चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री Vijay Sharma और केंद्रीय मंत्री Harsh Malhotra को बिहार राज्यसभा चुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाया गया है। यह प्रेस विज्ञप्ति भाजपा के मुख्यालय प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव अरुण द्वारा जारी की गई है।
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए इस बार कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे चुनावी समीकरण दिलचस्प हो गया है। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के नेता Nitish Kumar, केंद्रीय राज्य मंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के नेता Ramnath Thakur, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक शिवेश कुमार और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख Upendra Kushwaha शामिल हैं। वहीं विपक्ष की ओर से Tejashwi Yadav की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने एडी सिंह को उम्मीदवार बनाया है।
विधानसभा के मौजूदा गणित के मुताबिक पांच सीटों में से चार सीटों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की जीत लगभग तय मानी जा रही है। माना जा रहा है कि दो सीटें भारतीय जनता पार्टी और दो सीटें जनता दल (यूनाइटेड) के खाते में जा सकती हैं। हालांकि असली मुकाबला पांचवीं सीट को लेकर है, जहां सियासी पेच फंसा हुआ है। बिहार विधानसभा में किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए 41 मतों की जरूरत होती है। मौजूदा स्थिति में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पास कुल 202 विधायक हैं, जिनमें भारतीय जनता पार्टी के 89, जनता दल (यूनाइटेड) के 85, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के 19, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के 5 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के 4 विधायक शामिल हैं। वहीं महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं, जिनमें राष्ट्रीय जनता दल के 25, कांग्रेस के 6, भाकपा (माले) के 2, भारतीय इंसाफ पार्टी का 1 और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी का 1 विधायक शामिल है।
इसके अलावा विधानसभा में All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen के 6 और Bahujan Samaj Party का 1 विधायक भी मौजूद है। ऐसे में पांचवीं सीट जीतने के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को तीन अतिरिक्त विधायकों का समर्थन जुटाना होगा, जबकि महागठबंधन को कम से कम छह विधायकों का साथ चाहिए होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन और बहुजन समाज पार्टी के विधायकों की भूमिका इस सीट के परिणाम को तय करने में अहम साबित हो सकती है। इसी कारण बिहार की पांचवीं राज्यसभा सीट का मुकाबला बेहद रोचक और रणनीतिक हो गया है।





