Bihar Polls 2025: NDA में सीट बंटवारे की अंतिम कसरत, मांझी के लिए 7 सीटें तय! NDA में सीट मंथन जारी

Bihar Polls 2025 NDA in final seat sharing exercise 7 seats earmarked for Manjhi

Bihar Polls 2025: NDA में सीट बंटवारे की अंतिम कसरत, मांझी के लिए 7 सीटें तय!

एनडीए में सीट मंथन जारी

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों के ऐलान के बाद एनडीए में सीट बंटवारे की कवायद तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार अगले एक-दो दिनों में सीट शेयरिंग फॉर्मूले पर अंतिम मुहर लग सकती है। बीजेपी नेतृत्व ने अपने सहयोगी दलों — जेडीयू, एलजेपी (रामविलास), हम (सेक्युलर) और आरएलएम — को पटना में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।

पटना में होगा फैसला

बीजेपी के बिहार प्रभारी विनोद तावड़े और चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान पटना पहुंच चुके हैं। साथ ही जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, एलजेपी (रामविलास) अध्यक्ष चिराग पासवान, हम (सेक्युलर) प्रमुख संतोष सुमन और आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी पटना में हैं।सीट बंटवारे का ऐलान यहीं से होने वाला है।

मांझी को सात सीटें तय

सूत्रों के अनुसार जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के लिए कम से कम 7 सीटें तय मानी जा रही हैं। इनमें 2020 में जीती गई सीटें — टेकारी, सिकंदरा, इमामगंज और बाराचट्टी — शामिल हैं। इसके अलावा कुटुंबा, मखदुमपुर और कसबा सीटें भी मांझी के खाते में जा सकती हैं।

गया की दो सीटों की डिमांड

मांझी ने गया जिले की दो अतिरिक्त सीटें — अतरी और शेरघाटी — की भी मांग की है। सूत्र बताते हैं कि इन दोनों में से किसी एक सीट पर एनडीए सहमति जता सकता है। 2020 में भी मांझी ने इन क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया था।

मान्यता के लिए लड़ रहे मांझी

जीतन राम मांझी ने कहा कि सीटों को लेकर कोई विवाद नहीं है, बस हम चाहते हैं कि हमारी पार्टी को विधानसभा में मान्यता मिले। उन्होंने कहा, “चुनाव लड़ें या न लड़ें, एनडीए के साथ रहेंगे। हमारी पार्टी के अस्तित्व को सम्मान मिले, यही हमारा उद्देश्य है।”

चिराग कर रहे दबाव की राजनीति

दूसरी ओर, एलजेपी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ज्यादा सीटों की मांग पर अड़े हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, एलजेपी 35 से 40 सीटों की मांग कर रही है, जबकि बीजेपी 25 सीटों से ज्यादा देने को तैयार नहीं। चिराग ने खगड़िया दौरे के बाद पटना पहुंचकर बीजेपी नेताओं से मुलाकात का कार्यक्रम तय किया है।

गिरिराज बोले, “नीतीश ही चेहरा”

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने स्पष्ट कहा कि नीतीश कुमार ही एनडीए के नेतृत्व का चेहरा हैं और रहेंगे। उन्होंने कहा — “महागठबंधन में न नेतृत्व तय है, न नीति। एनडीए में नेतृत्व तय है, नियत तय है और नीति भी तय है। बहुत जल्द सब स्पष्ट होगा।”

कांग्रेस-आरजेडी पर तीखा प्रहार
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस और आरजेडी पर निशाना साधते हुए कहा कि “तेजस्वी यादव आरजेडी के मुख्यमंत्री पद के चेहरा हैं, लेकिन महागठबंधन के नहीं।” उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा — “महागठबंधन में जो तय नहीं है, वह नेतृत्व है, जबकि एनडीए में सब तय है।” इस बयान ने एनडीए की एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की।

सीट फॉर्मूले पर अंतिम सहमति करीब

एनडीए सूत्रों के मुताबिक बीजेपी और जेडीयू के बीच सीटों पर लगभग सहमति बन चुकी है। अब शेष साझीदारों — एलजेपी (रामविलास), हम (सेक्युलर) और आरएलएम — को लेकर आखिरी राउंड की बातचीत जारी है। बीजेपी 160-165 सीटों पर, जेडीयू 75-80 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। बाकी सीटें सहयोगियों में बांटी जाएंगी।

NDA का फॉर्मूला तय, विपक्ष में उलझन

जहां एनडीए में सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर सहमति बन रही है, वहीं महागठबंधन में अब भी स्थिति अस्पष्ट है। कांग्रेस ने भले तेजस्वी यादव को आरजेडी का चेहरा बताया है, लेकिन महागठबंधन के संयुक्त नेतृत्व पर मतभेद जारी हैं। एनडीए इस असमंजस को अपने पक्ष में भुनाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

NDA में एकजुटता का संदेश, विपक्ष में नेतृत्व संकट

बिहार के चुनावी समीकरण में अब सबकी निगाहें एनडीए के सीट बंटवारे के ऐलान पर हैं। यदि अगले दो दिनों में सीटों की घोषणा हो जाती है, तो एनडीए महागठबंधन से एक कदम आगे दिखेगा। जहां नीतीश कुमार के नेतृत्व को फिर से केंद्र में लाया जा रहा है, वहीं मांझी और चिराग जैसे सहयोगियों की सीटें यह तय करेंगी कि यह गठबंधन चुनाव में कितना संतुलित रह पाता है। प्रकाश कुमार पांडेय

Exit mobile version