बिहार विधानसभा सत्र: मतदाता सूची पर गरमाई सियासत… महबूब बोले ‘घुसपैठियों के नाम पर मुसलमानों को गाली दे रहे हैं’
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को भी मतदाता सूची पुनरीक्षण Voter List Revision को लेकर गर्मागर्म बहस देखने को मिली। बिहार में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना हैं। ऐसे में सत्र विधानसभा चुनाव से पहले का अंतिम सत्र माना जा रहा है। लिहाज सभी दलों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव से लेकर सीपीआई, सीपीएम, एआईएमआईएम और कांग्रेस के नेताओं ने इस पर तीखे सवाल उठाए।
बिहार विधानसभा का मानसून सत्र
चौथे दिन भी हुअ मतदाता सूची पुनरीक्षण पर हंगामा
बिहार विधानसभा में गुरुवार को मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर माहौल गर्म रहा। जहां विपक्ष ने इसे अल्पसंख्यकों और गरीबों को निशाना बनाने वाली नीति बताया, वहीं सत्तारूढ़ पक्ष और समर्थक दलों ने इसे राज्य में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की कवायद बताया। लेकिन एक बात साफ है—आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा सियासी बहस का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
महबूब आलम का तीखा हमला: “घुसपैठियों के नाम पर मुसलमानों को गाली”
भाकपा माले के विधायक महबूब आलम ने सदन में तीखा भाषण देते हुए कहा “ये घुसपैठिया के नाम पर मुसलमानों को गाली दे रहे हैं। यह सीधा-सीधा एक वर्ग विशेष को निशाना बनाने की साजिश है। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की आड़ में अल्पसंख्यकों को परेशान किया जा रहा है और यह संविधान की भावना के विरुद्ध है।
तेजस्वी यादव का हमला: “50 लाख फर्जी वोटर हैं तो चुनाव क्यों नहीं रद्द?”
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बुधवार को अधूरा रह गया भाषण गुरुवार को पूरा किया। उन्होंने सरकार से तीखा सवाल करते हुए पूछा अगर 40 से 50 लाख फर्जी वोटर्स हैं तो क्या 2024 में हुआ लोकसभा चुनाव रद्द करेंगे?। तेजस्वी के अनुसार, सरकार इस मुद्दे का इस्तेमाल विधानसभा चुनाव से पहले माहौल बनाने के लिए कर रही है। उनका कहना था कि यह प्रक्रिया विधानसभा चुनाव के बाद होनी चाहिए।
अख्तरुल ईमान बोले: सीमांचल में अफसर नहीं दे रहे प्रमाणपत्र
एआईएमआईएम के नेता अख्तरुल ईमान ने सीमांचल क्षेत्र की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “70% गरीबों के पास जरूरी कागज़ नहीं हैं। सीमांचल के चार जिलों में अधिकारी जानबूझकर सर्टिफिकेट नहीं दे रहे हैं। यह प्रशासन की असंवेदनशीलता है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आधार और निवास प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों की मांग, गरीबों के लिए भारी साबित हो रही है।
हम पार्टी की विधायक की नीतीश कुमार की तारीफ
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा की विधायक ज्योति देवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का समर्थन किया। उन्होंने कहा “राज्य में कुछ बाहरी लोग वोटर लिस्ट में गलत तरीके से नाम जुड़वा रहे हैं। सरकार की स्पष्ट नीति है कि घुसपैठियों को बाहर किया जाए। उन्होंने नेपाल और बंगाल से आने वाले लोगों का उल्लेख करते हुए सरकार के फैसलों को सही ठहराया।
सीपीआई का हमला: “दो लोग 14 करोड़ बिहारवासियों को चुनौती दे रहे हैं। सीपीआई विधायक सूर्यकांत पासवान ने कहा बिहार की पहचान एकता और लोकतंत्र है। लेकिन अब दो लोग 14 करोड़ बिहारवासियों के अधिकारों को चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया और जनता से सतर्क रहने की अपील की।
विपक्ष का वॉकआउट और सदन की कार्यवाही स्थगित
राजद विधायक भाई वीरेंद्र के एक बयान पर सत्ता पक्ष भड़क गया। जिससे सदन में शोरगुल हुआ और स्पीकर को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। बाद में स्पीकर ने हंगामे के बीच सरकार के विधायी कार्य निपटाए। हालांकिआखरी में विपक्ष वॉकआउट कर सदन से बाहर चला गया।