बिहार सरकार का बड़ा फैसला: किसान सलाहकारों का मानदेय बढ़ा, खेतों तक पहुंचे अफसर
पटना। बिहार सरकार ने किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन देने वाले किसान सलाहकारों को बड़ी सौगात दी है। लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग कर रहे सलाहकारों का मानदेय 13 हजार रुपये से बढ़ाकर 21 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से किसान सलाहकारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
किसान सलाहकारों की खुशी
सत्तरकटैया प्रखंड के किसान सलाहकार आदित्य कुमार, मायाशंकर सिंह, कुमार गणेश, संजीव कुमार राय, सुधीर कुमार, धीरेन्द्र कुमार, विनोद कुमार और ब्रजनंदन कुमार ने कहा कि सरकार के इस कदम से उनके परिवार का जीवन स्तर बेहतर होगा और उन्हें और अधिक उत्साह के साथ किसानों की सेवा करने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और कृषि मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि किसान सलाहकार खेत-खेत जाकर योजनाओं को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
जीरो ऑफिस डे की पहल
मानदेय बढ़ोतरी के साथ ही कृषि विभाग ने किसानों से सीधा जुड़ने के लिए नई पहल शुरू की है। अब हर हफ्ते एक दिन को “जीरो ऑफिस डे” घोषित किया गया है। इस दिन अधिकारी दफ्तर में बैठने के बजाय सीधे गांव और खेतों में पहुंचकर किसानों की फसल और योजनाओं का जायजा लेंगे।
अधिकारियों का खेतों का दौरा
इस कड़ी में बुधवार को प्रखंड कृषि पदाधिकारी केदार राय ने भेलवा और सत्तर पंचायत का दौरा किया। उन्होंने विभाग की ओर से वितरित किए गए बीज और अन्य सामग्रियों की जांच की। इस दौरान 25-25 एकड़ में बोई गई मरुआ (मिलेट्स) की फसल का भी निरीक्षण किया।उन्होंने किसानों को मोटे अनाज की खेती से होने वाले लाभ बताए और उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
क्या है जीरो ऑफिस डे?
अधिकारी दफ्तर छोड़कर गांव-गांव जाएंगे। किसानों की समस्याएं सीधे समझी जाएंगी। योजनाओं की वास्तविक स्थिति की निगरानी होगी। मोटे अनाज (मिलेट्स) की खेती को बढ़ावा मिलेगा। कुल मिलाकर, बिहार सरकार के इन दोहरे कदम—किसान सलाहकारों का मानदेय बढ़ाना और जीरो ऑफिस डे लागू करना—से किसानों को राहत और प्रेरणा दोनों मिलेगी। (प्रकाश कुमार पांडेय)