राष्ट्रीय जनता दल आरजेडी सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव आज 11 जूनको अपना 78वां जन्मदिन मना रहे हैं। यह दिन केवल एक निजी उत्सव नहीं रहा, बल्कि “सामाजिक न्याय एवं सद्भावना दिवस” के रूप में मनाया जा रहा है। इस मौके पर पार्टी ने लालू यादव की विचारधारा और संघर्ष को सेवा कार्यों के ज़रिए जन-जन तक पहुँचाने की कोशिश की।
- राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का 78वां जन्मदिन
- पार्टी मना रही “सामाजिक न्याय एवं सद्भावना दिवस”
- बिहार में राजद कार्यकर्ता सामाजिक कार्यों और सेवा गतिविधियों में जुटे
- दलित, महादलित और वंचित समुदायों को भोजन वितरण
- बच्चों को पठन सामग्री और स्टेशनरी का वितरण
- पौधारोपण अभियान कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश
पटना स्थित पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर विशेष आयोजन किया गया है। जहां 78 पौंड का केक काटने की तैयारी है। इस कार्यक्रम में राजद के वरिष्ठ नेता, विधायक, सांसद, और हजारों कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं। विधानसभा चुनाव के चलते राजद ने इस दिन को सेवा भाव के साथ मनाने की योजना बनाई है। पूरे बिहार के सभी जिलों में दलित, महादलित, वंचित और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच भोजन वितरण का कार्यक्रम किया जा रहा है। बच्चों को पठन सामग्री का वितरण की जा रही है।
पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। राजद कार्यकर्ताओं ने इसे केवल पार्टी के नेता का जन्मदिन नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और न्याय के प्रति संकल्प का दिन बताया।
दिल्ली में भी कार्यक्रम
दिल्ली में भी लालू यादव का जन्मदिन उत्साहपूर्वक मनाया गया। जेएनयू में छात्र राजद इकाई ने विशेष कार्यक्रम आयोजित किया और पोस्टरों के माध्यम से लालू यादव को “बेजुबानों की जुबान” और “बेसहारों का सहारा” बताया। छात्र नेताओं ने उन्हें सामाजिक न्याय की राजनीति का आदर्श पुरुष बताया।
तेजस्वी यादव का संदेश
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर पिता को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने लिखा पापा आपने हमें संघर्ष, समर्पण और गरीबों के हक के लिए आवाज़ उठाना सिखाया है। आपकी दी गई शिक्षा ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।
फुलवारिया में जन्म पूरे बिहार में छा गए लालू
लालू प्रसाद यादव का जन्म 11 जून 1947 को बिहार के गोपालगंज जिले के फुलवरिया गांव में हुआ था। वे न केवल बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं, बल्कि भारत के रेल मंत्री के रूप में भी अपनी प्रभावशाली छाप छोड़ चुके हैं। उन्होंने मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू कर भारत की राजनीति में सामाजिक न्याय की एक नई लहर शुरू की। लालू यादव का जन्मदिन अब केवल एक पारिवारिक आयोजन नहीं रह गया है। यह सामाजिक न्याय के विचार को जन-जन तक पहुँचाने का एक सार्वजनिक उत्सव बन चुका है। राजद इस दिन को सेवा और संवेदना के माध्यम से आम जनता तक पहुँचने का जरिया बना रही है। यह पहल न सिर्फ लालू यादव के विचारों को जीवित रखती है, बल्कि सामाजिक समरसता का संदेश भी देती है।
लालू यादव….संघर्ष से नेतृत्व तक
लालू प्रसाद यादव का जन्म 11 जून 1947 को बिहार के गोपालगंज जिले के फुलवरिया गांव में हुआ। वे बिहार के मुख्यमंत्री और रेल मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू करवाकर पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की लड़ाई को धार दी। यही कारण है कि वे आज भी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के बीच अत्यधिक लोकप्रिय हैं।…(प्रकाश कुमार पांडेय)