बिहार चुनावी रणक्षेत्र में सियासी गर्माहट: अमित शाह बेतिया-पटना में बैठक करेंगे, प्रियंका गांधी शुरू करेंगी अधिकार यात्रा

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बिहार चुनावी रणक्षेत्र में सियासी गर्माहट: अमित शाह बेतिया-पटना में बैठक करेंगे, प्रियंका गांधी शुरू करेंगी अधिकार यात्रा

बिहार विधानसभा चुनावों के चलते राज्य में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। @Union Home Minister Amit Shah केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और @Congress General Secretary Priyanka Gandhi Vadra कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा आज से बिहार दौरे पर हैं, और दोनों पार्टियों ने चुनावी रफ्तार बढ़ा दी है।

अमित शाह का दौरा और बीजेपी की रणनीति

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज से बिहार के दो दिवसीय दौरे पर हैं। शाह का कार्यक्रम काफी व्यस्त है और इसमें राज्य के कई महत्वपूर्ण जिलों में बैठकें शामिल हैं। वह सुबह कोलकाता से कुशीनगर एयरपोर्ट पहुंचे और दोपहर 2.30 बजे हेलिकॉप्टर के जरिए बेतिया जाएंगे।

बेतिया में शाह दोपहर तीन बजे बीजेपी की क्षेत्रीय बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में पार्टी के केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल भी मौजूद रहेंगे। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक विधानसभा चुनावों की रणनीति तैयार करने और पार्टी के प्रत्याशियों को अंतिम दिशा देने के लिए आयोजित की गई है।

शाह शाम 5.15 बजे बेतिया से पटना एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से सीधे प्रदेश बीजेपी कार्यालय जाएंगे और विधानसभा चुनाव को लेकर हाई लेवल मीटिंग में शामिल होंगे। इसके बाद शाह पटना में ही रात भर ठहरेंगे।

27 सितंबर का कार्यक्रम

अमित शाह 27 सितंबर को दो और क्षेत्रीय बैठकों में शामिल होंगे। वह सुबह 11.30 बजे समस्तीपुर के सरायरंजन में आयोजित बैठक में शामिल होंगे। दोपहर 2.30 बजे वह अररिया के फारबिसगंज में क्षेत्रीय बैठक करेंगे। शाम 4.30 बजे अररिया से पूर्णिया एयरपोर्ट जाएंगे और वहां से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

बीजेपी ने इस बार बिहार में अपनी रणनीति काफी मजबूत रखी है। पार्टी ने धर्मेंद्र प्रधान को चुनाव प्रभारी बनाया है, जबकि केशव प्रसाद मौर्य और सीआर पाटिल को सह-प्रभारी बनाया गया है। जानकारों के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान को बिहार में उतारना पार्टी की रणनीति का अहम हिस्सा है, ताकि प्रदेश में चुनावी तैयारियों को तीव्र गति मिल सके।

विश्लेषकों का मानना है कि अमित शाह के दौरे का उद्देश्य न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को सक्रिय करना है, बल्कि स्थानीय मुद्दों और क्षेत्रीय मतदाताओं की प्राथमिकताओं को समझना भी है।

प्रियंका गांधी का आज अधिकार यात्रा अभियान

वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा @Congress General Secretary Priyanka Gandhi Vadra भी आज बिहार दौरे पर हैं। उन्होंने अपने कार्यक्रम की शुरुआत पटना से की। प्रियंका सुबह 11.15 बजे पटना एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट से वह सीधे सदाकत आश्रम गईं। सदाकत आश्रम में प्रियंका महिला संवाद कार्यक्रम में भाग लेंगी। इस कार्यक्रम में महिलाओं के सशक्तिकरण, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान प्रियंका ने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। महिला संवाद कार्यक्रम के बाद प्रियंका गांधी पटना से मोतिहारी के लिए रवाना होंगी। मोतिहारी में गांधी मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगी। इस सभा में उन्होंने अपने चुनावी एजेंडे और स्थानीय मुद्दों को जनता के सामने रखेंगी। विश्लेषकों के अनुसार, प्रियंका गांधी का अधिकार यात्रा अभियान महिलाओं और युवा मतदाताओं पर खास ध्यान केंद्रित करता है। कांग्रेस ने इसे चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।

चुनावी सियासत और प्रभाव

बिहार विधानसभा चुनाव के नज़दीक आने के साथ ही राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बीजेपी ने रणनीतिक रूप से पार्टी के शीर्ष नेताओं को बिहार भेजा है ताकि चुनावी तैयारी को गति मिल सके। वहीं, कांग्रेस महिलाओं और युवाओं को जोड़कर अपने चुनाव अभियान को व्यापक बनाने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस दौरे के दौरान दोनों पार्टियों के नेताओं की गतिविधियाँ मतदाताओं के मनोविज्ञान पर असर डालेंगी। क्षेत्रीय बैठकों और जनसभाओं के माध्यम से स्थानीय मुद्दों और विकास कार्यों को उजागर किया जाएगा।
बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं की यह दौड़ बिहार की राजनीतिक तस्वीर को बदलने की संभावना रखती है।

आगामी दिनों में चुनावी कार्यक्रम, रैलियों और जनसभाओं की संख्या बढ़ सकती है

26 सितंबर 2025 के दिन बिहार चुनावी रणक्षेत्र में राजनीतिक हलचल के लिए यादगार साबित हो सकता है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के दौरे से दोनों पार्टियों ने अपनी चुनावी रफ्तार बढ़ा दी है। बीजेपी अपने क्षेत्रीय बैठकों और हाई लेवल रणनीति के माध्यम से चुनाव तैयारियों को पुख्ता कर रही है, जबकि कांग्रेस महिलाओं और युवाओं को जोड़कर अधिकार यात्रा के जरिए अपनी जड़ें मजबूत करने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में इन दौरों और बैठकों का प्रभाव मतदाताओं के फैसले पर साफ दिखेगा। दोनों पार्टियां हर वर्ग और क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के प्रयास में जुटी हैं। प्रकाश कुमार पांडेय

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