Bihar News: मछली पालन में आत्मनिर्भर बना बिहार, मिला Agriculture Leadership Award 2025….मत्स्य पालन का मॉडल राज्य बना बिहार ..

बिहार को मिला कृषि नेतृत्व का राष्ट्रीय सम्मान

बिहार को एग्रीकल्चर लीडरशिप अवार्ड Agriculture Leadership Award 2025 से सम्मानित किया गया है। यह अवार्ड राज्य को अंतर्देशीय मत्स्य पालन के क्षेत्र में परिवर्तनकारी नेतृत्व, तेजी से विकास के साथ ही Water Agriculture जल कृषि के जरिए से Rural Livelihood Empowerment ग्रामीण आजीविका Empowerment सशक्तिकरण के लिए दिया गया है। यह Honors  देश के उन States राज्यों को दिया जाता है जिन्होंने Agriculture and Rural Sector में अनुकरणीय योगदान दिया हो।

16वें Agriculture Leadership Award कॉन्क्लेव 2025 में यह अवार्ड नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया। जिसमें केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल हुईं। बिहार की ओर से यह अवार्ड पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन विजयलक्ष्मी ने प्राप्त किया।

मछली पालन में किया ऐतिहासिक प्रदर्शन, 101% लक्ष्य प्राप्त

पिछले Financial Year 2024 से 2025 के बीच बिहार प्रदेश ने लगभग 9 लाख 50 हजार लाख मीट्रिक टन Fish Production किया था। था। यह Target set पूर्व निर्धारित लक्ष्य का करीब 101 प्रतिशत है। ऐसे में अब यह न केवल एक आंकड़ा है, बल्कि यह इस बात का प्रकाण भी है कि Fish farming in Bihar बिहार अब मछली पालन में आत्मनिर्भर हो चुका है। जहां पहले राज्य को अपनी मछली संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं आज बिहार देश के अन्य हिस्सों में मछली का निर्यात कर रहा है। इस सफलता का श्रेय राज्य सरकार की नीतिगत दूरदर्शिता, तकनीकी नवाचार, और मत्स्य किसानों के सहयोग को जाता है।

ग्रामीण आजीविका और जलवायु का बेहतरीन उपयोग

अपर मुख्य सचिव डॉ. एन विजयलक्ष्मी ने कहा कि Agriculture Leadership Award यह उपलब्धि बिहार के लाखों मत्स्य किसानों की मेहनत, विभागीय कर्मियों की समर्पण भावना और नीतीश सरकार की नीतियों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि बिहार की जलवायु, भूगोल और संसाधनों का वैज्ञानिक और सतत तरीके से उपयोग कर इस बदलाव को संभव बनाया गया है।

बिहार ने न केवल मछली उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि हजारों परिवारों को स्थायी रोजगार और आय का साधन भी उपलब्ध कराया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और कृषि के विविधीकरण की दिशा में राज्य एक मजबूत उदाहरण बनकर उभरा है।

तकनीकी नवाचारों और योजनाओं का असर
राज्य सरकार ने मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू कीं।

मछली बीज उत्पादन केंद्रों का विस्तार

बायोफ्लॉक तकनीक के जरिए सीमित जगह में अधिक उत्पादन

इनपुट सब्सिडी, तालाब निर्माण और पालन प्रशिक्षण

खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण को सुदृढ़ करना

इन सभी पहलों ने मत्स्य पालकों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया और बाजार से जोड़ने का काम किया।

राष्ट्रव्यापी पहचान और प्रेरणा

बिहार की यह उपलब्धि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। राज्य ने यह दिखाया है कि यदि राजनीतिक इच्छाशक्ति, संसाधनों का सही इस्तेमाल और Plans should be made keeping farmers at the center किसानों को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई जाएं। जिससे किसानों को किसी भी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता संभव है। इस सम्मान से बिहार की वैश्विक Agricultural Map कृषि मानचित्र पर पहचान मजबूत हुई है। आने वाले दिनों में राज्य न केवल उत्पादन में वृद्धि करेगा बल्कि मत्स्य उत्पादों के प्रोसेसिंग और निर्यात के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छुएगा।

बिहार बना मत्स्य पालन का मॉडल राज्य

बिहार की यह उपलब्धि केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि लाखों मत्स्य पालकों के जीवन में आए परिवर्तन की पुष्टि है। एग्रीकल्चर लीडरशिप अवार्ड 2025 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिहार अब सिर्फ कृषि उत्पादन नहीं, बल्कि जल कृषि में भी नेतृत्वकारी राज्य बन चुका है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में आगे भी राज्य सरकार सतत विकास, तकनीक आधारित समाधान, और किसान हितैषी योजनाओं के माध्यम से किसानों और ग्रामीण समुदायों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में काम करती रहेगी। प्रकाश कुमार पांडेय

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