Bihar Election 2025: बिहार चुनाव सर्वे 2025 एनडीए को मिल सकती है बढ़त, पीके की जन सुराज ने बनाई नई चुनौती
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अब करीब है और सियासत में हलचल तेज़ हो चुकी है। 243 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 है, और सभी राजनीतिक दल वोटरों को साधने में जी-जान से जुटे हुए हैं। इस बीच एक ताज़ा चुनावी सर्वे ने राज्य की राजनीति का माहौल और भी गर्मा दिया है। सर्वे में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि तेजस्वी यादव की अगुवाई वाला महागठबंधन मुकाबले में पीछे नज़र आ रहा है। वहीं पहली बार विधानसभा चुनाव में उतर रही प्रशांत किशोर (PK) की पार्टी जन सुराज को भी इस सर्वे में चौंकाने वाला प्रदर्शन दिखाया गया है।
सर्वे से यह साफ होता है कि बीजेपी इस बार बिहार की राजनीति में सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है। जेडीयू को सीटें मिलेंगी, लेकिन उसका प्रदर्शन बीजेपी से कम रहने की संभावना जताई जा रही है। दूसरी ओर महागठबंधन में आरजेडी अभी भी सबसे मजबूत दल रहेगा, लेकिन बहुमत से दूर रह सकता है। कांग्रेस और अन्य सहयोगियों को सीमित सीटें मिलने का अनुमान है। दिलचस्प यह है कि जन सुराज और एआईएमआईएम जैसी पार्टियों की मौजूदगी चुनावी समीकरणों को और पेचीदा बना सकती है।
NDA को बढ़त, BJP सबसे बड़ी पार्टी?
सर्वे के मुताबिक, एनडीए को 130 से 150 सीटें मिल सकती हैं, जो बहुमत के लिए ज़रूरी आंकड़े से कहीं ज्यादा है। इनमें बीजेपी अकेले 66 से 77 सीटें जीत सकती है और सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभर सकती है। नीतीश कुमार की जेडीयू को 52 से 58 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। अन्य सहयोगियों को 13 से 15 सीटें मिलने का अनुमान है।
महागठबंधन की स्थिति क्या रहेगी?
तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन को 81 से 103 सीटें मिलने की उम्मीद जताई गई है। आरजेडी अकेले 57 से 71 सीटों पर जीत सकती है। कांग्रेस के खाते में 11 से 14 सीटें जा सकती हैं, जबकि अन्य सहयोगियों को 13 से 18 सीटें मिलने का अनुमान है। हालांकि यह आंकड़े उन्हें सत्ता से दूर रखते हैं।
जन सुराज की एंट्री ने बदला समीकरण
प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज पहली बार चुनावी अखाड़े में उतर रही है और सर्वे के मुताबिक 4 से 6 सीटों पर जीत सकती है। यह आंकड़ा भले छोटा लगे, लेकिन यह चुनावी तस्वीर बदलने और “किंगमेकर” की भूमिका निभाने के लिए काफ़ी हो सकता है।
AIMIM और छोटे दलों का प्रदर्शन
सर्वे में एआईएमआईएम, बीएसपी और अन्य छोटे दलों को मिलाकर 5 से 6 सीटें मिलने की संभावना है। 2020 में AIMIM ने 5 सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार उनका ग्राफ नीचे जाता हुआ दिख रहा है। इससे साफ है कि छोटे दलों की भूमिका इस बार सीमित रहेगी।