Bihar Election Phase 1 Voting Date: 6 नवंबर को पहले चरण में किन सीटों पर होगी वोटिंग? जानिए कौन हैं हैवीवेट उम्मीदवार
तेजस्वी, तेज प्रताप, सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, मैथिली ठाकुर जैसी दिग्गज हस्तियों का होगा इम्तिहान
पहला चरण: 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का आगाज़ हो चुका है। 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान होगा, जिसमें 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। दूसरा चरण 11 नवंबर को शेष 122 सीटों के लिए होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। चुनाव आयोग के मुताबिक, पहले चरण में कुल 1314 उम्मीदवार मैदान में हैं। नामांकन की प्रक्रिया 10 से 17 अक्टूबर तक चली थी, और 18 अक्टूबर को जांच की गई। 1690 नामांकन में से 315 खारिज हुए, जबकि 61 उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया। मुख्य मुकाबला एनडीए बनाम महागठबंधन के बीच है, जबकि प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी (JSP), चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और अन्य क्षेत्रीय दल भी मैदान में हैं।
- 6 नवंबर को पहला चरण मतदान
- 121 सीटों पर होगी वोटिंग शुरू
- तेजस्वी यादव फिर राघोपुर से मैदान में
- महुआ सीट पर तेज प्रताप की परीक्षा
- तारापुर से सम्राट चौधरी की चुनौती
- लखीसराय में विजय सिन्हा की प्रतिष्ठा दांव पर
- अलीनगर से लोकगायिका मैथिली ठाकुर मैदान में
- हरनौत सीट से जदयू का पुराना गढ़
- तेज प्रताप की साली करिश्मा राय उम्मीदवार
- हसनपुर सीट पर होगी कड़ी टक्कर
राघोपुर: तेजस्वी यादव का पारंपरिक गढ़
राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव एक बार फिर राघोपुर विधानसभा सीट से चुनावी रण में हैं। उनके सामने भाजपा के सतीश कुमार यादव और जनसुराज पार्टी के चंचल सिंह हैं। राघोपुर, लालू परिवार की परंपरागत सीट रही है — लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और अब तेजस्वी यादव इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
दिलचस्प है कि 2010 में सतीश कुमार यादव ने राबड़ी देवी को 13,006 वोटों से हराया था, लेकिन 2015 और 2020 में तेजस्वी ने लगातार जीत दर्ज की। इस बार फिर से दोनों के बीच “पुरानी टक्कर” दोहराई जा रही है।
महुआ: तेज प्रताप यादव का नया राजनीतिक दांव
महुआ विधानसभा सीट इस बार सबसे चर्चित क्षेत्रों में से एक है।
यहां मुकाबला है — तेज प्रताप यादव (जनशक्ति जनता दल)
मुकेश कुमार रौशन (राजद)
संजय कुमार सिंह (लोक जनशक्ति पार्टी – रामविलास)
इंद्रजीत प्रधान (जनसुराज पार्टी)
तेज प्रताप ने 2015 में महुआ से जीत दर्ज की थी, लेकिन 2020 में हसनपुर चले गए थे। अब वे फिर लौट आए हैं, लेकिन इसबार अपनी नई पार्टी के टिकट पर। यह सीट यादव परिवार की प्रतिष्ठा और राजद की मजबूती दोनों के लिए अहम साबित हो सकती है।
तारापुर: सम्राट चौधरी की अग्निपरीक्षा
बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सम्राट चौधरी इस बार तारापुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह सीट पहले जदयू के खाते में थी, लेकिन इस बार गठबंधन के तहत भाजपा को दी गई है। तारापुर में कुशवाहा, यादव, मुस्लिम और अनुसूचित जाति मतदाताओं की मजबूत उपस्थिति है। यहां सम्राट चौधरी के सामने राजद के अरुण कुमार और जनसुराज पार्टी के संतोष कुमार सिंह हैं। 2010 से यह सीट जद(यू) के कब्जे में रही है, लेकिन अब भाजपा की मौजूदगी इसे बेहद दिलचस्प बना रही है। यह सीट चौधरी के राजनीतिक भविष्य और एनडीए के समीकरण दोनों के लिए निर्णायक होगी।
लखीसराय: विजय कुमार सिन्हा की प्रतिष्ठा दांव पर
लखीसराय विधानसभा सीट पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा एक बार फिर मैदान में हैं। उनके खिलाफ हैं — अमरेश कुमार (कांग्रेस) सूरज कुमार (जनसुराज पार्टी) कुल 13 उम्मीदवार इस सीट से ताल ठोक रहे हैं। विजय कुमार सिन्हा ने 2010, 2015 और 2020 — तीनों बार लगातार जीत हासिल की है। 2020 में उन्होंने 74,212 मतों से जीत दर्ज की थी। भाजपा के लिए यह गौरव और प्रतिष्ठा की सीट बन चुकी है, जहां हार का मतलब होगा संगठन की रणनीतिक कमजोरी।
अलीनगर: लोक गायिका मैथिली ठाकुर का राजनीतिक डेब्यू
