बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण ने मतदान के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया है। राज्य के जिन 121 सीटों पर मतदान होना था, वहां सुबह से ही वोटरों की अभूतपूर्व भीड़ दिखाई दी। पहले चरण में कुल 1314 उम्मीदवार मैदान में हैं और मतदाताओं ने जमकर मतदान उकेरते हुए संकेत दे दिया है कि इस बार चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प होने वाला है। दोपहर तक ही 2020 विधानसभा चुनाव का औसत मतदान पार हो चुका था और शाम 5 बजे तक वोटिंग 60.13% तक पहुंच गई, जो पिछले चुनावों की तुलना में काफी अधिक है। 2020 में जहां कुल मतदान 58.7% था, वहीं 2015 के चुनाव में यह आंकड़ा 56.9% पर रुका था। इस बार का मतदान रुझान साफ दर्शाता है कि जनता इस चुनाव को लेकर बेहद उत्साहित है और मताधिकार के प्रयोग में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है।
रिकॉर्ड टूटा—2020 और 2015 से ज्यादा मतदान
पहले चरण की वोटिंग ने इस बार सभी पुराने रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। 2020 की 58.7% और 2015 की 56.9% के मुकाबले इस बार 60.13% वोट पड़े। बढ़ता मतदान रुझान बता रहा है कि जनता इस चुनाव को लेकर खासा उत्साहित है।
जिलावार तस्वीर—कौन आगे, कौन पीछे
सबसे ज्यादा मतदान बेगूसराय 67.31%, समस्तीपुर 66.65%, मधेपुरा 65.74%, गोपालगंज 64.96%, मुजफ्फरपुर 64.63% में दर्ज हुआ। वहीं शेखपुरा 52.36% के साथ सबसे नीचे रहा।
1314 उम्मीदवारों की किस्मत EVM में बंद
पहले चरण में 1314 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। जहां ज्यादा वोटिंग हुई है, वहां मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। कम मतदान वाले क्षेत्रों में उम्मीदवारों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
शांतिपूर्ण मतदान—तनावग्रस्त क्षेत्रों में भी व्यवस्था मजबूत
कई इलाकों में पहले तनाव की आशंका थी, लेकिन सुरक्षा बंदोबस्त मजबूत रहे। पूरे चरण में मतदान शांतिपूर्ण रहा और प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी।





