बिहार चुनाव 2025: चिराग पासवान बोले – ‘29 सीटें मिलना सिर्फ संयोग नहीं, मेरे पिता का आशीर्वाद है’; M-Y समीकरण को दी नई परिभाषा
बिहार विधानसभा चुनाव में सियासी पारा चढ़ा हुआ है और इसी बीच लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस बार उनकी पार्टी 100% सीटें जीतने के लक्ष्य के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है और यह सिर्फ राजनीति नहीं बल्कि “आध्यात्मिक संकेत और पिता राम विलास पासवान का आशीर्वाद” है।
29 सीटें – पिता की विरासत का संयोग
चिराग पासवान ने कहा कि वे “मैनिफेस्टेशन और संकेतों में विश्वास” रखते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार एलजेपी (राम विलास) को 29 सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिला है — और यह संख्या कोई संयोग नहीं।
“मेरे पिता राम विलास पासवान जी ने भी अपने समय में 29 सीटों पर चुनाव लड़ा था। अब ठीक वैसी ही स्थिति फिर बनी है। यह आध्यात्मिक संकेत हैं कि हम सही रास्ते पर हैं,” — चिराग पासवान, केंद्रीय मंत्री
सीमा सिंह का पर्चा खारिज, बोले – “तकनीकी त्रुटि थी”
पासवान ने बताया कि उनकी एक उम्मीदवार सीमा सिंह का नामांकन पत्र तकनीकी गलती के चलते खारिज कर दिया गया। “यह मानवीय भूल थी, किसी राजनीतिक साजिश का नतीजा नहीं। हम निर्वाचन आयोग से चर्चा कर रहे हैं और कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे।”
“पूरे NDA के लिए 100% स्ट्राइक रेट का लक्ष्य”
चिराग ने कहा कि वे सिर्फ अपनी पार्टी के लिए नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की जीत सुनिश्चित करने में लगे हैं। “हमारा लक्ष्य सिर्फ अपनी 29 सीटें जीतना नहीं बल्कि पूरे एनडीए को 100% सफलता दिलाना है। जनता का भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और हमारे गठबंधन पर कायम है।” उन्होंने कहा कि एलजेपी (राम विलास) की रणनीति युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण इलाकों पर केंद्रित है, जिससे बिहार में ‘विकसित राज्य’ का सपना साकार किया जा सके।
महागठबंधन पर करारा प्रहार
चिराग पासवान ने आरजेडी–कांग्रेस–लेफ्ट गठबंधन पर तीखा हमला बोला।जब वे अपनी सीटों और उम्मीदवारों को लेकर ही भ्रम में हैं, तो जनता के विकास के मुद्दों पर क्या काम करेंगे? जो दल अपने भीतर की गुटबाजी दूर नहीं कर सकते, वे बिहार के विकास की योजना कैसे बनाएंगे?”उन्होंने कहा कि जनता इस बार स्पष्ट रूप से एनडीए के साथ खड़ी है और विपक्षी महागठबंधन की “कन्फ्यूजन पॉलिटिक्स” जनता समझ चुकी है।
M-Y समीकरण की नई परिभाषा – ‘M का मतलब महिला, Y का मतलब युवा’
बिहार की राजनीति में दशकों से “M-Y समीकरण” (मुस्लिम–यादव गठजोड़) की चर्चा होती आई है, लेकिन चिराग पासवान ने इसे नया रूप दिया। “मेरे लिए M-Y का मतलब है ‘महिलाएं और युवा’। दोनों एक जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं — शिक्षा, रोजगार और सुरक्षा की। मैं जाति या धर्म के नजरिए से नहीं, विकास और सशक्तिकरण के नजरिए से राजनीति करता हूं।”
“बिहार फर्स्ट–बिहारी फर्स्ट” है विजन
चिराग पासवान ने अपने मिशन ‘बिहार फर्स्ट–बिहारी फर्स्ट’ पर दोबारा जोर देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य बिहार को आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाना है।
“यह राजनीति नहीं, एक आंदोलन है। मेरा लक्ष्य है कि हर बिहारी को गर्व हो कि वह एक विकसित राज्य का नागरिक है।” बिहार में जहां महागठबंधन सीटों और रणनीति के फेर में उलझा हुआ है, वहीं एनडीए और चिराग पासवान अपनी चुनावी तैयारी को लेकर आत्मविश्वास से भरे नजर आ रहे हैं। 29 सीटों का यह “संयोग” चिराग के लिए केवल अंकगणित नहीं, बल्कि पिता की विरासत और राजनीतिक आशीर्वाद का प्रतीक बन गया है। अब देखना यह है कि क्या ‘महिला-युवा समीकरण’ वाला नया M-Y फार्मूला चिराग पासवान को बिहार की सियासत में नया मुकाम दिला पाएगा या नहीं। प्रकाश कुमार पांडेय





