गया में बनेगा बिहार का सबसे बड़ा औद्योगिक कॉरिडोर.. जुलाई से शुरू होगा निर्माण कार्य

Bihar largest industrial corridor will be built in Gaya construction work will start from July 2025

गया में बनेगा बिहार का सबसे बड़ा औद्योगिक कॉरिडोर.. जुलाई से शुरू होगा निर्माण कार्य

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की नीतीश कुमार सरकार ने औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए गया जिले के डोभी प्रखंड (शेरघाटी अनुमंडल) में राज्य के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के निर्माण की योजना बनाई है। यह कॉरिडोर अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) परियोजना के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है, जिसमें इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC Gaya) की स्थापना की जाएगी।

भूमि अधिग्रहण और लागत

इस परियोजना के लिए 1,670 एकड़ जमीन का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है, जिस पर 462 करोड़ रुपये की लागत आई है। पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 1,339 करोड़ रुपये है। इसका निर्माण जुलाई 2025 के पहले सप्ताह से शुरू करने की योजना है, जिसके लिए योग्य निर्माण एजेंसी के चयन हेतु टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

केंद्र और राज्य सरकार की साझेदारी

यह राष्ट्रीय स्तर का प्रोजेक्ट पांच राज्यों से संबंधित है और इसे राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार के सहयोग से क्रियान्वित किया जा रहा है। बिहार सरकार, इस प्रोजेक्ट को राज्य के औद्योगिक विकास के केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहती है।

उद्योग और निवेश की संभावनाएं

इस क्लस्टर में विशेष रूप से एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग, रेडीमेड गारमेंट, ऑटो पार्ट्स, स्टील उत्पाद, एयरोस्पेस और डिफेंस, फर्नीचर, हैंडलूम, और हैंडिक्राफ्ट जैसे उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा।

राज्य के इस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को सरकार की ओर से “स्टेट-ऑफ-द-आर्ट” के रूप में विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर में औद्योगिक इकाइयों को प्लग एंड प्ले Plug & Play सुविधा भी प्रदान की जाएगी। जिससे व्यवसायों को सेटअप में सरलता होगी। यह क्षेत्र जीटी रोड (एनएच-19) से जुड़ा होगा और स्वर्ण चतुर्भुज सड़क योजना से जोड़ने के लिए 142 करोड़ रुपये की लागत से विशेष सड़क परियोजना को मंजूरी दी गई है। यह कनेक्टिविटी उद्योगों को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बिहार को मिलेगी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान

मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा द्वारा इस प्रोजेक्ट की हाल ही में विस्तृत समीक्षा की गई है। इस परियोजना को समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके सफल क्रियान्वयन से बिहार को एक औद्योगिक हब के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकती है। (प्रकाश कुमार पांडेय)

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