अलीनगर विधानसभा सीट इस बार चर्चा में है क्योंकि यहां से मशहूर लोक गायिका मैथिली ठाकुर (भाजपा) चुनाव लड़ रही हैं। उनका मुकाबला होगा विनोद मिश्रा (राजद) विप्लव कुमार चौधरी (जनसुराज पार्टी) 2020 में इस सीट पर वीएसआईपी के मिश्री लाल यादव ने राजद को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। पहले यह सीट अब्दुल बारी सिद्दीकी जैसे राजद के दिग्गजों का गढ़ मानी जाती थी।
मैथिली ठाकुर के उतरने से यह सीट राजनीतिक के साथ-साथ सांस्कृतिक चर्चा का केंद्र बन गई है।
हरनौत: नीतीश कुमार की विरासत का केंद्र
हरनौत विधानसभा सीट से जदयू के हरि नारायण सिंह मैदान में हैं। कांग्रेस ने अरुण कुमार को टिकट दिया है, जबकि जनसुराज पार्टी से कमलेश पासवान उतर रहे हैं। हरनौत का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से गहरा जुड़ाव है — यहीं से उन्होंने 1985 में पहला विधानसभा चुनाव जीता था। इसलिए यह सीट नीतीश की राजनीतिक विरासत का प्रतीक है। कभी चर्चा थी कि नीतीश अपने बेटे निशांत कुमार को इस सीट से उतार सकते हैं, लेकिन पार्टी ने यह जिम्मेदारी हरि नारायण सिंह को दी।
परसा: तेज प्रताप की साली करिश्मा राय की एंट्री
परसा सीट (सारण जिला) पर इस बार मुकाबला और भी दिलचस्प है। यहां से राजद ने तेज प्रताप यादव की चचेरी साली डॉ. करिश्मा राय को उम्मीदवार बनाया है। उनके सामने हैं — छोटे लाल राय (जदयू) मोसाहेब महतो (जनसुराज पार्टी)। तेज प्रताप और राजद के पारिवारिक विवादों के बीच करिश्मा राय की उम्मीदवारी ने इस सीट को हाई-प्रोफाइल बना दिया है।
हसनपुर: तेज प्रताप की पुरानी सीट पर नया मुकाबला
हसनपुर सीट पहले तेज प्रताप यादव के कब्जे में थी, लेकिन अब यहां राजद ने माला पुष्पम को उम्मीदवार बनाया है। उनका मुकाबला जदयू के राज कुमार राय से है। राज कुमार राय ने तेज प्रताप से पहले दो बार इस सीट से जीत दर्ज की थी। अब यह सीट राजद बनाम जदयू के पारंपरिक संघर्ष की अगली कड़ी बन गई है।
पहले चरण का मतदान
चरण तिथि सीटों की संख्या जिलों की संख्या कुल उम्मीदवार
पहला चरण 6 नवंबर 2025 121 18 1314
दूसरा चरण 11 नवंबर 2025 122 20+ तय होगा
मतगणना 14 नवंबर 2025 — — —
पहले चरण का रण…6 नवंबर को 121 सीटों पर मतदान
पहले चरण में बिहार की 121 सीटों पर 6 नवंबर को मतदान होगा। जिसमें
आलमनगर, बिहारीगंज, सिंहेश्वर (एससी),मधेपुरा सहरसा, सोनबर्षा (एससी), महिषी, कुशेश्वर अस्थान (एससी),सिमरी बख्तियारपुर, गौरा बौराम,अलीनगर,बेनीपुर, दरभंगा ग्रामीण, दरभंगा, हायाघाट, केवटी,बहादुरपुर जाले, गायघाट, मुजफ्फरपुर, कांटी, औराई, मीनापुर, बोचहा (एससी), सकरा (एससी), कुरहनी, बरुराज, पारू, भोरे (एससी), हथुआ, सिवान, साहेबगंज, बैकुंठपुर, बरौली, गोपालगंज, कुचायकोटे, गोरियाकोठी, महाराजगंज, एकमा, जीरादेई दरौली (अनुसूचित जाति), रघुनाथपुर, दरौंधा, बड़हरिया,गरखा (एससी), अमनौर, परसा,सोनपुर,हाजीपुर,लालगंज,वैशाली,महुआ,राजापाकर (एससी),राघोपुर,महनार, मांझी,बनियापुर,तरैया,मढ़ौरा,छपरा,पातेपुर (एससी),कल्याणपुर (एससी),वारिसनगर, समस्तीपुर,उजियारपुर,मोरवा,सरायरंजन,मोहिउद्दीननगर,विभूतिपुर,रोसेरा (एससी),
हसनपुर,चेरिया बरियारपुर,बछवाड़ा,तेघरा,मटिहानी,साहेबपुरकमाल,बेगूसराय,बखरी (एससी),अलौली (अनुसूचित जाति),खगरिया,बेलदौर,परबत्ता,तारापुर,मुंगेर,जमालपुर, सूर्यगढ़ा,लखीसराय,शेखपुरा,बरबीघा,अस्थावां,बिहारशरीफ,राजगीर (एससी),इस्लामपुर, हिलसा,,नालन्दा,हरनौत,मोकामा,बाढ़,बख्तियारपुर,दीघा,बांकीपुर,कुम्हरार,पटना साहिब,
फतुहा,दानापुर,मनेर,फुलवारी (एससी),मसौढ़ी (एससी),पालीगंज,बिक्रम,संदेश,बड़हरा आरा,अगिआंव (एससी),तरारी,जगदीशपुर,शाहपुर,ब्रह्मपुर,बक्सर,दुमरांव और राजपुर (एससी) सीट शामिल है।
पहले चरण का मतदान बिहार की राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। तेजस्वी और तेज प्रताप यादव की पारिवारिक सीटों से लेकर, सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा जैसी दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है। वहीं मैथिली ठाकुर जैसी नई चेहरे चुनावी समीकरणों में नई ऊर्जा और दिलचस्पी लेकर आई हैं। 6 नवंबर को जनता यह तय करेगी कि बिहार की राजनीति की नई सुबह किसके साथ उगेगी। प्रकाश कुमार पांडेय





